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  "title": "पाकिस्तान जल रहा है, खैबर पख्तूनख्वा से बलूचिस्तान तक सरकारी नियंत्रण खत्म: मौलाना फजलुर रहमान",
  "summary": "जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के नेता मौलाना फजलुर रहमान ने दावा किया है कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सरकार का कंट्रोल खत्म हो चुका है और सेना तथा पुलिस व्यवस्था पूरी तरह कमजोर पड़ गई है।",
  "content": "पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति को लेकर जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के नेता मौलाना फजलुर रहमान ने सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया है कि देश के कई संवेदनशील इलाकों में सरकार की पकड़ पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और खैबर पख्तूनख्वा तथा बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हैं।\n\nजलते हुए घर से की पाकिस्तान की तुलना\nमौलाना फजलुर रहमान ने देश के मौजूदा हालात को एक जलते हुए घर की संज्ञा दी है। उनका कहना है कि जब किसी घर में आग लगी हो, तो सबसे पहली प्राथमिकता उस आग को बुझाने की होनी चाहिए, न कि इस बात पर बहस करने की कि घर का कौन सा हिस्सा किसके नियंत्रण में आएगा। उनके अनुसार, इस समय पाकिस्तान के सामने विकट सुरक्षा संकट खड़े हैं, जिनसे निपटने के बजाय प्रशासन अन्य मामलों में उलझा हुआ है।\n\nखैबर पख्तूनख्वा में खत्म होती सरकारी रिट\nविस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सिंधु नदी के पश्चिमी हिस्से में खैबर पख्तूनख्वा के कई क्षेत्रों में सरकार का प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है। इन इलाकों में प्रशासन और सेना प्रभावी रूप से कुछ करने में असमर्थ नजर आ रहे हैं। लक्की मरवत, बन्नू और टैंक जैसे जिलों में पुलिस की अंदरूनी कमान व्यवस्था भी चरमरा गई है।\n\nस्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि कुछ स्थानों पर पुलिसकर्मी जिला पुलिस अधिकारी यानी DPO, DIG और IG जैसे उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। पुलिस तंत्र के भीतर ही अनुशासनहीनता और स्थानीय स्तर पर अलग कमांड चलने की खबरें सामने आ रही हैं, जहां पुलिसकर्मियों ने अपनी अलग समितियां और चेकपोस्ट तक स्थापित कर ली हैं।\n\nहंगू और अन्य जिलों में बढ़ता प्रभाव\nअपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने हंगू की एक विशेष घटना का उल्लेख किया, जहां एक पुलिस परिसर को तालिबान द्वारा घेर लिया गया था। बाद में स्थानीय उलेमाओं के बीच-बचाव के बाद ही वहां फंसे पुलिसकर्मियों को बाहर निकाला जा सका। इस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा हथियार सरेंडर करने और पैसे देकर रिहाई जैसी बातें भी सामने आईं। इसके अलावा कुर्रम और ओरकजई जैसे क्षेत्रों में भी राज्य का प्रभाव लगातार सिमट रहा है, जिससे पूरे पश्तून क्षेत्र में सरकार के नियंत्रण को गंभीर चुनौतियां मिल रही हैं।\n\nबलूचिस्तान में सेना की सिमटती सीमाएं\nसिर्फ पख्तूनख्वा ही नहीं, बल्कि बलूचिस्तान के हालात को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई है। मस्तुंग, खुज़दार और चागाई जैसे इलाकों में सेना की चौकसी केवल प्रमुख शहरों और जिला मुख्यालयों तक ही सीमित होकर रह गई है। सुरक्षा के नाम पर शहरों के इर्द-गिर्द खाइयां खोदी जा रही हैं, जबकि ग्रामीण आंचल, खेत और दूरदराज के गांव पूरी तरह असुरक्षित छोड़ दिए गए हैं।\n\nसरकार की गंभीरता पर सवाल\nमौलाना फजलुर रहमान ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पूछा है कि इन गंभीर संकटों के बावजूद ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं। उनका मानना है कि राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक बंटवारे की चर्चाओं को दरकिनार कर सरकार को तुरंत जमीनी हालात पर नियंत्रण पाने के लिए बड़े कदम उठाने चाहिए, अन्यथा देश का संकट और अधिक गहरा सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nव्यापक प्रभाव: पाकिस्तान के सीमावर्ती और अशांत क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने से क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव वहां के आम नागरिकों के जीवन और सुरक्षा पर पड़ रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान के हालात की तुलना किससे की है?\nउन्होंने पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति की तुलना एक जलते हुए घर से की है, जहां सबसे पहले आग बुझाने पर ध्यान देना चाहिए।\n\n2. किन इलाकों में सरकारी नियंत्रण खत्म होने का दावा किया गया है?\nखैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के कई इलाकों में सरकार और सेना का नियंत्रण कमजोर होने का दावा किया गया है।\n\n3. पुलिस व्यवस्था को लेकर क्या गंभीर आरोप लगाए गए हैं?\nआरोप है कि कुछ जगहों पर पुलिसकर्मी उच्च अधिकारियों के आदेश नहीं मान रहे हैं और अपनी अलग चेकपोस्ट व समितियां चला रहे हैं।\n\n4. बलूचिस्तान के किन जिलों में सेना की मौजूदगी सीमित होने की बात कही गई है?\nमस्तुंग, खुज़दार और चागाई जैसे इलाकों में सेना का ध्यान केवल शहरों और जिला मुख्यालयों तक सीमित बताया गया है।",
  "url": "https://trendkia.com/pakistan/government-control-collapsing-from-khyber-pakhtunkhwa-to-balochistan-warns-maulana-fazlur-rehman-18130",
  "category": "पाकिस्तान",
  "publishedAt": "2026-08-18",
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    "मौलाना फजलुर रहमान",
    "खैबर पख्तूनख्वा",
    "बलूचिस्तान",
    "पाकिस्तान सुरक्षा",
    "जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम"
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  "site": "TrendKia"
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