अदियाला जेल में इमरान खान के निधन की अफवाह से हलचल, पाक सेना ने दावों को बताया बकवास रावलपिंडी की अदियाला जेल में इमरान खान के निधन की अफवाहों के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, जिसे पाक सेना ने सिरे से खारिज किया है। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर फैली अटकलों ने देश के राजनीतिक माहौल में भारी हलचल पैदा कर दी। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इमरान खान के निधन की खबर इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में अचानक चिंता और भ्रम की स्थिति बन गई। हालांकि, पाकिस्तान सैन्य प्रतिष्ठान और उनकी पार्टी के प्रवक्ताओं ने इन खबरों का खंडन करते हुए स्थिति स्पष्ट की है। पत्रकार का दावा और सेना का खंडन इस विवाद की शुरुआत पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान की ओर से दिए गए एक बयान से हुई। उन्होंने दावा किया था कि सैन्य सूत्रों के अनुसार अदियाला जेल के भीतर इमरान खान की मौत हो चुकी हो सकती है। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर खबरों का बाजार गर्म हो गया। हालांकि, दावों के तूल पकड़ने के 24 घंटे के भीतर ही पत्रकार अपने वक्तव्य से पीछे हट गए। वहीं पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग आईएसपीआर (ISPR) ने इन दावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि ये खबरें पूरी तरह से आधारहीन और बकवास हैं। जेल प्रशासन और पीटीआई की प्रतिक्रिया इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। पार्टी नेतृत्व ने मांग की है कि इमरान खान से उनके वकीलों और परिजनों की तत्काल मुलाकात कराई जाए ताकि उनके सकुशल होने की पुष्टि हो सके। पीटीआई ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने मुलाकात की अनुमति देने में देरी की तो उनके कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे। राजनीतिक तनाव और जेल सुरक्षा इमरान खान पिछले कई महीनों से रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में विभिन्न मामलों के तहत हिरासत में हैं। उनके स्वास्थ्य और जेल के भीतर सुविधाओं को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। इस ताजा अफवाह के बाद जेल परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या भीड़ के जमावड़े को रोका जा सके। इसका आप पर असर दक्षिण एशिया में प्रभाव: पाकिस्तान में राजनीतिक अनिश्चितता या अफवाहों से पैदा हुई अशांति का असर पड़ोसी देशों की सीमा सुरक्षा और कूटनीति पर पड़ता है। यात्रियों और नागरिकों के लिए: प्रदर्शनों की चेतावनी के कारण पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में स्थानीय यातायात और सुरक्षा प्रतिबंध लागू हो सकते हैं। सवाल-जवाब 1. इमरान खान के निधन की अफवाह कैसे शुरू हुई? पत्रकार वजाहत सईद खान के एक वक्तव्य के बाद यह अफवाह फैली, जिसमें उन्होंने सैन्य सूत्रों का हवाला दिया था। 2. पाकिस्तान सेना (ISPR) का इस पर क्या बयान आया है? पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग आईएसपीआर ने इन दावों को पूरी तरह से झूठा और बकवास बताया है। 3. क्या दावा करने वाले पत्रकार ने अपनी बात वापस ली? हां, बयान देने के 24 घंटे के भीतर संबंधित पत्रकार अपने दावे से पीछे हट गए। 4. इमरान खान की पार्टी पीटीआई की क्या मांग है? पीटीआई ने इमरान खान से तुरंत वकीलों और परिजनों की मुलाकात कराने की मांग की है। https://trendkia.com/pakistan/adiala-jail-men-imran-khan-ke-nidhana-ki-aphavaha-se-halachala-paka-sena-ne-davon-ko-bataya-bakavasa-16041 TrendKia — Har trend, sabse pehle.