# राइज एंड फॉल 2 में शहजाद पूनावाला का दांव, गौतम गुलाटी और राज ग्रोवर पेंटहाउस से बाहर

> राइज एंड फॉल 2 के अल्टीमेट रूलर शहजाद पूनावाला ने फॉल का फरमान सुनाते हुए गौतम गुलाटी और राज ग्रोवर को बेसमेंट में धकेल दिया। इस कदम से टॉवर में तीखी बहस और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई।

**Type:** article · **Category:** OTT · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/ott/rise-and-fall-2-men-shehzad-poonawalla-ka-danva-gautam-gulati-aura-raj-grover-pentahausa-se-bahara-45996 · **Language:** Hindi
**Tags:** राइज एंड फॉल 2, शहजाद पूनावाला, गौतम गुलाटी, तेज प्रताप यादव, राज ग्रोवर, स्वरा भास्कर, ओटीटी शो, रियलिटी शो

ओटीटी रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल 2' के टॉवर में सत्ता का खेल एक नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया है, जहां अल्टीमेट रूलर बने शहजाद पूनावाला के एक कड़े फैसले ने पुराने रिश्तों और समीकरणों को हिलाकर रख दिया। गेम के खास पड़ाव 'फॉल का फरमान' के दौरान शहजाद को यह तय करना था कि टॉवर के शीर्ष पर मौजूद पेंटहाउस में कौन रहेगा और किसे नीचे बेसमेंट में उतरना होगा। इस पूरी प्रक्रिया से पहले ही निहारिका तिवारी अपनी जगह सुरक्षित कर चुकी थीं, जिसके चलते सारा दारोमदार और दबाव शहजाद के फैसलों पर आ टिका था। शहजाद ने जब अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए रूलर्स खेमे के दो मजबूत चेहरों गौतम गुलाटी और राज ग्रोवर को बेसमेंट में भेजने का फरमान सुनाया, तो टॉवर की शांति एकाएक हंगामे में बदल गई। इस अप्रत्याशित कदम ने न केवल पेंटहाउस बल्कि नीचे बेसमेंट में मौजूद वर्कर्स के बीच भी तीखा तनाव पैदा कर दिया।

 

## रेड रूम का फैसला और दरकती दोस्ती

रणनीति का यह पूरा सिलसिला रेड रूम के भीतर से शुरू हुआ। वहां शहजाद पूनावाला के सामने अपनी पहली प्राथमिकता तय करने की चुनौती थी, जहां उन्होंने सबसे पहले तेज प्रताप यादव को सुरक्षित रखने का चुनाव किया। इसके फौरन बाद शहजाद को रूलर्स की दो जोड़ियों में से फैसला करने का सख्त निर्देश मिला, जहां हर प्रतियोगी पेंटहाउस में अपनी जगह बचाने के लिए दलीलें पेश कर रहा था। पहली जोड़ी के रूप में राज ग्रोवर और स्वरा भास्कर ने अपना पक्ष रखा। दोनों की दलीलें सुनने के बाद शहजाद ने राज को नीचे बेसमेंट में भेजने का फैसला किया, जिससे स्वरा ऊपर सुरक्षित रह गईं।

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 असली नाटकीय मोड़ तब आया जब अगली बारी गौतम गुलाटी और इरीना रुदाकोवा की आई। दोनों ही कंटेस्टेंट्स के साथ दोस्ताना समीकरण होने के बावजूद शहजाद पूनावाला ने इरीना को सुरक्षित करने का मन बनाया और गौतम को बेसमेंट में भेजने का आदेश सुना दिया। इस फैसले ने गौतम को भीतर तक आहत और नाराज कर दिया। रेड रूम का माहौल तुरंत गरमा गया, जहां तेज प्रताप यादव ने खुलकर शहजाद के फैसले के पीछे की नीयत पर सवाल उठाए। वहीं दूसरी तरफ गौतम गुलाटी ने शहजाद पर व्यक्तिगत जलन और असुरक्षा की भावना से ग्रस्त होने का सीधा आरोप लगाया। इस पूरे विवाद के बीच स्वरा भास्कर मजबूती से शहजाद के फैसले के समर्थन में खड़ी नजर आईं। इस तरह जो बातचीत विशुद्ध रणनीतिक चयन के साथ शुरू हुई थी, उसने वफादारी की कठिन परीक्षा का रूप ले लिया और गौतम को यह सोचने पर विवश कर दिया कि शहजाद के साथ उनकी दोस्ती की असलियत क्या है।

 

## बेसमेंट में भिड़ंत और धक्का-मुक्की

रूलर से वर्कर बनकर जब गौतम गुलाटी बेसमेंट में पहुंचे, तो वहां भी उनका स्वागत किसी गर्मजोशी के साथ नहीं हुआ। वर्कर्स के बीच पहले से दबी पुरानी शिकायतें और गिले-शिकवे फिर से उभर आए, जिससे नीचे का माहौल और भारी हो गया। इसके कुछ ही देर बाद शहजाद पूनावाला खुद बेसमेंट में उतरे ताकि वह गौतम के साथ बैठकर बातचीत कर सकें और गलतफहमियों को सुलझा सकें। शहजाद का कहना था कि वह खेल की वजह से अपने व्यक्तिगत रिश्ते को खराब नहीं करना चाहते।

 हालात उस वक्त अचानक बेकाबू हो गए जब तेज प्रताप यादव ने एक संभावित रोमांटिक एंगल को लेकर तंज कस दिया। यह टिप्पणी सुनते ही शहजाद अपना आपा खो बैठे और उन्होंने गुस्से में तेज प्रताप को धक्का दे दिया। इस अप्रत्याशित शारीरिक टकराव पर तेज प्रताप बुरी तरह भड़क गए और उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि वह अपनी ऐसी बेइज्जती किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। स्थिति को बिगड़ता देख गौतम गुलाटी ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों को शांत करने का प्रयास करते हुए स्पष्ट किया कि वह टिप्पणी महज एक हल्के-फुल्के मजाक के तौर पर की गई थी। हालांकि, इस दखल के बावजूद कमरे में तनाव जस का तस बना रहा।

 

## लिफ्ट ऑफ जजमेंट और नॉमिनेशन की आंच

विवादों के इस दौर के बाद खेल आगे बढ़ा और 'लिफ्ट ऑफ जजमेंट' के तहत निष्कासन प्रक्रिया शुरू हुई, जिसका पूरा केंद्र बिंदु बेसमेंट में मौजूद वर्कर्स बन गए। नॉमिनेशन का सिलसिला शहजाद द्वारा शुरू हुआ, जिन्होंने सबसे पहले प्रियंका को सीधे नॉमिनेट कर दिया। नियम के मुताबिक प्रियंका को किसी अन्य वर्कर को इस खतरे में घसीटने का अधिकार मिला, जिस पर उन्होंने गौतम का नाम आगे बढ़ा दिया।

 जब दांव चलने की बारी गौतम गुलाटी की आई, तो उन्होंने शुरुआत में राज ग्रोवर का नाम लिया, लेकिन फौरन अपना फैसला बदलते हुए कायरा अनु को नॉमिनेट कर दिया। गौतम का तर्क था कि कायरा ने पहले ही साफ कर दिया था कि उन्हें किसी के एहसान की दरकार नहीं है। नॉमिनेशन की यह जंजीर यहीं नहीं रुकी। कायरा ने बदला लेते हुए तुरंत राज को नॉमिनेट कर दिया, जबकि राज ने इसके जवाब में सारा गुरपाल का नाम ले लिया। राज के इस कदम से काजल राघवानी बेहद नाराज हो गईं और उनके व राज के बीच जोरदार बहस छिड़ गई। पूरी प्रक्रिया खत्म होने तक केवल सारा गुरपाल और मनीष कश्यप ही खुद को पूरी तरह सुरक्षित रख पाए, जबकि बाकी सभी वर्कर्स के सिर पर निष्कासन की तलवार लटकती रह गई।

## इसका आप पर असर
रियलिटी शो के दर्शकों और प्रशंसकों के लिए इस एपिसोड ने टॉवर के भीतर समीकरणों को पूरी तरह उलट दिया है।

- **दर्शकों के लिए:** दो मुख्य दावेदारों के बेसमेंट में जाने से शो की गति और ड्रामा काफी बढ़ गया है। आने वाले एपिसोड्स में पेंटहाउस और बेसमेंट के बीच का टकराव देखने लायक होगा।
- **वोटिंग और एलिमिनेशन:** नॉमिनेशन की प्रक्रिया में कई लोकप्रिय चेहरे खतरे के दायरे में आ चुके हैं। प्रशंसकों को अपने पसंदीदा कंटेस्टेंट्स को निष्कासन से बचाने के लिए सक्रिय रहना होगा।
- **दोस्ती के समीकरण:** मजबूत प्रतियोगियों के बीच दरार पड़ने से टॉवर के पावर ग्रुप्स बिखर गए हैं। अब खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए नए साथी और समझौते तलाशने होंगे।
- **कंटेस्टेंट्स की रणनीति:** बेसमेंट में पहुंचे मजबूत खिलाड़ी अब वर्कर्स को एकजुट कर पलटवार की तैयारी करेंगे। इससे सत्ता परिवर्तन के नए टास्क बेहद कड़े और आक्रामक होने वाले हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
शो के इस मोड़ पर तनाव पैदा होने की मुख्य वजह टॉवर की कठोर व्यवस्था और व्यक्तिगत खेल को प्राथमिकता देना रहा। प्रतियोगी केवल दोस्ती के सहारे आगे बढ़ने के बजाय अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा और प्रभाव को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने पर मजबूर हुए।

- **सीमित अधिकार का दबाव:** अल्टीमेट रूलर बनने के बाद शहजाद को स्पष्ट और कठोर फैसले लेने की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस प्रक्रिया में किसी न किसी मजबूत साथी को नीचे भेजना अनिवार्य था।
- **प्राथमिकताओं का टकराव:** व्यक्तिगत दोस्ती और खेल में खुद को आगे रखने की सोच के बीच सीधा टकराव देखने को मिला। शहजाद ने संतुलन साधने के लिए इरीना और स्वरा को तरजीह दी, जिससे गौतम और राज नाराज हुए।
- **निजी टिप्पणियों से भड़का गुस्सा:** बेसमेंट में सुलह की कोशिश के दौरान निजी जीवन से जुड़ी टिप्पणी ने तनाव को सीधे शारीरिक धक्का-मुक्की तक पहुंचा दिया। खेल के दबाव में संयम खोना इस विवाद का तात्कालिक कारण बना।

## सवाल-जवाब

### 1. शहजाद पूनावाला ने फॉल का फरमान के तहत किन रूलर्स को बेसमेंट में भेजा?
शहजाद पूनावाला ने गौतम गुलाटी और राज ग्रोवर को बेसमेंट में भेजने का फैसला किया।

### 2. रेड रूम में शहजाद पूनावाला ने सबसे पहले किसे सुरक्षित किया?
रेड रूम में शहजाद पूनावाला ने सबसे पहले तेज प्रताप यादव को बचाने का फैसला किया था।

### 3. गौतम गुलाटी और शहजाद के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ?
गौतम को बेसमेंट में भेजने पर वह नाराज हो गए और उन्होंने शहजाद पर जलन और असुरक्षा का आरोप लगाया।

### 4. बेसमेंट में शहजाद और तेज प्रताप यादव के बीच धक्का-मुक्की क्यों हुई?
तेज प्रताप द्वारा एक संभावित रोमांटिक एंगल पर टिप्पणी करने के बाद शहजाद भड़क गए और उन्होंने तेज को धक्का दे दिया।

### 5. लिफ्ट ऑफ जजमेंट नॉमिनेशन प्रक्रिया के बाद कौन से कंटेस्टेंट्स सुरक्षित रहे?
नॉमिनेशन प्रक्रिया के अंत में केवल सारा गुरपाल और मनीष कश्यप ही सुरक्षित रहे।

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