IAS अधिकारी अश्वनी कुमार ने 'देवयानी' से शुरू किया एक्टिंग सफर, महिला सुरक्षा और समाज सुधार पर की खुलकर बात असम के IAS अधिकारी और IITian अश्वनी कुमार ने शॉर्ट फिल्म 'देवयानी' के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा है। इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा, कन्या भ्रूण हत्या और समाज की सोच में बदलाव लाना है। असम सरकार में DITEC के डायरेक्टर और IT सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत IAS अधिकारी और IITian अश्वनी कुमार ने अभिनय की दुनिया में एक नया कदम रखते हुए शॉर्ट फिल्म देवयानी के जरिए पर्दे पर अपनी शुरुआत की है। यह फिल्म महिलाओं की सुरक्षा, उनकी वास्तविक ताकत और एक ऐसे समाज के निर्माण की जरूरत पर जोर देती है, जहां महिलाएं बिना किसी भय के अपनी जिंदगी जी सकें और स्वतंत्र रूप से आ जा सकें। इस अनोखे प्रोजेक्ट के पीछे के सफर के बारे में बात करते हुए उन्होंने साझा किया कि इस कहानी की प्रेरणा उन्हें अपने आसपास के जीवन से मिले अनुभवों और वास्तविक जीवन की घटनाओं से मिली है। उनका मानना है कि अक्सर परिवार अपनी बेटियों और बहुओं को कमजोर मान लेते हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर अत्यधिक चिंतित रहते हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि महिलाएं खुद अपनी रक्षक बन सकती हैं। 'देवयानी' से अभिनय में कदम रखने की मुख्य वजह अश्वनी कुमार ने स्पष्ट किया कि इस फिल्म का मकसद केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि उस पारंपरिक सोच को चुनौती देना है जो महिलाओं को कमजोर समझती है। यह फिल्म कॉम्पिटिटिव एग्जाम, स्पोर्ट्स, आर्मी और एयर फोर्स जैसे तमाम अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं की असाधारण काबिलियत और उनके योगदान को उजागर करती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस कहानी का उद्देश्य किसी भी प्रकार का जेंडर भेदभाव पैदा करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह संदेश देना है कि पुरुष और महिला दोनों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, समाज को एक ऐसा सुरक्षित माहौल देने की जरूरत है जहां महिलाएं बिना किसी अनावश्यक रोक-टोक या दबाव के अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले स्वयं ले सकें। छात्रों के बीच खास स्क्रीनिंग और महिलाओं के प्रति नजरिया युवा पीढ़ी को इस संवेदनशील मुद्दे से जोड़ने के लिए स्कूली छात्रों के लिए 'देवयानी' की एक विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया था। अश्वनी कुमार का यह दृढ़ विश्वास है कि कहानी कहने की कला यानी स्टोरीटेलिंग विचारों को समाज के कोने-कोने तक पहुंचाने और युवाओं के मन में बदलाव लाने का सबसे असरदार जरिया है। यह फिल्म न केवल महिला सुरक्षा बल्कि कन्या भ्रूण हत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर भी गहराई से बात करती है और दर्शकों को महिलाओं के प्रति समाज के दकियानूसी नजरिए पर सवाल उठाने के लिए मजबूर करती है। उनका सपना एक ऐसा समाज बनाने का है जहां हर लड़की बिना डरे घर से बाहर कदम रख सके और अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ सके। प्रशासनिक अनुभव और कार्यालय में विशेष पहल एक IAS अधिकारी के रूप में अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने कई ऐसे मामलों का सामना किया है जहां महिलाएं और लड़कियां अपनी समस्याओं को खुलकर सामने नहीं ला पाती हैं या उन्हें अपने परिवार से उचित समर्थन नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि कई बार मुश्किल समय आने पर महिलाओं को घर के भीतर ही रहने की सलाह दी जाती है, बजाए इसके कि उन्हें अपनी आवाज उठाने और मदद मांगने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इन बाधाओं को दूर करने के लिए उन्होंने अपने कार्यालय में एक अनूठी पहल की शुरुआत की। पिछले साल उन्होंने वहां काम करने वाली महिलाओं से राखी बंधवाई ताकि एक ऐसा दोस्ताना और भरोसेमंद माहौल तैयार हो सके जिसमें वे अपनी किसी भी परेशानी को बिना किसी झिझक के उनके सामने रख सकें। उनका मानना है कि यदि महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित और सहयोगी वातावरण मिले तो उनकी कार्यक्षमता और आत्मविश्वास में भारी सुधार आ सकता है। अर्चना गौतम और रजत बेदी के साथ काम करने का अनुभव फिल्म में काम करने के दौरान कलाकारों के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए अश्वनी कुमार ने अर्चना गौतम की जमकर तारीफ की। उन्होंने एक्ट्रेस के काम के प्रति समर्पण, निष्ठा और ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि वह हमेशा खुद को बहुत मेहनती मानते थे, लेकिन अर्चना के काम करने के अंदाज ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। उन्होंने मुंबई में अपने सफर के दौरान विभिन्न कलाकारों और रचनाकारों की मेहनत की प्रशंसा की और कहा कि कलाकार नई चीजें रचने की क्षमता रखते हैं इसलिए वह उन्हें ईश्वर का ही एक रूप मानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने रजत बेदी के साथ अपने गहरे रिश्ते का जिक्र किया जो 'आपकी दीवानी' के जरिए फिल्म इंडस्ट्री में वापसी कर रहे हैं। उन्होंने रजत को अपने भाई जैसा बताया और कहा कि उनका रिश्ता महज पेशेवर दोस्ती से बहुत आगे का है। उन्होंने साझा किया कि रजत के इस प्रोजेक्ट में शामिल होने की बात को पूरी तरह गुप्त रखा गया था और केवल उन्हीं लोगों को इसकी जानकारी थी जो इस काम से सीधे तौर पर जुड़े हुए थे। रजत की मेहनत और फोकस की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस अभिनेता से काफी प्रेरणा मिलती है। व्यावसायिक जिम्मेदारियां और युवाओं के लिए संदेश अपने व्यस्त प्रशासनिक करियर और फिल्मों में काम करने जैसी दो अलग-अलग भूमिकाओं को एक साथ निभाने के बावजूद, अश्वनी कुमार एक समय में एक ही काम पर पूरा ध्यान देने में विश्वास रखते हैं। जब वह अपने दफ्तर में होते हैं तो पूरी तरह से प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर फोकस करते हैं और घर लौटने पर अपना पूरा समय परिवार को देते हैं। आज की युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने एक अहम सलाह दी। उनका मानना है कि इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म ज्ञान और जानकारी के बेहतरीन स्रोत हो सकते हैं, लेकिन इनकी लत नहीं लगने देनी चाहिए। युवाओं को यह पता होना चाहिए कि किसी चीज की शुरुआत कब करनी है और उससे भी अधिक जरूरी यह समझना है कि कब रुककर अपने वास्तविक लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना है। इसका आप पर असर भारत में: यह फिल्म समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर एक सकारात्मक संदेश देती है। असम में: प्रशासनिक स्तर पर महिलाओं को सुरक्षित और सहयोगी माहौल देने के लिए ऐसी पहल प्रशासनिक अधिकारियों और संस्थानों को प्रेरित करती है। सवाल-जवाब 1. अश्वनी कुमार कौन हैं? अश्वनी कुमार एक IAS अधिकारी और IITian हैं जो असम सरकार में DITEC के डायरेक्टर और IT सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं। 2. अश्वनी कुमार ने किस शॉर्ट फिल्म से एक्टिंग डेब्यू किया है? उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'देवयानी' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा है। 3. 'देवयानी' फिल्म का मुख्य उद्देश्य क्या है? यह फिल्म महिलाओं की सुरक्षा, कन्या भ्रूण हत्या और समाज की सोच में बदलाव लाने के संदेश पर आधारित है। 4. इस फिल्म में अश्वनी कुमार के साथ कौन से कलाकार नजर आए हैं? इस फिल्म में अश्वनी कुमार के साथ अर्चना गौतम और रजत बेदी ने काम किया है। प्रेरणा और सबक प्राथमिकता तय करें: एक समय में एक ही काम पर पूरा ध्यान देने से पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन दोनों बेहतर चलते हैं। सोच को चुनौती दें: समाज में पारंपरिक रूप से कमजोर समझे जाने वाले वर्गों की क्षमताओं पर विश्वास करें और उन्हें आगे बढ़ाएं। सकारात्मक बदलाव की पहल: अपने कार्यक्षेत्र में ऐसा सुरक्षित माहौल बनाएं जहाँ लोग बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें। https://trendkia.com/ott/ias-adhikari-ashwani-kumar-ne-devyani-se-shuru-kiya-acting-safar-mahila-suraksha-aur-samaj-sudhar-par-ki-khulkar-baat-20365 TrendKia — Har trend, sabse pehle.