अफगानिस्तान सीमा में घुसे पाकिस्तानी लड़ाकू विमान, आधी रात को रिहायशी ठिकानों पर की बमबारी पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर आधी रात के वक्त सो रहे लोगों पर हवाई हमले किए हैं। दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच यह ताजा सैन्य कार्रवाई सामने आई है। पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की सीमा में दाखिल होकर कई रिहायशी इलाकों पर हवाई बमबारी की है। जिस समय लड़ाकू विमानों ने बम बरसाए, उस वक्त लोग अपने घरों में सो रहे थे। सीमा पार से अचानक किए गए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच पहले से जारी तनाव और गहरा गया है। सोते हुए लोगों पर गिराए गए तबाही के गोले सीमावर्ती इलाकों में आधी रात को अचानक हवाई सायरन और जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देने लगीं। पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने कई ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और भारी बम दागे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब यह हमला हुआ तब आम नागरिक अपने घरों में आराम कर रहे थे। अचानक गिरे बमों की चपेट में कई आवासीय इमारतें आ गईं, जिससे भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। पहले भी सीमा पार हमले करता रहा है पाकिस्तान अफगानिस्तान की सीमा में पाकिस्तानी वायुसेना की यह कार्रवाई कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पाकिस्तानी लड़ाकू विमान अफगान सीमा में घुसकर कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुके हैं। जून 2026 के आखिरी हफ्ते में भी पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने बमबारी कर 36 नागरिकों की जान ले ली थी, जिसे स्थानीय स्तर पर 'ब्लैक संडे' के रूप में याद किया जाता है। इसके ठीक पहले जून महीने की शुरुआत में भी हवाई हमलों के दौरान बच्चों सहित 13 लोगों की मौत हुई थी, जिस पर तालिबान प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। साल 2026 के शुरुआती महीनों में भी ऐसे ही भीषण हमले देखे गए थे। मार्च 2026 में काबुल और अन्य ठिकानों के पास एक नशा मुक्ति केंद्र और अस्पताल परिसर पर हुए हवाई हमले में 400 लोगों के मारे जाने और 250 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा तालिबान ने किया था। वहीं फरवरी 2026 में पाकिस्तान ने टीटीपी और आईएस लड़ाकों को निशाना बनाकर 80 चरमपंथियों को ढेर करने की बात कही थी। सीमा विवाद और चरमपंथी ठिकानों को लेकर बढ़ता टकराव पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव की मुख्य वजह सीमा पार से होने वाली चरमपंथी गतिविधियां और दोनों देशों को बांटने वाली डूरंड रेखा को लेकर उपजा विवाद है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके अफगान सरजमीं का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर आत्मघाती हमले करते हैं। वहीं दूसरी तरफ, काबुल में काबिज तालिबान प्रशासन इन आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्तान पर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन करने और बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाता रहा है। ताजा एयरस्ट्राइक के बाद सीमाई मोर्चे पर भारी सैन्य तैनाती और जवाबी कार्रवाई की आशंका गहरा गई है। इसका आप पर असर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ताजा सैन्य हमलों से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने और व्यापारिक मार्गों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। • नागरिक सुरक्षा: सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विस्थापन का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने सीमाई गांवों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है। • द्विपक्षीय व्यापार: तोरखम और चमन जैसे प्रमुख सीमा मार्गों पर मालवाहक ट्रकों की आवाजाही ठप हो सकती है। दोनों देशों के बीच फल, खाद्यान्न और जरूरी सामानों की आपूर्ति बाधित होने से महंगाई बढ़ सकती है। • क्षेत्रीय कूटनीति: भारत समेत पड़ोसी देशों के लिए पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा सतर्कता बढ़ाई जा सकती है। सीमा पार आतंकी गतिविधियों और शरणार्थी संकट पर सुरक्षा एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं। • हवाई यातायात: इस इलाके के हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्गों में फेरबदल हो सकता है। एयरलाइंस कंपनियों को युद्ध क्षेत्र वाले रूटों से बचने के निर्देश दिए जा सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह सैन्य टकराव मुख्य रूप से सीमा पार आतंकवाद और औपनिवेशिक काल की विवादित सीमा रेखा के कारण बार-बार भड़कता है। • सीमा पार चरमपंथी हमले: पाकिस्तानी पक्ष का दावा है कि टीटीपी जैसे प्रतिबंधित संगठन अफगान सीमा के भीतर सुरक्षित ठिकाने बनाकर पाकिस्तान में हमले करते हैं। पाकिस्तान लगातार काबुल प्रशासन से इन ठिकानों को खत्म करने की मांग करता रहा है। • डूरंड रेखा का विवाद: अफगानिस्तान की सरकारें ऐतिहासिक रूप से दोनों देशों को बांटने वाली डूरंड रेखा को औपचारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा स्वीकार नहीं करती हैं। सीमा पर पाकिस्तान द्वारा की जाने वाली बाड़बंदी और चौकियों के निर्माण को लेकर अक्सर झड़पें होती हैं। • पूर्व की कार्रवाइयां: इससे पहले भी फरवरी, मार्च और जून 2026 में पाकिस्तान ने लड़ाकू विमानों से हमले किए थे, जिनमें भारी जानमाल का नुकसान हुआ था। इन पुरानी सैन्य कार्रवाइयों के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार चरम पर बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर ताजा हमला कब और कैसे किया? पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने आधी रात के वक्त अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में प्रवेश कर सोते हुए लोगों के रिहायशी ठिकानों पर बमबारी की। 2. क्या इससे पहले भी 2026 में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की थी? हाँ, इससे पहले फरवरी, मार्च और जून 2026 में भी पाकिस्तान ने अफगान सीमा में हवाई हमले किए थे, जिनमें भारी संख्या में लोग हताहत हुए थे। 3. पाकिस्तान इन हवाई हमलों के पीछे क्या वजह बताता है? पाकिस्तान का दावा रहा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए टीटीपी और आईएस जैसे आतंकी समूहों के ठिकानों को निशाना बनाकर आत्मघाती हमलों का जवाब देता है। 4. तालिबान प्रशासन का इन हमलों को लेकर क्या रुख है? तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान पर अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करने और आम नागरिकों के घरों तथा अस्पतालों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। https://trendkia.com/pakistan/afghanistan-sima-men-ghuse-pakistani-laraku-vimana-adhi-rata-ko-rihayashi-thikanon-para-ki-bamabari-35452 TrendKia — Har trend, sabse pehle.