45वें जन्मदिन पर महावीर मंदिर पहुंचे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, सदन में भी दिया भाषण अपने खास दिन की शुरुआत महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना से करने के बाद, नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में हिस्सा लिया। शाम को उन्होंने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ केक काटकर जन्मदिन का जश्न मनाया। बिहार के नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अपना 45वां जन्मदिन पूरी व्यस्तता और सादगी के साथ मनाया। उनके इस खास दिन की शुरुआत ईश्वर के आशीर्वाद के साथ हुई, जिसके लिए वह राजधानी के सबसे प्रसिद्ध महावीर मंदिर पहुंचे। मंदिर में उन्होंने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान की पूजा-अर्चना की। इस खास मौके पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई देने के लिए मंदिर परिसर के बाहर उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई थी। हालात और भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से वहां सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दर्शन और पूजा की विधि पूरी होने के बाद, वह अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंदिर से रवाना हो गए। बतौर मंत्री पहले मानसून सत्र में लिया भाग धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने के तुरंत बाद वह सीधे बिहार विधानसभा की ओर निकल गए, जहां मानसून सत्र की अहम कार्यवाही चल रही थी। स्वास्थ्य विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका पहला मानसून सत्र है, इसलिए उन पर सभी की नजरें थीं। सदन परिसर में पहुंचते ही उन्होंने कई वरिष्ठ विधायकों, अधिकारियों और अन्य राजनेताओं से शिष्टाचार मुलाकात कर बातचीत की। पूरे दिन विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उनकी सक्रिय उपस्थिति सियासी गलियारों और मीडिया में चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही। सदन में विकास के एजेंडे पर की बात मानसून सत्र की कार्यवाही में पूरी तरह से हिस्सा लेते हुए मंत्री ने विधानसभा में अपना पहला महत्वपूर्ण वक्तव्य भी सदन के पटल पर रखा। सभी निर्वाचित सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर प्रमुखता से जोर दिया कि विधानसभा में आने वाले हर प्रतिनिधि को "न्याय के साथ विकास" का मूल मंत्र हमेशा अपने जहन में रखना चाहिए। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि ठीक इसी विजन और विचार के साथ पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगातार 20 सालों तक राज्य की जनता की अथक सेवा की है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उसी विकासवादी विचारधारा और संकल्प को पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। पिता नीतीश कुमार के साथ काटा केक विधानसभा की तमाम अहम जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निपटाने के बाद, दिन का आखिरी पहर उन्होंने पूरी तरह से अपने परिवार को समर्पित किया। शाम को उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार और परिवार के अन्य खास रिश्तेदारों की मौजूदगी में केक काटकर अपने जन्मदिन का जश्न मनाया। जैसे ही इस पारिवारिक सेलिब्रेशन की खूबसूरत तस्वीरें सार्वजनिक हुईं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उन्हें बधाई देने वालों का जैसे तांता लग गया। पूरे दिन अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और आम जनता की ओर से उन्हें लगातार शुभकामनाएं मिलती रहीं। उनके जन्मदिन को लेकर उनके सभी समर्थकों में सुबह से लेकर शाम तक गजब का उत्साह और उमंग देखने को मिला। इसका आप पर असर • बिहार के निवासियों के लिए: स्वास्थ्य मंत्री के रूप में निशांत कुमार की सक्रियता दिखाती है कि वे सरकार के कामकाज और नई जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर हैं। • राजनीतिक प्रभाव: "न्याय के साथ विकास" के नारे को दोहराना यह संकेत देता है कि वर्तमान सरकार भी पुरानी नीतियों और विजन को ही प्राथमिकता दे रही है। सवाल-जवाब 1. निशांत कुमार ने अपना 45वां जन्मदिन कैसे मनाया? उन्होंने महावीर मंदिर में पूजा की, विधानसभा के मानसून सत्र में भाग लिया और शाम को परिवार के साथ केक काटा। 2. स्वास्थ्य मंत्री के रूप में यह निशांत कुमार का कौन सा सत्र था? मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद यह विधानसभा में उनका पहला मानसून सत्र था। 3. निशांत कुमार ने विधानसभा में क्या संदेश दिया? उन्होंने सभी सदस्यों से "न्याय के साथ विकास" का संकल्प याद रखने को कहा, जिस पर राज्य में 20 साल तक काम हुआ है। 4. निशांत कुमार ने किसके साथ अपना जन्मदिन मनाया? विधानसभा की कार्यवाही पूरी करने के बाद उन्होंने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपना जन्मदिन मनाया। https://trendkia.com/politics/45ven-janmadina-para-mahavir-mandir-pahunche-bihar-ke-svasthya-mntri-nishant-kumar-sadana-men-bhi-diya-bhashana-9043 TrendKia — Har trend, sabse pehle.