# गैजेट्स की जगह किताबों से भरी अलमारियां, असिन और राहुल शर्मा ऐसे संवार रहे हैं अपनी बेटी का बचपन

> फिल्म 'गजनी' फेम असिन और उनके पति राहुल शर्मा अपनी बेटी अरिन को मोबाइल और टीवी से पूरी तरह दूर रखकर किताबों और नई भाषाओं की दुनिया से जोड़ रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** पेरेंटिंग · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/parenting/gaijetsa-ki-jagaha-kitabon-se-bhari-alamariyan-asin-aura-rahul-sharma-aise-snvara-rahe-hain-apani-beti-ka-bachapana-51879 · **Language:** Hindi
**Tags:** असिन, राहुल शर्मा, पेरेंटिंग, किताबें, स्क्रीन टाइम, बॉलीवुड, माइक्रोमैक्स, पारवरिश

सिनेमा की चकाचौंध से दूर पारिवारिक जीवन में व्यस्त अभिनेत्री असिन थोट्टुमकल 26 अक्टूबर को अपना 41वां जन्मदिन मना रही हैं। आमिर खान के साथ सुपरहिट फिल्म ‘गजनी’ से बॉलीवुड में अपनी मजबूत छाप छोड़ने वाली असिन इन दिनों अपना पूरा समय अपनी बेटी अरिन रेन शर्मा की परवरिश में लगा रही हैं। असिन के पति और माइक्रोमैक्स के सह-संस्थापक राहुल शर्मा ने खुलासा किया है कि उनके घर में पालन-पोषण का तरीका बेहद अनोखा और अनुशासित है। आधुनिक दौर में जहां अधिकांश बच्चे स्क्रीन पर निर्भर हो चुके हैं, वहीं उनकी बेटी को टीवी और मोबाइल फोन से पूरी तरह दूर रखा गया है।

## गैजेट्स की लत से बचाने के लिए उठाया ठोस कदम
आजकल बहुत कम उम्र में ही बच्चे स्मार्टफोन, टैबलेट और टीवी पर घंटों वीडियो देखने या गेम खेलने के आदी हो जाते हैं। असिन और राहुल शर्मा ने अपनी बेटी के लिए बिल्कुल अलग माहौल तैयार किया है। राहुल शर्मा ने MyGov India के साथ एक बातचीत में इस बात को साझा किया था कि उन्होंने अरिन को टीवी और मोबाइल देखने की आदत बिल्कुल नहीं पड़ने दी है। दंपति का स्पष्ट मानना है कि छोटे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए यह बेहद जरूरी है कि उनका समय गैजेट्स में बर्बाद होने के बजाय किताबों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में लगे।

## घर में स्कूल की लाइब्रेरी से भी बड़ा किताबों का संग्रह
स्क्रीन से दूर रखने के साथ-साथ असिन और राहुल ने घर के भीतर पढ़ने-लिखने का एक समृद्ध माहौल बनाया है। राहुल शर्मा के अनुसार, उनके घर में किताबों का इतना विशाल संग्रह है कि वह शायद उनकी बेटी के स्कूल की लाइब्रेरी में मौजूद किताबों से भी अधिक हो। अरिन वर्तमान में दूसरी कक्षा में पढ़ती हैं, लेकिन घर में उनके अध्ययन के लिए आठवीं और नौवीं कक्षा तक की पुस्तकें भी रखी गई हैं। राहुल ने इस संदर्भ में हल्का-फुल्का मजाक करते हुए यह भी कहा था कि जब घर में इतनी किताबें पहले से मौजूद हैं, तो अरिन को सीधे दसवीं कक्षा की परीक्षा ही दिला देनी चाहिए। यह बात दर्शाती है कि उनके घर में ज्ञान और अध्ययन को कितनी प्राथमिकता दी जाती है।

## 12 भाषाओं में गहरी दिलचस्पी दिखाती है नन्हीं अरिन
घर में मिले इस सकारात्मक और साहित्यिक माहौल का असर बच्ची की बौद्धिक क्षमता पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। राहुल शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी कई भाषाओं को सीखने और समझने में गहरी रुचि रखती है। अरिन को कोरियन, जापानी, थाई और चीनी समेत लगभग 12 भाषाओं में दिलचस्पी है, जो अपने आप में काफी हैरान करने वाला और अनूठा है। बच्चों को नियमित कहानियां सुनाने, किताबें पढ़कर सुनाने और बहुभाषी परिवेश से परिचित कराने से उनकी सीखने की गति कई गुना तेज हो जाती है और उनकी दुनिया को देखने की समझ व्यापक बनती है।

## अभिनय करियर छोड़ परिवार और परवरिश को बनाया प्राथमिकता
राहुल शर्मा ने हमेशा अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी में असिन को एक मजबूत स्तंभ के रूप में देखा है। उनका कहना है कि कठिन समय में असिन उनका मनोबल बढ़ाती हैं और हमेशा मजबूती से उनके साथ खड़ी रहती हैं। राहुल ने विशेष तौर पर बेटी के संस्कारों और देखभाल में असिन के समर्पण की सराहना की। असिन ने साल 2016 में राहुल शर्मा से विवाह किया था। इसके बाद अक्टूबर 2017 में दोनों की बेटी अरिन का जन्म हुआ। विवाह और मातृत्व के बाद असिन ने अभिनय जगत को अलविदा कह दिया और अपनी पूरी ऊर्जा अपने परिवार और बच्ची के उज्ज्वल भविष्य को संवारने में समर्पित कर दी।

## संतुलित विकास और सीमित स्क्रीन समय का महत्व
हर माता-पिता के पालन-पोषण का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन बच्चों को पुस्तकों, पारिवारिक संवाद और रचनात्मक वातावरण से जोड़ना उनके भविष्य के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होता है। अभिभावक बच्चों को नई चीजें सीखने और रचनात्मक रुचियां विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। साथ ही उम्र के अनुसार मोबाइल और टीवी के इस्तेमाल पर सख्त नियंत्रण रखना भी बेहद जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी छोटे बच्चों के लिए स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय को बेहद सीमित रखने की सिफारिश करता है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक खेलकूद, विश्राम और अन्य गतिविधियों में संतुलन होना अनिवार्य है।

## इसका आप पर असर
यह खबर आधुनिक माता-पिता को बच्चों के स्क्रीन समय और पढ़ने की आदतों के बीच संतुलन बनाने की व्यावहारिक प्रेरणा देती है।

- **सीमित स्क्रीन समय:** विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार छोटे बच्चों का स्क्रीन समय सीमित रखना उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। अभिभावक फोन देने के बजाय बच्चों को किताबों या शारीरिक खेलकूद में व्यस्त रखने की दिनचर्या बना सकते हैं।
- **घर में पढ़ने का माहौल:** बच्चों के आसपास किताबें रखने से उनमें स्वतंत्र अध्ययन और नई चीजें सीखने की रुचि विकसित होती है। दूसरी कक्षा के स्तर से ही बच्चों को विविध विषयों और कहानियों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
- **भाषा सीखने के अवसर:** छोटी उम्र में बच्चों को नई भाषाओं और संस्कृतियों से परिचित कराना उनकी संज्ञानात्मक क्षमता को बढ़ाता है। माता-पिता बच्चों को विभिन्न भाषाओं की ऑडियो कहानियां और सचित्र किताबें उपलब्ध करा सकते हैं।
- **पारिवारिक संवाद और संतुलन:** बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताना गैजेट्स की निर्भरता को आसानी से कम कर देता है। नियमित बातचीत, कहानी सत्र और पर्याप्त विश्राम से बच्चे का सर्वांगीण विकास संभव होता है।

## ऐसा क्यों हुआ
असिन और राहुल शर्मा ने अपनी बेटी के मानसिक विकास को ध्यान में रखकर स्क्रीन मुक्त और पुस्तक-केंद्रित वातावरण तैयार करने का सचेत निर्णय लिया।

- **स्क्रीन की लत से बचाव:** छोटे बच्चों में मोबाइल और टीवी की लत उनके ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और रचनात्मकता पर नकारात्मक असर डाल सकती है। इसी चिंता के कारण दंपति ने अपनी बेटी को शुरू से ही डिजिटल गैजेट्स से पूरी तरह दूर रखा।
- **किताबों के प्रति सहज रुचि जगाना:** जब बच्चों के पास गैजेट्स का विकल्प नहीं होता, तो वे स्वाभाविक रूप से पुस्तकों और रचनात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित होते हैं। माता-पिता ने घर में स्कूल की लाइब्रेरी से भी बड़ा किताबों का संग्रह रखकर अध्ययन को प्रोत्साहित किया।
- **करियर पर परिवार को वरीयता:** शादी और 2017 में बेटी के जन्म के बाद असिन ने अभिनय से दूरी बनाकर अपनी बेटी के लालन-पालन पर व्यक्तिगत ध्यान देने का फैसला किया। इस व्यक्तिगत जुड़ाव ने बच्ची को सुरक्षित और सीखने योग्य समृद्ध परिवेश प्रदान करने में मदद की।

## सवाल-जवाब

### 1. असिन थोट्टुमकल का 41वां जन्मदिन कब है?
असिन थोट्टुमकल 26 अक्टूबर को अपना 41वां जन्मदिन मना रही हैं।

### 2. असिन और राहुल शर्मा ने अपनी बेटी को किन चीजों से दूर रखा है?
असिन और राहुल शर्मा ने अपनी बेटी अरिन को टेलीविजन और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से पूरी तरह दूर रखा है।

### 3. अरिन किस कक्षा में पढ़ती हैं और उनके घर में किस कक्षा की किताबें मौजूद हैं?
अरिन दूसरी कक्षा में पढ़ती हैं, लेकिन उनके घर में उनके अध्ययन के लिए आठवीं और नौवीं कक्षा तक की किताबें रखी गई हैं।

### 4. राहुल शर्मा के अनुसार उनकी बेटी को कितनी भाषाओं में दिलचस्पी है?
राहुल शर्मा के अनुसार उनकी बेटी को कोरियन, जापानी, थाई और चीनी समेत करीब 12 भाषाओं में दिलचस्पी है।

### 5. असिन और राहुल शर्मा का विवाह किस वर्ष हुआ था?
असिन और माइक्रोमैक्स के सह-संस्थापक राहुल शर्मा का विवाह साल 2016 में हुआ था।

### 6. उनकी बेटी अरिन का जन्म कब हुआ था?
उनकी बेटी अरिन का जन्म अक्टूबर 2017 में हुआ था।

### 7. विश्व स्वास्थ्य संगठन छोटे बच्चों के स्क्रीन समय को लेकर क्या सलाह देता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन छोटे बच्चों के लिए स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय को कड़ाई से सीमित रखने की सिफारिश करता है।

## प्रेरणा और सबक
असिन और राहुल शर्मा की पेरेंटिंग शैली दिखाती है कि जागरूकता और स्पष्ट प्राथमिकताओं के जरिए बच्चों को डिजिटल विकर्षणों से दूर रखकर बौद्धिक रूप से समृद्ध बनाया जा सकता है।

- **साधनों से ज्यादा संस्कारों को प्राथमिकता:** डिजिटल गैजेट्स के दौर में बच्चों को स्क्रीन से दूर रखना माता-पिता के दृढ़ संकल्प और समय देने की प्रतिबद्धता पर निर्भर करता है। माता-पिता को बच्चों को फोन थमाने के बजाय उनके साथ समय बिताने का प्रयास करना चाहिए।
- **घर को ज्ञान का केंद्र बनाना:** घर में किताबों का बड़ा संग्रह रखना बच्चों में बचपन से ही पढ़ने और नई चीजें सीखने की स्वाभाविक ललक पैदा करता है। अध्ययनशील परिवेश किसी भी औपचारिक स्कूल की तुलना में बच्चों को अधिक प्रेरित करता है।
- **बहुमुखी प्रतिभा को खुला मंच देना:** बच्चों को कई भाषाओं और संस्कृतियों से परिचित कराकर उनके दृष्टिकोण को वैश्विक बनाया जा सकता है। अरिन का 12 भाषाओं में रुचि लेना यह सिखाता है कि सही प्रोत्साहन मिलने पर बच्चे असीमित क्षमता दिखा सकते हैं।

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