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  "type": "article",
  "title": "ओडिशा के स्कूल में आवारा कुत्ते के हमले में छात्र की उंगली कटी, ग्रामीणों ने जड़ा गेट पर ताला",
  "summary": "ओडिशा के बालेश्वर जिले में एक सरकारी स्कूल परिसर में आवारा कुत्ते ने शौचालय जा रहे छात्र पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी उंगली कट गई और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं। घटना से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़कर विरोध जताया।",
  "content": "ओडिशा के बालेश्वर जिले में एक सरकारी स्कूल के अंदर आवारा कुत्ते के हमले ने पूरे इलाके को हिला दिया है। स्कूल परिसर में शौचालय जा रहे एक छात्र पर अचानक कुत्ते ने हमला बोल दिया और उसकी एक उंगली बुरी तरह काट ली। हमले में छात्र के हाथ और पैर पर भी गहरे घाव आए हैं, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।\n\nकहां और कैसे हुई घटना\nयह पूरा मामला बालेश्वर जिले के खंटपड़ा थाना क्षेत्र में आने वाले रसालपुर गांव के सत्यनारायण सरकारी नोडल हाई स्कूल का है। छात्र स्कूल के शौचालय की तरफ जा रहा था, तभी परिसर में घूम रहे एक आवारा कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया। कुत्ते ने छात्र की उंगली को अपने दांतों से बुरी तरह जकड़ लिया और उसे काट डाला। इतना ही नहीं, बचने की कोशिश में छात्र के हाथ और पैर पर भी कुत्ते ने पंजों और दांतों से गहरे घाव कर दिए। हमले के तुरंत बाद स्कूल में मौजूद शिक्षकों को इसकी जानकारी मिली और हड़कंप मच गया।\n\nकटक के अस्पताल में भर्ती\nछात्र की हालत बिगड़ती देख स्कूल प्रशासन ने बिना देर किए उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। सरकारी एम्बुलेंस की मदद से छात्र को कटक भेजा गया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने छात्र के परिवार को आर्थिक मदद भी दी, क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है।\n\nअभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश\nछात्र पर हुए इस हमले के बाद पूरे स्कूल परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। खबर फैलते ही छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। लोगों का सवाल था कि आखिर स्कूल परिसर के अंदर आवारा कुत्ता पहुंचा ही कैसे और बच्चों की सुरक्षा के लिए वहां क्या इंतजाम किए गए थे। ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए थे, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो। नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के सामने प्रदर्शन किया और विरोध जताते हुए स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। उनकी मांग थी कि परिसर में आवारा कुत्तों के घुसने पर रोक लगाने के लिए तुरंत व्यवस्था की जाए, जिससे बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने का मौका मिल सके।\n\nप्रधानशिक्षक ने बताई पूरी घटना\nस्कूल के प्रधानशिक्षक राजेंद्र पात्रा ने घटना का पूरा ब्योरा साझा करते हुए बताया कि जिस समय वे दसवीं कक्षा में पढ़ा रहे थे, तभी करीब दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर उन्हें तीसरी कक्षा की एक शिक्षिका का फोन आया, जिन्होंने उन्हें तुरंत बुलाया और बताया कि एक बच्चे की हालत बहुत खराब है और उसे फौरन अस्पताल ले जाना होगा। राजेंद्र पात्रा ने कहा, \"मैं तुरंत अपने एक सह शिक्षक के साथ मौके पर गया, जिसके बाद हम अस्पताल गए।\" उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने सलाह दी कि बच्चे को कटक के एससीबी अस्पताल शिफ्ट किया जाए, जिसके बाद सरकारी एम्बुलेंस की व्यवस्था करके बच्चे को वहां भेजा गया। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल प्रशासन ने घायल बच्चे के अभिभावकों को हर तरह की सुविधा का भरोसा दिलाया और परिवार की गरीबी को देखते हुए आर्थिक सहायता भी दी। प्रधानशिक्षक के मुताबिक अगली सुबह जब वे करीब 9 बजे स्कूल पहुंचे, तो कुछ ही देर बाद अन्य शिक्षकों ने उन्हें बताया कि नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया है।\n\nताला खुला, पर सुरक्षा की मांग बरकरार\nस्कूल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने गेट का ताला तो खोल दिया, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर उनकी नाराजगी अब भी बनी हुई है। अभिभावक लगातार यह मांग कर रहे हैं कि स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर स्थायी समाधान निकाला जाए। दूसरी ओर, हमले में घायल छात्र का इलाज अभी भी कटक के एससीबी अस्पताल में जारी है और उसकी सेहत पर नजर रखी जा रही है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह घटना स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है, खासकर उन सरकारी स्कूलों में जहां चारदीवारी या सुरक्षा गार्ड की कमी है।\n• बालेश्वर, ओडिशा में: रसालपुर के अभिभावकों को अब बच्चों को स्कूल भेजते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी, जब तक स्कूल प्रशासन आवारा कुत्तों की एंट्री रोकने का स्थायी इंतजाम नहीं करता।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना कहां हुई?\nयह घटना ओडिशा के बालेश्वर जिले के खंटपड़ा थाना क्षेत्र स्थित रसालपुर गांव के सत्यनारायण सरकारी नोडल हाई स्कूल में हुई।\n\n2. छात्र को कितनी चोटें आईं?\nआवारा कुत्ते ने छात्र की एक उंगली काट ली और उसके हाथ व पैर पर भी गहरे घाव कर दिए।\n\n3. छात्र का इलाज कहां चल रहा है?\nछात्र को कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।\n\n4. ग्रामीणों ने क्या किया?\nनाराज ग्रामीणों ने स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।\n\n5. स्कूल के प्रधानशिक्षक कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?\nस्कूल के प्रधानशिक्षक राजेंद्र पात्रा हैं, जिन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वे सह शिक्षक के साथ मौके पर गए और बच्चे को अस्पताल पहुंचाया।\n\n6. क्या स्कूल का गेट अब भी बंद है?\nनहीं, समझाइश के बाद ग्रामीणों ने ताला खोल दिया है, लेकिन अभिभावक अब भी सुरक्षा इंतजाम की मांग कर रहे हैं।",
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  "category": "ओडिशा",
  "publishedAt": "2026-08-12",
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    "आवारा कुत्ता हमला",
    "ओडिशा स्कूल",
    "बालेश्वर",
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