संयुक्त राष्ट्र में भारत का पलटवार, आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजनयिक रघू पुरी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए ओसामा बिन लादेन और दाऊद इब्राहिम की पनाहगाह होने का मुद्दा उठाया। संयुक्त राष्ट्र में भारत ने एक बार फिर सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है। वैश्विक मंच पर शांति और मानवाधिकारों का दिखावा करने की कोशिश कर रहे पड़ोसी मुल्क को भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने तथ्यों के आधार पर आईना दिखाया। भारतीय राजनयिक ने स्पष्ट किया कि जो देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है, वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उपदेश देने की स्थिति में नहीं है। भारतीय राजनयिक रघू पुरी का तीखा प्रहार संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रथम सचिव रघू पुरी ने चर्चा के दौरान पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को राजकीय नीति के तौर पर इस्तेमाल करने वाला देश जब खुद को पीड़ितों का हमदर्द दिखाता है, तो यह वैश्विक बिरादरी के लिए हास्यास्पद स्थिति बन जाती है। भारतीय प्रतिनिधि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया भली-भांति जानती है कि सबसे खतरनाक आतंकियों को असल में कहां पनाह मिलती रही है। ओसामा बिन लादेन और दाऊद इब्राहिम का उठाया संदर्भ अपने संबोधन में रघू पुरी ने कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन का जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को भी उसी देश में छिपा पाया गया था और अंततः वहीं मार गिराया गया था। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम के सुरक्षित ठिकानों का मुद्दा भी उठाया। भारत ने स्पष्ट किया कि जिस देश में दाऊद इब्राहिम की मौजूदगी और उसके सेफ हाउस होने की पुष्टि होती रही है, वह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई पर सवाल नहीं उठा सकता। वैश्विक मंचों पर भारत का कड़ा रुख भारत ने दोहराया कि जब तक पाकिस्तान अपनी धरती से संचालित होने वाले आतंकी ढांचों और आतंकियों को वित्तीय मदद तथा शरण देना पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसके झूठे दावों में नहीं आना चाहिए। भारत ने वैश्विक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सीमा पार से प्रायोजित हिंसा और आतंक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसका आप पर असर संयुक्त राष्ट्र में भारत द्वारा पाकिस्तान की जवाबदेही तय करने का कूटनीतिक और सुरक्षा के स्तर पर सीधा असर पड़ता है। • राष्ट्रीय सुरक्षा: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद को बेनकाब करने से पाकिस्तान पर आतंकी ठिकानों को खत्म करने का कूटनीतिक दबाव बढ़ता है। इससे भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलती है। • वैश्विक वित्तीय निगरानी: इस तरह के कूटनीतिक बयानों से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निगरानी संस्थाओं के समक्ष पाकिस्तान के आतंकी वित्तपोषण का मामला मजबूत होता है। इससे पड़ोसी देश को अपनी जमीन पर आतंकी तंत्र के खिलाफ सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं। • कूटनीतिक साख: विश्व मंच पर भारत का यह स्पष्ट रुख वैश्विक सुरक्षा वार्ताओं में देश की स्थिति को और अधिक मजबूत करता है। भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सुरक्षा प्राथमिकताओं का समर्थन मिलने का भरोसा मिलता है। • प्रवासी भारतीय समुदाय: विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को इस बात का स्पष्ट संदेश मिलता है कि भारत अपनी संप्रभुता के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से खड़ा है। यह वैश्विक मंचों पर भारत की सशक्त छवि को प्रदर्शित करता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के विषय पर आयोजित सत्र के दौरान सामने आया, जहां पाकिस्तान ने खुद को शांति के पैरोकार के रूप में पेश करने की कोशिश की थी। • पाकिस्तान की बयानबाजी: पाकिस्तान ने मंच का उपयोग करते हुए उपदेशात्मक टिप्पणियां कीं और आतंकवाद पर खुद को पीड़ित दिखाने का प्रयास किया। इसी बयान के जवाब में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अपने प्रत्युत्तर का उपयोग किया। • सुरक्षित पनाहगाहों का इतिहास: भारत ने संदर्भ दिया कि 2011 में ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद में पाया गया था और वहीं मारा गया था। इसके साथ ही दाऊद इब्राहिम को मिली शरण का तथ्य भी वैश्विक स्तर पर जगजाहिर है। • भारत की प्रत्युत्तर नीति: संयुक्त राष्ट्र में भारत हमेशा पाकिस्तान के ऐसे दोहरे बयानों का तत्काल और तथ्यों के साथ खंडन करता रहा है। रघू पुरी का वक्तव्य इसी स्थापित राजनयिक प्रक्रिया का हिस्सा था। सवाल-जवाब 1. संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से पाकिस्तान को किसने जवाब दिया? संयुक्त राष्ट्र में भारत के फर्स्ट सेक्रेटरी रघू पुरी ने पाकिस्तान के बयानों का करारा जवाब दिया। 2. भारतीय राजनयिक ने किन आतंकियों का नाम लेकर पाकिस्तान को घेरा? भारतीय प्रतिनिधि ने अलकायदा के मारे गए सरगना ओसामा बिन लादेन और भगोड़े दाऊद इब्राहिम का नाम लिया। 3. ओसामा बिन लादेन को लेकर भारत ने क्या कहा? भारत ने याद दिलाया कि ओसामा बिन लादेन को उसी देश में खोजकर मार गिराया गया था, जहां दाऊद इब्राहिम के सुरक्षित ठिकाने बताए जाते हैं। 4. भारत ने पाकिस्तान के बारे में क्या मुख्य आरोप लगाया? भारत ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों का सेफ हाउस बना हुआ है और उसे वैश्विक मंचों पर उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। https://trendkia.com/pakistan/snyukta-rashtra-men-india-ka-palatavara-atnkavada-ke-mudde-para-pakistan-ko-ghera-50408 TrendKia — Har trend, sabse pehle.