ओडिशा के कंधमाल में ज़मीन विवाद ने लिया खूनी रूप, भतीजों ने चाचा की हत्या कर जंगल में जलाया शव ओडिशा के कंधमाल जिले में ज़मीन विवाद के चलते दो भतीजों ने अपने चाचा की लकड़ी के पट्टों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को पास के जंगल में जला दिया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। ओडिशा के कंधमाल जिले में संपत्ति विवाद को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक वारदात सामने आई है। दारिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिकानबाड़ी गांव में पारिवारिक ज़मीन पर खेती करने की बात पर शुरू हुआ झगड़ा खूनी हिंसा में बदल गया। यहां दो भतीजों ने मामूली कहासुनी के बाद अपने सगे चाचा की बेरहमी से हत्या कर दी और अपराध छिपाने के लिए उनके शव को जंगल में जला दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। खेती करने से रोकने पर बढ़ा विवाद पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान सिकानबाड़ी गांव के रहने वाले मिश्र प्रधान के तौर पर हुई है। उनका अपने दो भतीजों संजय प्रधान और सिद्धांत प्रधान के साथ काफी समय से एक ज़मीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। 13 अगस्त को यह विवाद उस समय उग्र हो गया जब संजय प्रधान और सिद्धांत प्रधान विवादित ज़मीन पर जाकर खेती करने लगे। जब मिश्र प्रधान को इस बात का पता चला, तो वे मौके पर पहुंचे और दोनों भतीजों को उस ज़मीन पर काम करने से मना किया। इसी बात को लेकर उनके बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दोनों पक्षों में काफी देर तक जुबानी जंग चलती रही। इसके बाद दोनों भतीजे वहां से हटकर पास के एक घने जंगल की तरफ चले गए। मिश्र प्रधान भी बहस को आगे बढ़ाते हुए उनके पीछे-पीछे जंगल की ओर चले गए। जंगल में हमला और साक्ष्य मिटाने की कोशिश जंगल के भीतर पहुंचते ही तीनों के बीच एक बार फिर से विवाद भड़क उठा। गुस्साए संजय प्रधान और सिद्धांत प्रधान ने आपा खो दिया और पास में पड़े भारी लकड़ी के पट्टों से मिश्र प्रधान पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में गंभीर चोटें आने के कारण मिश्र प्रधान की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपी पकड़े जाने के डर से काफी समय तक जंगल में ही छिपे रहे। हत्या के साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के इरादे से दोनों आरोपियों ने जंगल से सुखी लकड़ियां इकट्ठा कीं। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर मिश्र प्रधान के शव पर लकड़ियां रखकर उसमें आग लगा दी। जंगल की तरफ से धुंआ उठता देख और जलता हुआ शव देखकर आसपास के ग्रामीण चौकन्ने हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत इस घटना की सूचना दारिंगबाड़ी थाना पुलिस को दी। सूचना पाते ही पुलिस बल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस जांच और आरोपियों का इकबाल-ए-जुर्म घटना की गंभीरता को देखते हुए दारिंगबाड़ी थाने में केस नंबर 212/2026 दर्ज किया गया। मामले की गहन जांच-पड़ताल के लिए पुलिस अधिकारियों ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया। संदेह के आधार पर पुलिस ने संजय प्रधान और सिद्धांत प्रधान को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की। पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चाचा की हत्या करने और शव को जलाने में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पूछताछ में जुर्म कबूल करने के बाद दोनों आरोपी पुलिस टीम को जंगल के उस स्थान पर भी ले गए जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था और शव को जलाया था। पुलिस ने अपराध स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने संजय प्रधान और सिद्धांत प्रधान को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस इस मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई कर रही है। इसका आप पर असर • भारत में: संपत्ति के पारिवारिक विवादों को कानूनी तरीके से न सुलझाने पर हिंसा और गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। • ओडिशा में: कंधमाल जिले के गांवों में भूमि विवादों के समय पर समाधान और स्थानीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जगह और किस तारीख को हुई? यह घटना 13 अगस्त को ओडिशा के कंधमाल जिले के दारिंगबाड़ी थाना क्षेत्र स्थित सिकानबाड़ी गांव में हुई। 2. मामले में मृतक और मुख्य आरोपियों की पहचान क्या है? मृतक की पहचान सिकानबाड़ी गांव निवासी मिश्र प्रधान के रूप में हुई है, जबकि गिरफ्तार आरोपी उनके दो भतीजे संजय प्रधान और सिद्धांत प्रधान हैं। 3. हत्या के पीछे क्या मुख्य वजह थी? हत्या की मुख्य वजह पारिवारिक ज़मीन पर खेती करने को लेकर चल रहा पुराना विवाद और घटना के दिन हुई कहासुनी थी। 4. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है? दारिंगबाड़ी पुलिस ने केस नंबर 212/2026 दर्ज कर विशेष टीम गठित की, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और अदालत के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया। https://trendkia.com/odisha/odisha-ke-kandhamal-men-zamina-vivada-ne-liya-khuni-rupa-bhatijon-ne-chacha-ki-hatya-kara-jngala-men-jalaya-shava-19023 TrendKia — Har trend, sabse pehle.