पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की अंधाधुंध गोलीबारी में रावलकोट में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत, भारत ने इस्लामाबाद के दमनकारी रवैये पर साधा निशाना पाक अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में अवामी एक्शन कमेटी के लॉन्ग मार्च के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 19 लोगों की जान चली गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने पाकिस्तान द्वारा जबरन कब्जे में रखे गए इलाकों में दशकों से जारी प्रशासनिक दमन की कड़ी निंदा की है। पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट शहर में नागरिक अधिकारों के लिए निकाले जा रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई, जब पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने निहत्थे नागरिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस हिंसक कार्रवाई में कम से कम 19 प्रदर्शनकारियों की जान चली गई, जबकि दो दर्जन से अधिक नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उस समय घटी जब जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का काफिला अपनी पूर्व निर्धारित योजना के तहत आगे बढ़ रहा था। रावलकोट में घटनाक्रम और अवामी एक्शन कमेटी की अपील प्रदर्शनकारियों का काफिला चिनार चौक से गुजरते हुए डी-चौक की तरफ बढ़ रहा था। रास्ते में रात के विश्राम के लिए रावलकोट स्थित मकबूल भट शहीद चौक पर रुकने की तैयारी थी। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया और सीधी फायरिंग शुरू कर दी। संगठन ने एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर घटना की जानकारी दी और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई। वीडियो संदेश में बताया गया कि इस हिंसा में जान गंवाने वालों में आंदोलन के संस्थापक उमर नज़ीर कश्मीरी के छोटे भाई उस्मान नज़ीर भी शामिल हैं। इसके अलावा खैगाला, कोटली शहर, तत्तापानी, बंजा-बासपुर, छोटा गाला, हवेली और बलूचिस्तान से आए दो नागरिकों की भी इस फायरिंग में मौत हुई है। संगठन ने विदेशों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे संयुक्त राष्ट्र (UN) और विभिन्न देशों में स्थित पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन कर इस हिंसा का कड़ा विरोध दर्ज कराएं। हताहत हुए 19 लोगों की विस्तृत सूची गोलीबारी की इस त्रासदी में जान गंवाने वाले नागरिकों की पहचान इस प्रकार की गई है • कोटली निवासी नईम बट • रावलकोट निवासी उस्मान नज़ीर • बलूच निवासी निसार अहमद • रावलकोट निवासी काशिफ़ याक़ूब • त्रारखाल निवासी सरदार फ़िदा हुसैन • अली सोजल निवासी मुज़म्मिल • हजीरा निवासी बासित शाह • छोटा गल्ला रावलकोट निवासी फहीम अफजल • हजीरा निवासी कामरान मुश्ताक पनाखा (मुश्ताक के पुत्र) • दारेक रावलकोट निवासी जरघम खलील • रीरह बान रावलकोट निवासी साकिब हनीफ़ • नंब गवारा पल्लंद्री निवासी साकिब इशाक • तत्ता पानी निवासी अरील असगर • दरेक ढोक रावलकोट निवासी उस्मान गुल • त्रार खेल निवासी जफीर पहलवान • पाखो नरबाई निवासी निसार शाहीन • खारी शरीफ मीरपुर निवासी अली हुसैन • खुर्शीदाबाद हवेली निवासी ख्वाजा अबरार लतीफ डार • कहुटा निवासी कामरान हाफ़िज़ भारत की कड़ी प्रतिक्रिया और कूटनीतिक रुख पाक अधिकृत कश्मीर में भड़की इस हिंसा और नागरिकों पर हुए अत्याचार पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने स्पष्ट किया कि PoK में देखा जा रहा जन असंतोष दरअसल पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे जबरन कब्जे, व्यवस्थित शोषण और प्रशासनिक उत्पीड़न का ही स्वाभाविक परिणाम है। भारत ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा की है और इस क्षेत्र में नागरिकों के अधिकारों के लगातार हो रहे हनन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इसका आप पर असर • क्षेत्रीय सुरक्षा पर: पाक अधिकृत कश्मीर में बढ़ते तनाव और हिंसा का असर सीमाओं के आसपास की स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है। • मानवाधिकार और नागरिक जीवन: इस घटना से पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक जवाबदेही और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा। सवाल-जवाब 1. रावलकोट में क्या घटना घटी? रावलकोट में अवामी एक्शन कमेटी के लॉन्ग मार्च के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। 2. लॉन्ग मार्च का मुख्य उद्देश्य और मार्ग क्या था? प्रदर्शनकारी चिनार चौक से डी-चौक की ओर बढ़ रहे थे और उनका रात्रि विश्राम रावलकोट के मकबूल भट शहीद चौक पर निर्धारित था। 3. हिंसा में मारे गए प्रमुख लोगों में कौन शामिल हैं? मारे गए लोगों में आंदोलन के संस्थापक उमर नज़ीर कश्मीरी के छोटे भाई उस्मान नज़ीर भी शामिल हैं। 4. भारत ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी है? भारत ने कहा कि यह असंतोष पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे दशकों के प्रशासनिक दमन और शोषण का नतीजा है और निर्दोष नागरिकों पर की गई हिंसा की निंदा की। 5. प्रदर्शनकारियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्या मांग की है? उन्होंने विदेशों में रहने वाले लोगों से संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न देशों में स्थित पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन कर इस हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। https://trendkia.com/pakistan/rawalakot-men-pakistani-suraksha-balon-ki-andhadhundha-golibari-men-19-pradarshanakariyon-ki-mauta-india-ne-islamabad-ke-damanakar-11339 TrendKia — Har trend, sabse pehle.