{
  "type": "article",
  "title": "सिंधु समझौता रद्द होते ही जंगी भाषा बोलने लगे मुनीर, यूक्रेन की ट्रेनिंग से बढ़ा हौसला?",
  "summary": "सिंधु नदी समझौता रद्द होने के बाद आसिम मुनीर भारत को धमकी दे रहे हैं, जबकि ऑपरेशन सिंदूर में उनका 600 ड्रोन वाला प्लान बुरी तरह फेल हो चुका है। अब खबर है कि यूक्रेन पाकिस्तानी सेना को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग दे रहा है, जिससे मुनीर का कॉन्फिडेंस अचानक बढ़ गया है।",
  "content": "पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर सिंधु नदी समझौता रद्द होने के बाद अचानक जंग की भाषा बोलने लगे हैं और भारत के खिलाफ हर तरीका अपनाने की धमकी दे रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में करारी हार झेलने के बाद आखिर मुनीर को इतना आत्मविश्वास कहां से मिल रहा है। कहीं इसकी वजह यूक्रेन का वह कांड तो नहीं, जिसे भारत ने कुछ महीने पहले नाकाम कर दिया था। भारत की सीमा पर करीब 600 ड्रोन गंवाने के बाद अब खबर है कि यूक्रेन पाकिस्तानी सेना को ट्रेनिंग दे रहा है, और इसी ट्रेनिंग ने मुनीर के हौसले बुलंद कर दिए हैं।\n\nबार-बार फेल हुआ पाकिस्तान का ड्रोन प्लान\nपिछले साल पाकिस्तानी सेना ने भारत के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सबसे आधुनिक साजिश रचने की कोशिश की थी। योजना यह थी कि भारतीय सीमा के भीतर अहम ठिकानों को निशाना बनाने के लिए एक साथ करीब 600 ड्रोन उड़ाए जाएं, लेकिन यह पूरा अभियान बुरी तरह नाकाम रहा। ज्यादातर ड्रोन या तो भारतीय सेना ने सीमा पर ही मार गिराए, या फिर तकनीकी खराबी की वजह से वे खुद ही क्रैश हो गए। कुछ ड्रोन का मलबा रिहायशी इलाकों में गिरने से आम लोगों को थोड़ा नुकसान जरूर हुआ, लेकिन कुल मिलाकर भारत ने पाकिस्तान के इस मेगा ड्रोन प्लान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस करारी हार ने पाकिस्तानी सेना को यह मानने पर मजबूर कर दिया कि उसकी मौजूदा ड्रोन तकनीक भारत के सामने कहीं नहीं टिकती।\n\nयूक्रेन से मदद लेने पहुंचा पाकिस्तान\nऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिली हार और भारत के खिलाफ बार-बार नाकाम हुई साजिशों के बाद पाकिस्तान ने अपनी कमजोरी छिपाने और आधुनिक ड्रोन युद्धकला सीखने के लिए अपने पुराने सहयोगी यूक्रेन का रुख किया। यूक्रेन बीते कई सालों से रूस के खिलाफ एक बेहद भीषण और हाईटेक जंग लड़ रहा है, जिसमें ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हुआ है। इसी लंबी लड़ाई ने यूक्रेन को ड्रोन ऑपरेशन, कामिकेज ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में दुनिया का सबसे अनुभवी और युद्ध में तपा हुआ देश बना दिया है।\n\nयूक्रेन आखिर पाकिस्तानी सेना को सिखा क्या रहा है\nअब यूक्रेन अपने इसी युद्ध के अनुभव और महारत को कमाई का जरिया बनाकर इस्तेमाल कर रहा है और दूसरे देशों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग दे रहा है। पाकिस्तान इस ट्रेनिंग को अपने लिए संजीवनी बूटी मान रहा है, क्योंकि वह भारत के हाथों मिली शिकस्त का बदला लेने का सपना देख रहा है। यही वजह है कि जनरल मुनीर का आत्मविश्वास अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है और वह खुलेआम धमकी भरी भाषा बोल रहे हैं। भारत के लिए यह घटनाक्रम इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह ठीक उस समय सामने आया है, जब सिंधु नदी समझौता रद्द होने से दोनों देशों के बीच पहले से तनाव चरम पर है।\n\nयूक्रेन का भारत के साथ पुराना इतिहास भी रहा उलझा हुआ\nसोवियत संघ से अलग होकर स्वतंत्र देश बने यूक्रेन ने अतीत में संयुक्त राष्ट्र में कई बार भारत के खिलाफ रुख अपनाया था। चाहे भारत का परमाणु परीक्षण हो या कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की मांग, यूक्रेन के पुराने फैसले भारत के पक्ष में नहीं रहे। हालांकि बाद के सालों में यूक्रेन की आधिकारिक नीति में बड़ा बदलाव आया। यूक्रेन ने हमेशा यह माना है कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा पूरी तरह भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मामला है, जिसे दोनों देशों को 1972 के शिमला समझौते के तहत आपस में बैठकर सुलझाना चाहिए। यूक्रेन का यह रुख भारत की उस नीति के बिल्कुल अनुकूल है, जिसके तहत नई दिल्ली किसी भी तीसरे देश की मध्यस्थता या कश्मीर मुद्दे के अंतरराष्ट्रीयकरण का कड़ा विरोध करती है।\n\nयही वजह है कि यूक्रेन की मौजूदा ड्रोन ट्रेनिंग को लेकर भारत में सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुराना सहयोगी अब पाकिस्तान की मदद कर भारत के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में जिस तरह पाकिस्तान के मेगा ड्रोन प्लान को नाकाम किया था, उसके बाद पाकिस्तान की यह नई रणनीति दिखाती है कि वह तकनीकी बढ़त हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। ऐसे में जनरल मुनीर की धमकियों को महज बयानबाजी मानकर खारिज करने की बजाय भारत को इस बदलते समीकरण पर बारीकी से नजर रखनी होगी।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत के लिए: पाकिस्तान और यूक्रेन के बीच ड्रोन ट्रेनिंग की खबरें सीमा पर सुरक्षा हालात को और संवेदनशील बना सकती हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तैनाती बढ़ने की संभावना है।\n• भारत के लिए: सिंधु नदी समझौता रद्द होने के बाद पहले से बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तान की धमकियां और यूक्रेन से मिल रही ड्रोन ट्रेनिंग भारत की रक्षा तैयारियों और कूटनीतिक रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आसिम मुनीर भारत को धमकी क्यों दे रहे हैं?\nसिंधु नदी समझौता रद्द होने के बाद आसिम मुनीर भारत के खिलाफ हर तरीका इस्तेमाल करने की धमकी दे रहे हैं।\n\n2. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का ड्रोन प्लान कैसे फेल हुआ?\nपाकिस्तान ने भारतीय सीमा के भीतर ठिकानों को निशाना बनाने के लिए करीब 600 ड्रोन का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी, लेकिन ज्यादातर ड्रोन भारतीय सेना ने मार गिराए या वे तकनीकी खराबी से खुद ही क्रैश हो गए।\n\n3. यूक्रेन अब पाकिस्तानी सेना को क्या ट्रेनिंग दे रहा है?\nयूक्रेन अपने ड्रोन ऑपरेशन, कामिकेज ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के युद्ध अनुभव के आधार पर पाकिस्तानी सेना को ड्रोन युद्धकला की ट्रेनिंग दे रहा है।\n\n4. क्या यूक्रेन का भारत के प्रति रुख हमेशा से ऐसा ही रहा है?\nनहीं, अतीत में यूक्रेन ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के परमाणु परीक्षण और कश्मीर मुद्दे पर भारत विरोधी रुख अपनाया था, लेकिन बाद में उसकी नीति बदल गई।\n\n5. यूक्रेन अब कश्मीर मुद्दे पर क्या मानता है?\nयूक्रेन मानता है कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा 1972 के शिमला समझौते के तहत भारत और पाकिस्तान को आपस में बैठकर सुलझाना चाहिए, जो भारत की नीति के अनुकूल है।",
  "url": "https://trendkia.com/pakistan/sindhu-samajhauta-radda-hote-hi-jngi-bhasha-bolane-lage-munir-ukraine-ki-treninga-se-barha-hausala-5337",
  "category": "पाकिस्तान",
  "publishedAt": "2026-07-07",
  "tags": [
    "आसिम मुनीर",
    "ऑपरेशन सिंदूर",
    "यूक्रेन ड्रोन ट्रेनिंग",
    "सिंधु नदी समझौता",
    "भारत पाकिस्तान तनाव",
    "पाकिस्तान सेना",
    "जम्मू कश्मीर"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}