# लाहौर जेल में बंद इमरान खान की तीनों बहनों की हिरासत पंजाब प्रशासन ने 30 दिनों के लिए बढ़ाई

> पाकिस्तान में पंजाब सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तीन बहनों की हिरासत अवधि 30 दिन और बढ़ा दी है। लाहौर हाई कोर्ट में इस फैसले की जानकारी दिए जाने के बाद रिहाई की याचिका भी निपटा दी गई।

**Type:** article · **Category:** पाकिस्तान · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/pakistan/lahaura-jela-men-bnda-imran-khan-ki-tinon-bahanon-ki-hirasata-punjab-prashasana-ne-30-dinon-ke-lie-barhai-52034 · **Language:** Hindi
**Tags:** इमरान खान, पाकिस्तान, पंजाब सरकार, लाहौर हाई कोर्ट, पीटीआई, अलीमा खान, कोट लखपत जेल

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के परिवार पर कानूनी शिकंजा और कड़ा हो गया है। लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद उनकी तीनों बहनों अलीमा खान, नोरीन नियाजी और डॉ. उज्मा खान को फिलहाल जेल से राहत नहीं मिलेगी। पंजाब की प्रांतीय सरकार ने प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए तीनों की हिरासत को अगले 30 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है। एक महीने से अधिक समय से सलाखों के पीछे मौजूद इन तीनों महिलाओं की तत्काल रिहाई की कोशिशों को इस प्रशासनिक कदम से बड़ा झटका लगा है।

## लाहौर हाई कोर्ट में दी गई प्रशासनिक आदेश की सूचना
इस प्रशासनिक फैसले का खुलासा उस वक्त हुआ जब अदालत में उनकी रिहाई को लेकर सुनवाई चल रही थी। पंजाब के एक सहायक महाधिवक्ता ने सोमवार को लाहौर हाई कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर यह आधिकारिक बयान दिया कि लाहौर के उपायुक्त की सिफारिश के आधार पर प्रांतीय प्रशासन ने तीनों बहनों की हिरासत अवधि में 30 दिनों का विस्तार कर दिया है। राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए विधि अधिकारी द्वारा हिरासत बढ़ाने का आदेश प्रस्तुत किए जाने के बाद अदालत ने उनकी रिहाई की मांग से जुड़ी याचिका का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया।

## भांजे शहरेज ने अदालत में दी थी गिरफ्तारी को चुनौती
हाई कोर्ट में यह कानूनी अर्जी अलीमा खान के बेटे शहरेज की ओर से दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता ने अपनी मां और दोनों मौसियों की कानूनी कस्टडी को अनुचित बताते हुए अदालत से उन्हें तुरंत रिहा करने का निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था। हालांकि, प्रांतीय सरकार द्वारा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों के तहत हिरासत की मियाद बढ़ाए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया एक नए मोड़ पर पहुंच गई है, जिससे परिवार की तुरंत राहत पाने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

## सार्वजनिक व्यवस्था अध्यादेश के तहत की गई थी कार्रवाई
प्रशासन ने तीनों बहनों को पंजाब सार्वजनिक व्यवस्था अध्यादेश, 1960 के कानूनी प्रावधानों के तहत निररुद्ध किया हुआ है। इस कानून का उपयोग स्थानीय प्रशासन कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से करता है। मामले के विवरण के अनुसार, अलीमा खान को 20 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। इसके ठीक अगले दिन प्रशासन ने डॉ. उज्मा खान और नोरीन नियाजी को भी अपनी कस्टडी में ले लिया था।

## समर्थकों की लामबंदी और राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि
प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई उस वक्त सामने आई थी जब ये बहनें जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान के पक्ष में जनसमर्थन जुटाने और कार्यकर्ताओं को लामबंद करने का प्रयास कर रही थीं। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से ही उनके समर्थक और पार्टी कैडर लगातार देशव्यापी प्रदर्शनों और उनकी रिहाई की मांग में जुटे हैं। इस ताजा आदेश के बाद इमरान खान के परिजनों, पीटीआई के नेताओं और उनके समर्थकों की निगाहें अब अगले कानूनी विकल्पों और अदालती कदमों पर टिकी हैं।

## इसका आप पर असर
इमरान खान की बहनों की हिरासत बढ़ने से पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव और कानूनी टकराव और गहराने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।

- **राजनीतिक असर:** पीटीआई कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद असंतोष और विरोध प्रदर्शनों की संभावना बढ़ सकती है। विपक्षी समर्थक इसे राजनीतिक दबाव के तौर पर देख रहे हैं जिससे सड़क और अदालतों में टकराव जारी रहेगा।
- **पारिवारिक और कानूनी असर:** परिवार के सदस्यों को अब रिहाई के लिए नए सिरे से कानूनी लड़ाई लड़नी होगी और नए आदेश को चुनौती देनी होगी। जब तक अदालत से कोई नया स्थगन या राहत नहीं मिलती, तब तक तीनों बहनों को कम से कम अगले एक महीने तक जेल में ही रहना पड़ेगा।
- **सार्वजनिक व्यवस्था:** संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर पुलिस और प्रशासनिक बंदिशें सख्त रह सकती हैं। राजनीतिक रैलियों और लोगों के जुटने पर पाबंदियों के चलते आम नागरिकों की आवाजाही पर भी इसका असर पड़ सकता है।
- **न्यायिक प्रक्रिया:** सार्वजनिक व्यवस्था अध्यादेश के तहत बार-बार हिरासत बढ़ाने के प्रशासनिक अधिकारों पर अदालत के रुख पर सबकी नजर रहेगी। इससे पाकिस्तान में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निवारक नजरबंदी कानूनों की कानूनी सीमा को लेकर बहस तेज हो सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
पंजाब सरकार ने इमरान खान की बहनों की हिरासत बढ़ाने का निर्णय प्रशासनिक सिफारिशों और कानून-व्यवस्था की चिंताओं के आधार पर लिया है।

- **सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का तर्क:** प्रांतीय प्रशासन ने पंजाब सार्वजनिक व्यवस्था अध्यादेश, 1960 का हवाला देते हुए दावा किया कि शांति बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। लाहौर के उपायुक्त की औपचारिक सिफारिश के आधार पर ही यह 30 दिन का विस्तार लागू किया गया।
- **जनसमर्थन जुटाने की कोशिशें:** इन महिलाओं को मूल रूप से 20 और 21 सितंबर को उस समय पकड़ा गया था जब वे जेल में बंद इमरान खान के समर्थन में लोगों को लामबंद करने का प्रयास कर रही थीं। अधिकारियों का मानना था कि भीड़ जुटाने की इस पहल से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती थी।
- **अदालती चुनौती का तात्कालिक निस्तारण:** जब परिवार ने रिहाई के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो सरकार ने नया हिरासत आदेश पेश कर दिया। नए प्रशासनिक आदेश के सामने आने के कारण अदालत ने पुरानी याचिका को निपटा दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. इमरान खान की बहनों की हिरासत कितने दिनों के लिए बढ़ाई गई है?
पंजाब सरकार ने लाहौर के उपायुक्त की सिफारिश पर तीनों बहनों की हिरासत अवधि को 30 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है।

### 2. इमरान खान की कौन सी बहनें जेल में बंद हैं?
लाहौर की कोट लखपत जेल में अलीमा खान, नोरीन नियाजी और डॉ. उज्मा खान बंद हैं।

### 3. उन्हें किस कानून के तहत हिरासत में रखा गया है?
तीनों बहनों को पंजाब सार्वजनिक व्यवस्था अध्यादेश, 1960 (मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर) के प्रावधानों के तहत हिरासत में रखा गया है।

### 4. प्रशासन ने उन्हें मूल रूप से कब और क्यों पकड़ा था?
उन्हें 20 और 21 सितंबर को इमरान खान के समर्थन में लोगों को जुटाने और लामबंद करने की कोशिशों के दौरान हिरासत में लिया गया था।

### 5. लाहौर हाई कोर्ट में याचिका किसने दायर की थी और उसका क्या हुआ?
यह याचिका अलीमा खान के बेटे शहरेज ने दायर की थी, जिसे सरकार द्वारा 30 दिन का नया हिरासत आदेश पेश किए जाने के बाद अदालत ने निपटा दिया।

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