# दिल्ली प्ले स्कूल प्रताड़ना मामले के बाद सचेत हों अभिभावक, दाखिले की जांच से लेकर रोज़ की सुरक्षा तक के अहम नियम

> पूर्वोत्तर दिल्ली के मकून्स किड्स स्कूल में तीन साल के बच्चे पर हुई क्रूरता के बाद प्ले स्कूलों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जानिए दाखिले से पहले की जरूरी चेकलिस्ट और बच्चे से रोज पूछी जाने वाली अहम बातें।

**Type:** article · **Category:** पेरेंटिंग · **Published:** 2026-08-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/parenting/delhi-ple-skula-pratarana-mamale-ke-bada-sacheta-hon-abhibhavaka-dakhile-ki-jancha-se-lekara-roza-ki-suraksha-taka-ke-ahama-niyama-25014 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्ले स्कूल सुरक्षा, दिल्ली समाचार, पेरेंटिंग टिप्स, मकून्स किड्स स्कूल, बाल सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट

पूर्वोत्तर दिल्ली के मौजपुर और जाफराबाद इलाके में स्थित मकून्स किड्स स्कूल की घटना ने देश भर के अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। एक तीन साल के मासूम बच्चे को घंटों एप्रन की मदद से कुर्सी से बांधकर पीटने और प्रताड़ित करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के बाद प्ले स्कूलों में सुरक्षा के मानकों और वहां के माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कामकाज और व्यस्तता के कारण छोटे बच्चों को प्री-स्कूल भेजने वाले माता-पिता को अब अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।

## दिल्ली के मौजपुर मामले से उजागर हुई प्ले स्कूलों की खौफनाक सच्चाई
मकून्स किड्स स्कूल में पढ़ने वाले तीन वर्षीय बच्चे के व्यवहार में जब अचानक अजीब बदलाव दिखने लगे, तब इस पूरी दरिंदगी का भंडाफोड़ हुआ। बच्चा रात में अचानक चीखकर जाग जाता था और स्कूल का नाम सुनते ही सिहर उठता था। इतना ही नहीं, उसने शौचालय जाने से भी डरना शुरू कर दिया था। परिजनों ने जब उसके शरीर पर चोट के निशान देखे और डॉक्टर से परामर्श किया, तो पता चला कि बच्चे के कान के पर्दों में गंभीर सूजन आ चुकी थी और उसके साथ शारीरिक हिंसा की गई थी।

जब अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन से CCTV रिकॉर्डिंग देखने की मांग की, तो प्रबंधन टालमटोल करने लगा और फुटेज उपलब्ध कराने के बदले पैसों की मांग की। इसके पश्चात पुलिस के हस्तक्षेप से जब CCTV की जांच की गई, तो देखा गया कि वहां तैनात महिला अटेंडेंट बच्चे को एप्रन से कुर्सी पर बांधकर प्रताड़ित कर रही थी। इस मामले में पुलिस ने POCSO कानून के तहत मामला दर्ज कर विद्यालय की प्रधानाचार्य और आरोपी महिला अटेंडेंट को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शिक्षा विभाग ने भी एक जांच समिति गठित कर दी है।

## मासूमों के व्यवहार में बदलाव और अनदेखे संकेत
अधिकांश मामलों में बहुत छोटे बच्चे अपने साथ हुई आपबीती या प्रताड़ना को शब्दों में बयान नहीं कर पाते हैं। वे स्कूल से लौटने के बाद अचानक शांत हो जाते हैं, खेलने-कूदने में रुचि खो देते हैं या अत्यधिक डरे हुए नजर आने लगते हैं। कई बार बच्चे स्कूल की ड्रेस देखकर रोने लगते हैं या सिरदर्द व पेट दर्द का बहाना बनाते हैं। अभिभावक अक्सर इसे नए माहौल में जाने की झिझक या बहाना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही अनदेखी बच्चे को गहरे मानसिक आघात की तरफ धकेल सकती है। इसलिए बच्चे की हर छोटी गतिविधि पर नजर रखना अनिवार्य है।

## प्ले स्कूल में दाखिला कराने से पहले इन 7 बातों की जांच करें
- **लाइव CCTV कैमरे की सुविधा:** जिस संस्थान में पारदर्शिता की कमी हो, वहां जोखिम अधिक रहता है। अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्कूल उन्हें क्लासरूम का लाइव CCTV एक्सेस देने को तैयार है या नहीं।
- **शिक्षक और बच्चों का अनुपात:** कक्षा में बच्चों की कुल संख्या सीमित होनी चाहिए ताकि हर बच्चे पर शिक्षक और केयरटेकर की उचित निगरानी बनी रहे।
- **कर्मचारियों की पृष्ठभूमि का सत्यापन:** स्कूल में नियुक्त अध्यापकों, अटेंडेंट और सपोर्ट स्टाफ का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से हुआ है या नहीं, इसकी लिखित पुष्टि मांगें।
- **शौचालय की स्वच्छता और महिला स्टाफ:** विद्यालय के वॉशरूम खुद जाकर देखें कि वहां सफाई कैसी है और छोटे बच्चों की देखभाल के लिए वहां केवल महिला स्टाफ तैनात है या नहीं।
- **अचानक निरीक्षण:** स्कूल का चयन करते समय छुट्टी होने से 15 मिनट पहले या लंच टाइम के समय अचानक जाकर वहां के कर्मचारियों के व्यवहार और व्यवस्था का मुआयना करें।
- **सपोर्ट स्टाफ का बदलाव दर:** यदि स्कूल में आया या ड्राइवर हर दो-तीन महीने में बदल रहे हैं, तो यह कार्यस्थल के खराब वातावरण और कमजोर वेरिफिकेशन की ओर इशारा करता है।
- **कमरों की बनावट और दृश्यता:** क्लासरूम बेसमेंट या पूरी तरह बंद स्थान पर नहीं होने चाहिए। कमरों में पारदर्शी कांच की खिड़कियां होनी चाहिए ताकि बाहर से भी अंदर की गतिविधियां दिखाई दें।

## स्कूल से लौटने पर बच्चे से करें ये 4 सवाल
बच्चा जब भी घर लौटे, तो उससे पढ़ाई या गृहकार्य के बारे में पूछने के बजाय सहज और प्यार भरे अंदाज में बातचीत करें

- आज स्कूल में तुम्हारा सबसे पसंदीदा पल कौन सा था और तुमने किसके साथ खेला?
- क्या आज तुम्हें किसी बात पर डर लगा या किसी ने डांट लगाई?
- क्या आज क्लास में किसी बच्चे को कोई सजा दी गई थी?
- तुम्हें स्कूल में कौन से सर, मैम या आया दीदी सबसे अच्छे लगते हैं और किससे डर लगता है?

## इसका आप पर असर
यह खबर हर उस परिवार के लिए एक अलर्ट है जो अपने मासूम बच्चों को प्ले स्कूल या डे-केयर भेजते हैं।

- **भारत में:** देश भर के अभिभावकों को प्ले स्कूल में प्रवेश कराने से पहले सीसीटीवी एक्सेस, स्टाफ पुलिस वेरिफिकेशन और क्लासरूम की दृश्यता जैसे कड़े सुरक्षा मानकों की खुद जांच करनी होगी।
- **दिल्ली में:** मौजपुर में मकून्स किड्स स्कूल पर हुई कार्रवाई के बाद दिल्ली एनसीआर के प्ले स्कूलों की निगरानी और शिक्षा विभाग के नियमों की सख्ती बढ़ गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली के मकून्स किड्स स्कूल में क्या घटना हुई?
मौजपुर स्थित मकून्स किड्स स्कूल में 3 साल के मासूम बच्चे को अटेंडेंट द्वारा एप्रन से कुर्सी पर बांधकर पीटने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है।

### 2. पुलिस ने इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की है?
पुलिस ने POCSO कानून के तहत FIR दर्ज कर स्कूल की प्रिंसिपल और आरोपी महिला अटेंडेंट को गिरफ्तार कर लिया है।

### 3. बच्चे में प्रताड़ना के क्या लक्षण दिखाई दिए थे?
बच्चा रात में डरकर रोता था, शौचालय जाने से घबराता था, स्कूल जाने से मना करता था और उसके कान के पर्दों में सूजन पाई गई।

### 4. प्ले स्कूल में एडमिशन के वक्त अभिभावकों को किन मुख्य बातों का ध्यान रखना चाहिए?
लाइव सीसीटीवी एक्सेस, स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन, कमरों की कांच वाली बनावट और वॉशरूम में महिला स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित करनी चाहिए।

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