रियल लोकेशंस पर शूट हुई घमासान में प्रतीक गांधी निभा रहे एसटीएफ चीफ का किरदार, बताया क्यों अलग है यह पुलिस अफसर अभिनेता प्रतीक गांधी अपनी आगामी फिल्म घमासान में एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) प्रमुख की चुनौतीपूर्ण भूमिका में नज़र आएंगे। उन्होंने वास्तविक स्थानों पर शूटिंग के अनुभवों और अपने किरदार की खास तैयारियों पर विचार साझा किए। भारतीय सिनेमा में विविधतापूर्ण और यथार्थवादी किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता प्रतीक गांधी एक बार फिर दर्शकों के सामने एक बिल्कुल नए अंदाज़ में आने के लिए तैयार हैं। अपनी आने वाली फिल्म घमासान में वह एक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) प्रमुख की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले वह ओटीटी वेब सीरीज़ द ग्रेट इंडियन मर्डर में भी एक पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाई दिए थे, लेकिन उनका मानना है कि घमासान का यह नया किरदार उनके पिछले सभी अनुभवों से बिल्कुल भिन्न और अधिक चुनौतीपूर्ण है। इस फिल्म की पूरी कहानी भारत के ग्रामीण और जमीनी इलाकों, यानी हार्टलैंड के वास्तविक परिवेश में रची गई है। निर्माता-निर्देशकों ने इस प्रोजेक्ट के दौरान पुलिस तंत्र और वहां के माहौल को पूरी तरह यथार्थवादी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। प्रतीक गांधी के अनुसार, इस किरदार को हिंदी फिल्मों के पारंपरिक, ड्रामेटिक या अति-नाटकीय पुलिस अफसरों की तरह पेश नहीं किया गया है, बल्कि उसकी कार्यशैली, फैसले लेने की प्रक्रिया और जीवनशैली को ज़मीन से जुड़ा हुआ रखा गया है। एसटीएफ प्रमुख के रूप में शारीरिक बनावट और बॉडी लैंग्वेज की कठिन परीक्षा अभिनय के दौरान सामने आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रतीक गांधी ने स्पष्ट किया कि एक विशेष बल के प्रमुख का किरदार निभाना केवल संवादों की अदायगी तक सीमित नहीं था। एक एसटीएफ अधिकारी जिस तरह से संकट के समय अपनी टीम का नेतृत्व करता है, तनावपूर्ण परिस्थितियों में शांत रहकर फैसले लेता है और अनुशासन प्रदर्शित करता है, उसे पर्दे पर प्रामाणिक रूप से दिखाना सबसे कठिन काम था। इस भूमिका के लिए उन्हें अपनी शारीरिक बनावट, चलने-फिरने के तरीके और हाव-भाव (बॉडी लैंग्वेज) पर गहराई से काम करना पड़ा। किसी विशेष ऑपरेशन को अंजाम देते समय अधिकारी का आचरण और उसकी टीम के साथ तालमेल पर्दे पर स्वाभाविक दिखना बेहद जरूरी था। प्रतीक गांधी ने स्वीकार किया कि इस तरह के गंभीर और अनुशासित सैन्य-पुलिस अधिकारी के हाव-भाव को अपनाना उनके अभिनय करियर की एक अनोखी और कठिन कसौटी साबित हुआ। वास्तविक लोकेशंस और जमीनी परिवेश में शूटिंग का अनुभव फिल्म घमासान की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसकी संपूर्ण शूटिंग किसी कृत्रिम स्टूडियो सेट पर करने के बजाय असली और जीवंत स्थानों पर की गई है। प्रतीक गांधी के मुताबिक, वास्तविक लोकेशंस पर काम करने से उन्हें कहानी की आत्मा और अपने किरदार की बारीकियों को समझने में काफी सहायता मिली। फिल्म की पटकथा सच्ची घटनाओं के संदर्भों से प्रेरित है, जिसकी वजह से शूटिंग के दौरान स्थानीय भाषा, वहां की संस्कृति और वातावरण से जुड़ना बेहद आवश्यक हो गया था। जमीनी स्तर पर जाकर वहां के आम लोगों और माहौल को महसूस करने से अभिनेता को अपने किरदार में पूरी तरह ढलने का अवसर मिला। वास्तविक वातावरण ने पूरी स्टारकास्ट को चरित्र की मानसिकता में उतरने का एक मजबूत आधार प्रदान किया। अतीत की घटना से जुड़ी कहानी की समकालीन प्रासंगिकता फिल्म के विषय और उसके संदेश पर बात करते हुए प्रतीक गांधी ने रेखांकित किया कि घमासान की कहानी भले ही अतीत की किसी घटना से प्रेरित है, लेकिन उसमें उठाए गए मुद्दे और संदर्भ आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उनका मानना है कि एक बेहतरीन कहानी समय की सीमाओं से परे होती है और वह दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। अभिनेता को पूरी उम्मीद है कि दर्शक जब इस फिल्म को देखेंगे, तो वे इसके विभिन्न घटनाक्रमों को वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों से आसानी से जोड़ सकेंगे। उनका उद्देश्य यह है कि फिल्म खत्म होने के बाद भी दर्शक इसमें दिखाए गए गंभीर सामाजिक मुद्दों और व्यवस्था पर विचार-विमर्श करें। ज़ी5 पर ओटीटी रिलीज और व्यापक वैश्विक दर्शकों तक पहुंच डिजिटल प्लेटफॉर्म ज़ी5 पर फिल्म के प्रीमियर को लेकर प्रतीक गांधी काफी उत्साहित हैं। उनका मानना है कि ओटीटी पर रिलीज़ होने से फिल्म की पहुंच का दायरा अत्यधिक विस्तृत हो जाता है। ज़ी5 की पहुंच केवल मेट्रो शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों तथा छोटे कस्बों में भी इसका बहुत बड़ा दर्शक वर्ग है, जहाँ हिंदी सामग्री को अत्यधिक पसंद किया जाता है। इसके अतिरिक्त, इस प्लेटफॉर्म की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति के कारण दुनिया भर के विभिन्न देशों में रहने वाले दर्शक भी इस कहानी को देख सकेंगे। प्रतीक गांधी को आशा है कि दर्शक इसे केवल एक साधारण क्राइम या एक्शन-पुलिस ड्रामा मानकर नहीं भूलेंगे, बल्कि इसके पीछे छिपे गंभीर संदेश को समझकर आपस में सार्थक संवाद शुरू करेंगे। इसका आप पर असर फिल्म घमासान के डिजिटल प्रीमियर से हिंदी सिनेमा प्रेमियों और ओटीटी दर्शकों को एक यथार्थवादी पुलिस ड्रामा देखने को मिलेगा। • भारत में: दर्शक इस फिल्म को ज़ी5 प्लेटफॉर्म पर कभी भी देख सकेंगे, जिससे टियर-2 और टियर-3 शहरों के दर्शकों को बेहतरीन हिंदी कंटेंट मिलेगा। इसके अलावा, असली लोकेशंस पर बनी यह फिल्म दर्शकों को भारतीय पुलिस प्रणाली के वास्तविक पहलुओं से रूबरू कराएगी। • वैश्विक स्तर पर: विदेशों में रहने वाले भारतीय और सिनेमा प्रेमी ज़ी5 की अंतरराष्ट्रीय स्ट्रीमिंग के माध्यम से इस फिल्म का लुत्फ उठा सकेंगे। सवाल-जवाब 1. फिल्म घमासान में प्रतीक गांधी कौन सी भूमिका निभा रहे हैं? प्रतीक गांधी फिल्म में एक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) प्रमुख की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। 2. घमासान फिल्म किस तरह के प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ हो रही है? यह फिल्म प्रसिद्ध ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 पर डिजिटली स्ट्रीम की जा रही है। 3. इस फिल्म की शूटिंग कहाँ की गई है? फिल्म घमासान की पूरी शूटिंग भारत के ग्रामीण और जमीनी इलाकों की वास्तविक लोकेशंस पर की गई है। 4. प्रतीक गांधी के अनुसार इस किरदार की सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? एसटीएफ अधिकारी की सटीक बॉडी लैंग्वेज, अनुशासित आचरण और टीम का नेतृत्व करने के अंदाज को पर्दे पर प्रामाणिक रूप से उतारना सबसे बड़ी चुनौती थी। https://trendkia.com/ott/riyala-lokeshnsa-para-shuta-hui-ghamasaan-men-pratik-gandhi-nibha-rahe-esatiepha-chipha-ka-kiradara-bataya-kyon-alaga-hai-yaha-pul-30259 TrendKia — Har trend, sabse pehle.