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  "type": "article",
  "title": "असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व धुबरी विधायक रसूल हक और तीन अन्य पार्टी नेताओं को किया निष्कासित",
  "summary": "असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी अध्यक्ष गौरव गोगोई के निर्देश पर पूर्व धुबरी विधायक रसूल हक समेत चार नेताओं की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।",
  "content": "असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए चार प्रमुख नेताओं को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। रविवार को जारी इस फैसले के बाद इन सभी नेताओं का पार्टी से औपचारिक संबंध समाप्त हो गया है।\n\n \n\nधुबरी क्षेत्र में पार्टी की बड़ी कार्रवाई\n\nसंगठन के भीतर यह सख्त कदम असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के सीधे निर्देशों के बाद उठाया गया है। उनके स्पष्ट आदेश पर कार्रवाई करते हुए पार्टी की राज्य इकाई ने इन नेताओं की सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया तुरंत पूरी की।\n\n \n\nनिष्कासित नेताओं की सूची और पद\n\nकार्रवाई की जद में आए नेताओं में धुबरी क्षेत्र के कई जाने-पहचाने नाम शामिल हैं। निष्कासित किए गए प्रमुख चेहरे पूर्व धुबरी विधायक रसूल हक (बहादुर) हैं। इनके अलावा धुबरी विधानसभा सीट से पार्टी टिकट के दावेदार और पूर्व ज़िला परिषद सदस्य रेज़ाउल इस्लाम (रिंकू) पर भी यह गाज गिरी है। इस अनुशासनात्मक कार्रवाई में धुबरी जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोहिर उद्दीन मोंडल और मैचचीचर ग्राम पंचायत से अंचलिक पंचायत सदस्य अफ़ज़ल हुसैन का नाम भी शामिल है।\n\n \n\nआधिकारिक आदेश और वजहों पर खामोशी\n\nनिष्कासन का यह आधिकारिक आदेश असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव रमन्ना बरुआ के हस्ताक्षरों से जारी किया गया है। पार्टी द्वारा जारी इस लिखित आदेश में इन चार नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाए जाने के पीछे के विशिष्ट कारणों या आरोपों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, आदेश के लागू होते ही इन सभी की प्राथमिक सदस्यता खत्म कर दी गई है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव या संगठनात्मक पुनर्गठन से पहले की जाने वाली इस तरह की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाइयों से राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी अनुशासन का कड़ा संदेश जाता है।\n\n  - असम और धुबरी में: धुबरी विधानसभा क्षेत्र के चार स्थानीय नेताओं के एक साथ निष्कासन से क्षेत्रीय पार्टी संगठन के समीकरण बदलेंगे और स्थानीय समर्थकों तथा पंचायत स्तर की राजनीति पर सीधा असर पड़ेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. असम कांग्रेस के चार नेताओं के निष्कासन का आदेश किसने दिया?\nयह अनुशासनात्मक कार्रवाई असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के निर्देश पर की गई।\n\n2. प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किए गए मुख्य नेता कौन-कौन हैं?\nनिष्कासित नेताओं में पूर्व धुबरी विधायक रसूल हक (बहादुर), टिकट के दावेदार व पूर्व ज़िला परिषद सदस्य रेज़ाउल इस्लाम (रिंकू), धुबरी जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोहिर उद्दीन मोंडल और अंचलिक पंचायत सदस्य अफ़ज़ल हुसैन शामिल हैं।\n\n3. निष्कासन का आधिकारिक पत्र किसने जारी किया था?\nयह आधिकारिक निष्कासन आदेश असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव रमन्ना बरुआ के हस्ताक्षर से जारी किया गया था।\n\n4. क्या पार्टी ने निष्कासन के पीछे कोई खास वजह बताई है?\nअसम प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में नेताओं पर लगाए गए आरोपों या निष्कासन के विशिष्ट कारणों का कोई जिक्र नहीं किया गया है।\n\n5. यह निष्कासन आदेश कब से प्रभावी हुआ है?\nरविवार को आदेश जारी होते ही यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया और नेताओं की प्राथमिक सदस्यता समाप्त हो गई।",
  "url": "https://trendkia.com/politics/assam-pradesh-congress-committee-ne-purva-dhubri-mla-rasul-hoque-aura-tina-anya-parti-netaon-ko-kiya-nishkasita-17429",
  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-08-16",
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    "असम कांग्रेस",
    "गौरव गोगोई",
    "रसूल हक",
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