जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, अफगानिस्तान में था केंद्र अफगानिस्तान में आए तेज भूकंप के झटके भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक धरती कांपने से लोगों में दहशत फैल गई। भारत के कई हिस्सों में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं, जिससे लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया। इस बार आए भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में स्थित था, जिसका असर भारत के उत्तर भारतीय इलाकों तक साफ तौर पर देखा गया। जम्मू-कश्मीर से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों तक धरती हिलने लगी, जिससे सहमे हुए लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। अफगानिस्तान में था मुख्य केंद्र भूकंप विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र अफगानिस्तान था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता काफी अधिक दर्ज की गई, जिसके कारण इसका दायरा बहुत बड़ा रहा। अफगानिस्तान के अलावा पाकिस्तान और ताजिकिस्तान में भी धरती के डोलने की पुष्टि हुई है। केंद्र के पड़ोसी देशों में स्थित होने के बावजूद इसका असर भारत के दूरदराज के इलाकों तक पहुंच गया। किन-किन इलाकों में कांपी धरती अफगानिस्तान में आए इस तेज भूकंप के झटके भारत के कई राज्यों में महसूस किए गए। सबसे ज्यादा असर जम्मू-कश्मीर में देखने को मिला, जहां झटके इतने तेज थे कि लोग डरकर तुरंत खुली जगहों की तरफ भागे। इसके अलावा दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के तमाम इलाकों में भी लोगों ने धरती को हिलते हुए महसूस किया। देश के अलग-अलग हिस्सों में हाल के महीनों में कई बार भूकंप के झटके आ चुके हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं। अचानक झटकों से दहशत का माहौल अचानक आए इन झटकों के कारण लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सुबह या दिन के वक्त अचानक धरती के डोलने से हर तरफ अफरातफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए बहुमंजिला इमारतों और घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इन झटकों से जान-माल के किसी बड़े नुकसान की तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इसका आप पर असर भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आम नागरिकों के लिए सतर्क रहना और सुरक्षा नियमों का पालन करना सबसे जरूरी होता है। • भारत में: देश के विभिन्न हिस्सों में बार-बार आ रहे भूकंप के झटकों के मद्देनजर ऊंची इमारतों और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत खुले स्थानों पर निकलने की सलाह दी जाती है। • जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में: स्थानीय निवासियों को किसी भी आफ्टरशॉक यानी बाद के झटकों से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए और अपने घरों में भारी सामान को सुरक्षित रखना चाहिए। प्रशासन द्वारा जारी की गई आपदा प्रबंधन गाइडलाइन्स का पालन करें। ऐसा क्यों हुआ वैज्ञानिक कारणों और विवर्तनिक प्लेटों की हलचल के चलते इस तरह के भूकंप आते हैं जिनका असर दूरदराज के क्षेत्रों तक महसूस किया जाता है। • विवर्तनिक प्लेटों की हलचल: पृथ्वी के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने या खिसकने से भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जो भूकंप का मुख्य कारण बनती है। • केंद्र की गहराई और तीव्रता: अफगानिस्तान और उसके आसपास का क्षेत्र भूगर्भीय रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहां अक्सर भारी तीव्रता वाले भूकंप आते हैं जिनका दायरा बहुत बड़ा होता है। • भौगोलिक प्रसार: उच्च तीव्रता होने के कारण ऐसे भूकंपों की ऊर्जा लंबी दूरी तय करती है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक धरती डोलने लगती है। सवाल-जवाब 1. इस भूकंप का केंद्र कहाँ था? इस भूकंप का मुख्य केंद्र अफगानिस्तान में स्थित था। 2. भारत में किन मुख्य जगहों पर झटके महसूस किए गए? भारत में जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। 3. भूकंप आने पर किन देशों में धरती डोली? अफगानिस्तान और भारत के अलावा पाकिस्तान और ताजिकिस्तान में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। 4. क्या इस भूकंप से किसी नुकसान की खबर है? शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक इन झटकों से किसी बड़े नुकसान की तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई है। https://trendkia.com/pakistan/jammu-kashmir-se-lekara-delhi-taka-mahasusa-hue-bhuknpa-ke-teja-jhatake-afghanistan-men-tha-kendra-51675 TrendKia — Har trend, sabse pehle.