# ओडिशा के मयूरभंज में ऑक्सीजन खोलते ही एंबुलेंस में भीषण विस्फोट, मरीज की मौत और दो गंभीर

> मयूरभंज जिले में एक निजी एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व खोलते समय जबरदस्त धमाका हुआ, जिसमें छत 40 फीट दूर जा गिरी और गंभीर मरीज ने दम तोड़ दिया।

**Type:** article · **Category:** ओडिशा · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/odisha/odisha-ke-mayurbhanj-men-ksijana-kholate-hi-enbulensa-men-bhishana-visphota-marija-ki-mauta-aura-do-gnbhira-45275 · **Language:** Hindi
**Tags:** मयूरभंज हादसा, एंबुलेंस विस्फोट, ओडिशा समाचार, उदला अस्पताल, सिलेंडर ब्लास्ट

ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बेहतर उपचार के लिए अस्पताल ले जाए जा रहे एक मरीज की एंबुलेंस में अचानक भीषण आग लग गई और कानफाड़ू धमाका हुआ। उदला उपमंडलीय अस्पताल के समीप घटित इस भयानक हादसे में जीवन से संघर्ष कर रहे मरीज की जलने से मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान कुंडाबाई क्षेत्र के निवासी सुयश कुमार बारिक के तौर पर की गई है। सुयश कुमार रक्त संक्रमण (ब्लड इन्फेक्शन) से पीड़ित थे और उनकी नाजुक हालत को देखते हुए परिजन उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सीय सुविधा के लिए भुवनेश्वर ले जाने की तैयारी में थे।

## ऑक्सीजन सिलेंडर चालू करते ही फटा वाहन, 40 फीट दूर गिरी छत
पीड़ित परिवार ने मरीज को भुवनेश्वर ले जाने के मकसद से एक निजी ऑपरेटर की एंबुलेंस किराए पर ली थी। यात्रा के दौरान उदला उपमंडलीय अस्पताल के निकट मरीज को सांस लेने में कठिनाई महसूस हुई, जिस पर वाहन चालक ने सहायता हेतु ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व खोलने का प्रयास किया। जैसे ही वाल्व घुमाया गया, वाहन के भीतर अचानक लपटें भड़क उठीं और कुछ ही पलों में एक जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट का झटका इतना प्रचंड था कि एंबुलेंस की धातु की छत उखड़कर हवा में उछली और करीब 40 फीट दूर जाकर गिरी। देखते ही देखते भीषण आग ने समूचे वाहन को अपनी लपेट में ले लिया, जिससे मार्ग पर भारी अफरा-तफरी मच गई।

वाहन में आग धधकते देख मरीज के परिजनों ने अदम्य साहस दिखाते हुए किसी तरह सुयश कुमार को बाहर निकाला। लेकिन तब तक आग की लपटों से उनका शरीर अत्यंत गंभीर रूप से झुलस चुका था। बाहर निकाले जाने के महज कुछ ही मिनटों के भीतर उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

## अस्पताल परिसर में फैली दहशत, दमकल कर्मियों ने पाया काबू
इस आकस्मिक आपदा में दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से आग और विस्फोट की चपेट में आकर घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका गहन उपचार चल रहा है। धमाके की भयावह आवाज सुनकर उपमंडलीय अस्पताल परिसर, आसपास मौजूद अन्य मरीज, उनके तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मी बुरी तरह सहम गए और समूचे इलाके में सनसनी फैल गई।

घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन विभाग का दस्ता राहत उपकरणों के साथ मौके पर पहुँचा। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में लगी विकराल आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। पुलिस प्रशासन ने निजी ऑपरेटर के इस वाहन से जुड़े हादसे के संबंध में औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है। संबंधित एजेंसियां अब यह तकनीकी जाँच कर रही हैं कि वाल्व खोलते वक्त चिंगारी कैसे भड़की और किन परिस्थितियों ने ऑक्सीजन सिलेंडर को इतने बड़े विस्फोट में तब्दील कर दिया।

## इसका आप पर असर
निजी चिकित्सा वाहनों में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन उपकरणों के रख-रखाव को लेकर यह घटना बेहद गंभीर चेतावनी है।

- **भारत में:** निजी एंबुलेंस सेवाओं में ऑक्सीजन सिलेंडरों की सुरक्षा जाँच और उपकरणों के मानकों को लेकर नियामक निगरानी बढ़ सकती है। मरीजों और परिजनों को आपातकालीन यात्रा से पहले वाहन में लगे उपकरणों की स्थिति और ऑपरेटर की सतर्कता की पुष्टि करनी चाहिए।
- **ओडिशा में:** मयूरभंज और आसपास के जिलों में निजी रोगी वाहनों के नियमित सुरक्षा ऑडिट और जाँच तेज होने की संभावना है। स्थानीय अस्पतालों के आसपास आपातकालीन वाहनों में अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर सख्ती बरती जा सकती है।
- **यात्रियों और तीमारदारों के लिए:** आपातकालीन वाहनों में यात्रा करते समय ऑक्सीजन आपूर्ति उपकरणों के संचालन पर सावधानीपूर्वक नजर रखना आवश्यक है। किसी भी तरह के रिसाव, गंध या अनियमितता का आभास होने पर तुरंत वाहन रोककर सुरक्षित दूरी बनानी चाहिए।
- **स्वास्थ्य कर्मियों और चालकों के लिए:** चिकित्सा गैस सिलेंडरों को खोलने और संभालने के सही तौर-तरीकों का प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए। वाल्व संचालन के दौरान ज्वलनशील तत्वों या घर्षण से बचाव के कड़े नियम लागू किए जाने चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
एंबुलेंस में यह भयानक हादसा मरीज को ऑक्सीजन सहायता उपलब्ध कराने के दौरान अचानक सिलेंडर का वाल्व खोलने पर हुआ।

- **सीधा कारण:** एंबुलेंस चालक ने जैसे ही मरीज को ऑक्सीजन देने के लिए सिलेंडर का वाल्व घुमाया, वाहन में अचानक आग भड़क गई और जोरदार धमाका हो गया। प्रारंभिक विवरण से संकेत मिलता है कि वाल्व संचालन के समय ही यह भयावह घटना घटित हुई।
- **परिस्थितियाँ:** निजी ऑपरेटर की एंबुलेंस में गंभीर रक्त संक्रमण से पीड़ित मरीज को भुवनेश्वर ले जाया जा रहा था, जहाँ रास्ते में उदला अस्पताल के पास मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। सीमित जगह में ऑक्सीजन के तीव्र बहाव या संभावित चिंगारी ने आग और दबाव को विस्फोटक स्तर तक पहुंचा दिया।
- **जाँच का दायरा:** प्रशासन ने मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने के लिए तकनीकी जाँच शुरू कर दी है कि वाल्व खोलते ही आग किन कारणों से भड़की और विस्फोट की वास्तविक परिस्थितियाँ क्या थीं।

## सवाल-जवाब

### 1. हादसा किस जगह और किस जिले में हुआ?
यह दुर्घटना ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित उदला उपमंडलीय अस्पताल के निकट हुई।

### 2. धमाके में जान गंवाने वाले मरीज की पहचान क्या है?
मृतक मरीज की पहचान कुंडाबाई निवासी सुयश कुमार बारिक के रूप में हुई है, जो रक्त संक्रमण से पीड़ित थे।

### 3. धमाका किस समय और कैसे हुआ?
जब एंबुलेंस चालक ने मरीज को ऑक्सीजन देने के लिए सिलेंडर का वाल्व खोला, तभी आग लग गई और भीषण विस्फोट हो गया।

### 4. विस्फोट कितना शक्तिशाली था?
धमाका इतना तीव्र था कि एंबुलेंस की छत उखड़कर करीब 40 फीट दूर जा गिरी और पूरा वाहन जलकर खाक हो गया।

### 5. हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं?
इस घटना में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

### 6. क्या एंबुलेंस सरकारी थी या निजी?
यह एंबुलेंस एक निजी ऑपरेटर की थी, जिसे परिजनों ने मरीज को भुवनेश्वर ले जाने के लिए किराए पर लिया था।

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