भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर महिला ने बच्ची को दिया जन्म, आरपीएफ और मेरी सहेली टीम ने कराई सुरक्षित डिलीवरी बंगिरिपोसी-पुरी एक्सप्रेस से यात्रा कर रही महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने पर भुवनेश्वर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर आरपीएफ और मेरी सहेली टीम ने कपड़ों का घेरा बनाकर सुरक्षित प्रसव कराया। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर एक भावुक और सराहनीय घटना सामने आई, जहाँ ट्रेन यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला की सुरक्षा बल के जवानों ने तत्परता से मदद की। यात्रा कर रही महिला को अचानक असहनीय दर्द शुरू हो गया था और अस्पताल पहुँचने का समय बिल्कुल नहीं बचा था। ऐसी आपात स्थिति में रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ और स्टेशन पर तैनात 'मेरी सहेली' दल ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए प्लेटफॉर्म पर ही सुरक्षित डिलीवरी कराई। महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया और बाद में दोनों को चिकित्सीय देखरेख के लिए अस्पताल भेजा गया। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुँचते ही बिगड़ी महिला यात्री की हालत पीड़ित महिला बंगिरिपोसी-पुरी एक्सप्रेस में सफर कर रही थी। ट्रेन जब अपने मार्ग पर आगे बढ़ रही थी, तभी रास्ते में ही महिला को तेज प्रसव पीड़ा महसूस होने लगी। जैसे ही ट्रेन भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर आकर रुकी, महिला की शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। दर्द इतना अधिक बढ़ गया कि उसके लिए आगे का सफर जारी रखना या स्टेशन परिसर से बाहर निकलना नामुमकिन हो गया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों ने जब महिला को असहज स्थिति में देखा, तो तुरंत रेलवे सुरक्षा कर्मियों को मामले की गंभीरता से अवगत कराया गया। कपड़ों का घेरा बनाकर सुनिश्चित की गई प्राइवेसी महिला की नाजुक शारीरिक स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने समझा कि उसे किसी दूर के अस्पताल तक ले जाने का जोखिम नहीं उठाया जा सकता। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए आरपीएफ कर्मियों और 'मेरी सहेली' टीम ने मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा और डिलीवरी का प्रबंध करने का फैसला किया। सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर सबसे बड़ी चुनौती महिला की निजता और गरिमा की रक्षा करना था। टीम के सदस्यों ने बिना कोई देर किए चादरों और कपड़ों की मदद से प्लेटफॉर्म के एक हिस्से में चारों तरफ से एक अस्थायी घेरा तैयार किया। इस घेरे ने भीड़भाड़ वाले स्टेशन पर महिला को सुरक्षित, शांत और पूरी तरह निजी माहौल प्रदान किया, जिससे प्रसव प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सकी। ऑपरेशन मातृ शक्ति के तहत गूंजी नवजात की किलकारी आरपीएफ खुर्दा रोड डिवीजन द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, 02.10.2026 को भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर 'ऑपरेशन मातृ शक्ति' के तहत यह त्वरित सहायता प्रदान की गई थी। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई। कपड़ों के सुरक्षित घेरे के भीतर महिला ने एक नन्हीं बच्ची को जन्म दिया। जैसे ही नवजात शिशु की रोने की आवाज प्लेटफॉर्म पर गूंजी, राहत और खुशी की लहर दौड़ गई। मौके पर उपस्थित सुरक्षा कर्मियों, रेल कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने टीम के धैर्य और समर्पण की भरपूर सराहना की। कठिन और तनावपूर्ण माहौल अचानक ही एक सुखद अवसर में बदल गया। प्रसव के तुरंत बाद कैपिटल अस्पताल में भर्ती सफल प्रसव के तत्काल बाद माँ और नवजात शिशु की सेहत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। दोनों को स्टेशन से एम्बुलेंस के माध्यम से भुवनेश्वर के कैपिटल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुँचते ही चिकित्सकों के एक दल ने जच्चा और बच्चा की गहन स्वास्थ्य जाँच की। मेडिकल टीम ने पुष्टि की कि दोनों पूरी तरह स्वस्थ, सुरक्षित और खतरे से बाहर हैं। रेलवे स्टेशनों पर महिला यात्रियों की संरक्षा और आपातकालीन मदद के लिए कार्यरत 'मेरी सहेली' पहल के त्वरित निर्णय और मानवीय दृष्टिकोण ने इस पूरे घटनाक्रम को एक मिसाल बना दिया। इसका आप पर असर यह घटना दर्शाती है कि भारतीय रेल नेटवर्क पर आपातकालीन स्वास्थ्य और सुरक्षा सहायता तंत्र किस प्रकार सक्रिय रूप से काम कर रहा है। • भारत में: ट्रेन में यात्रा करने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के लिए यह एक आश्वस्त करने वाला उदाहरण है कि रेलवे स्टेशन पर त्वरित सहायता उपलब्ध होती है। किसी भी चिकित्सीय या सुरक्षा आपातकाल में यात्री ऑन-ड्यूटी सुरक्षा कर्मियों और हेल्पलाइन से तत्काल संपर्क साध सकते हैं। • भुवनेश्वर में: स्थानीय रेलवे स्टेशन और आसपास के स्वास्थ्य ढांचे की तत्परता यात्रियों के विश्वास को मजबूत करती है। कैपिटल अस्पताल में समय पर शिफ्ट किए जाने से शहर के स्वास्थ्य केंद्रों की मुस्तैदी भी स्पष्ट होती है। • मेरी सहेली पहल: महिला यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए तैनात विशेष टीमें ऐसे नाजुक पलों में निर्णायक साबित होती हैं। अकेले सफर करने वाली या परिवार के साथ यात्रा कर रही महिलाओं को इन सुरक्षा उपायों की जानकारी जरूर रखनी चाहिए। • आपातकालीन तैयारी: ट्रेन सफर के दौरान अंतिम चरण के गर्भ में यात्रा करते समय प्राथमिक चिकित्सा और नजदीकी प्रमुख स्टेशनों की जानकारी रखना हर परिवार के लिए उपयोगी है। समय रहते सुरक्षा बल को सूचित करने से तुरंत जीवनरक्षक कदम उठाए जा सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह घटना इसलिए घटित हुई क्योंकि ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला यात्री को अचानक अप्रत्याशित और तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। • अचानक प्रसव पीड़ा: महिला बंगिरिपोसी-पुरी एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थी जब रास्ते में ही उसे लेबर पेन शुरू हुआ। भुवनेश्वर स्टेशन पहुँचते-पहुँचते दर्द असहनीय हो गया और अस्पताल जाने का समय नहीं बचा। • प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी की अनिवार्यता: महिला की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसे शहर के अस्पताल तक ले जाने में जोखिम था। सुरक्षा बल ने किसी अनहोनी से बचने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर ही डिलीवरी कराने का त्वरित निर्णय लिया। • गोपनीयता और सुरक्षा प्रबंधन: भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान पर महिला की निजता बनाए रखने के लिए आरपीएफ और 'मेरी सहेली' टीम ने तुरंत कपड़ों का घेरा तैयार किया। इसी सुरक्षित घेरे के भीतर शिशु का जन्म संभव हो सका। सवाल-जवाब 1. भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर किस प्लेटफॉर्म पर महिला ने बच्ची को जन्म दिया? महिला ने भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर बच्ची को जन्म दिया। 2. महिला किस ट्रेन में यात्रा कर रही थी? महिला बंगिरिपोसी-पुरी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रही थी। 3. डिलीवरी कराने में किन टीमों ने मुख्य भूमिका निभाई? रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ और 'मेरी सहेली' टीम ने मिलकर महिला की डिलीवरी कराई। 4. डिलीवरी के बाद माँ और नवजात को किस अस्पताल ले जाया गया? प्रसव के बाद दोनों को भुवनेश्वर के कैपिटल अस्पताल में भर्ती कराया गया। 5. यह घटना किस तारीख को घटित हुई थी? यह घटना 02.10.2026 को भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर हुई थी। 6. अस्पताल जाँच के बाद जच्चा और बच्चा की सेहत कैसी है? डॉक्टरों की जाँच के बाद माँ और नवजात बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं। https://trendkia.com/odisha/bhubaneswar-railway-station-para-mahila-ne-bachchi-ko-diya-janma-rpf-aura-meri-saheli-tima-ne-karai-surakshita-dilivari-42599 TrendKia — Har trend, sabse pehle.