बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने जैकोबाबाद में उड़ाया रेलवे ट्रैक, पाकिस्तान को दी खुली चेतावनी सिंध के जैकोबाबाद में रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की जिम्मेदारी बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने ली है। संगठन ने दो टूक कहा है कि जब तक बलूचिस्तान को पूरी आजादी नहीं मिलती, तब तक ऐसे हमले जारी रहेंगे। पाकिस्तान में सरकार और सेना के खिलाफ बलूचिस्तान के स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष और अधिक तीव्र हो गया है। सिंध के जैकोबाबाद क्षेत्र में रेलवे ट्रैक को शक्तिशाली विस्फोट से नेस्तनाबूद कर दिया गया है, जिससे पाकिस्तान की परिवहन और साजो-सामान संबंधी जीवनरेखा को भारी क्षति पहुंची है। इस सनसनीखेज हमले की जिम्मेदारी बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) संगठन ने स्वीकार की है। उग्रवादी समूह ने पाकिस्तानी हुक्मरानों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि बलूचिस्तान की पूर्ण स्वतंत्रता मिलने तक ये सैन्य अभियान और हमले किसी भी कीमत पर नहीं रुकेंगे। जैकोबाबाद में रात के सन्नाटे में हुआ भीषण धमाका यह पूरी घटना सिंध प्रांत के जैकोबाबाद सदर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आई है। सैम शाख के पास से गुजरने वाले मुख्य रेलवे मार्ग को बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स के लड़ाकों ने अपने निशाने पर लिया। प्राप्त विवरण के अनुसार, विद्रोहियों ने काफी समय पहले ही पटरियों के ठीक नीचे भारी मात्रा में विस्फोटक छिपाकर रख दिया था। जैसे ही उन्हें अनुकूल अवसर मिला, रिमोट कंट्रोल या टाइमर तकनीक के माध्यम से एक विनाशकारी धमाका कर दिया गया। विस्फोट इतना भयंकर था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास का पूरा इलाका दहल उठा। धमाके के प्रभाव से रेलवे ट्रैक का एक विशाल हिस्सा हवा में उड़ गया और लोहे की पटरियां पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई ट्रेन उस मार्ग से नहीं गुजर रही थी, अन्यथा एक बहुत बड़ा रेल हादसा हो सकता था। इसके बावजूद, ट्रैक के उखड़ने के कारण पाकिस्तान का रेल संचालन तंत्र पूरी तरह चरमरा गया और कई प्रमुख एक्सप्रेस तथा मालगाड़ियों की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से रोकना पड़ा। जब तक बलूचिस्तान स्वतंत्र नहीं होता, जारी रहेगी जंग विस्फोट को अंजाम देने के तुरंत बाद बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) की तरफ से एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी ली गई। संगठन के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि जैकोबाबाद में रेलवे ट्रैक को नष्ट करने का सफल ऑपरेशन कल रात उनके लड़ाकों ने अंजाम दिया है और इसने पाकिस्तानी सत्ता के नापाक इरादों को करारा झटका दिया है। दोस्तैन बलूच ने आगे कहा कि पाकिस्तानी सेना और सरकार मिलकर बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन कर रही है और वहां के स्थानीय नागरिकों पर भारी जुल्म ढा रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह हमला महज एक शुरुआत है। जब तक बलूचिस्तान को पाकिस्तान के अवैध कब्जे से मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक उनके लड़ाके इसी प्रकार पाकिस्तानी बुनियादी ढांचे और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते रहेंगे। पाकिस्तान की आर्थिक और सैन्य साजो-सामान प्रणाली पर प्रहार जैकोबाबाद और उसके आसपास का पूरा रेलवे नेटवर्क केवल आम नागरिकों के आने-जाने का साधन नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तानी सेना और प्रशासन के लिए एक अत्यंत रणनीतिक मार्ग है। सिंध और बलूचिस्तान को आपस में जोड़ने वाली यह रेल लाइन पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सैन्य गतिविधियों की रीढ़ मानी जाती है। बलूचिस्तान के भीतर से निकलने वाले खनिज पदार्थ, प्राकृतिक गैस और अन्य बेशकीमती संसाधन इसी रेल मार्ग के जरिए देश के अन्य हिस्सों तक भेजे जाते हैं। इसके अलावा, बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में तैनात पाकिस्तानी सैनिकों के लिए राशन, हथियार और अन्य आवश्यक सैन्य सामग्री भेजने के वास्ते भी इसी रेलवे नेटवर्क का उपयोग किया जाता है। ऐसे में बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स द्वारा इस प्रमुख ट्रैक को उड़ाया जाना सीधे तौर पर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सेना की सप्लाई चेन पर एक बहुत बड़ा आघात है। सिंध और पंजाब तक फैल चुकी है बलूच विद्रोह की आग इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह धमाका सीधे तौर पर बलूचिस्तान की भौगोलिक सीमा के भीतर नहीं, बल्कि सिंध प्रांत के जैकोबाबाद में हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि बलूच लड़ाकों का दायरा अब केवल बलूचिस्तान की पहाड़ियों तक सीमित नहीं है। वे अब बलूचिस्तान की सीमाओं को लांघकर सिंध और पंजाब जैसे क्षेत्रों में भी पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठानों को सीधे तौर पर चुनौती दे रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) जैसे सक्रिय संगठनों ने अपने हमलों की तीव्रता काफी बढ़ा दी है। ये सभी संगठन चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं, चीनी नागरिकों, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी संपत्तियों को लगातार निशाना बना रहे हैं। जैकोबाबाद में हुए इस बम धमाके के बाद पाकिस्तानी पुलिस, रेलवे महकमे और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही भारी तादाद में सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया गया। रेलवे की तकनीकी टीमों को पटरी की मरम्मत के वास्ते रवाना किया गया है, लेकिन घटनास्थल के आसपास छाई गहरी दहशत के कारण बहाली के काम में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान सरकार भले ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बलूचिस्तान में पूर्ण शांति और सामान्य स्थिति होने का दावा करती रही हो, लेकिन जैकोबाबाद की इस घटना ने उनके इन खोखले दावों की पोल खोल दी है। बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स के इस दुस्साहसिक हमले ने यह साबित कर दिया है कि बलूच स्वतंत्रता का यह संग्राम अब ऐसे पड़ाव पर पहुंच चुका है, जहां से पाकिस्तानी सेना के लिए इस विद्रोह को दबा पाना लगभग असंभव साबित होता जा रहा है। सवाल-जवाब 1. जैकोबाबाद में रेलवे ट्रैक पर हमले की जिम्मेदारी किसने ली है? इस हमले की जिम्मेदारी बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने ली है। 2. यह धमाका किस इलाके में हुआ है? यह धमाका सिंध प्रांत के जैकोबाबाद सदर पुलिस स्टेशन इलाके में सैम शाख के पास हुआ है। 3. बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स के प्रवक्ता का क्या नाम है? BRG के प्रवक्ता का नाम दोस्तैन बलूच है। 4. इस रेलवे ट्रैक का पाकिस्तान के लिए क्या महत्व है? यह ट्रैक सिंध और बलूचिस्तान को जोड़ता है और इसके जरिए खनिज, गैस और सैन्य साजो-सामान की सप्लाई होती है। https://trendkia.com/pakistan/baloch-republican-guards-ne-jacobabad-men-uraya-railway-track-pakistan-ko-di-khuli-chetavani-18136 TrendKia — Har trend, sabse pehle.