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  "type": "article",
  "title": "अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री साय का पलटवार, गिनाईं छत्तीसगढ़ सरकार की ढाई साल की उपलब्धियां",
  "summary": "छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह प्रस्ताव सरकार नहीं बल्कि तीन करोड़ जनता के भरोसे पर सवाल है, और किसान, महिला, आदिवासी व युवा कल्याण की उपलब्धियां गिनाईं।",
  "content": "छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में 17 जुलाई 2026 को कहा कि यह प्रस्ताव असल में उनकी सरकार पर नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के भरोसे और उनके फैसले पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने सदन में विस्तार से अपनी सरकार के ढाई साल के कामकाज का ब्योरा रखा और दावा किया कि जनता ने बार-बार विकास और सुशासन के पक्ष में वोट देकर इस दिशा को सही ठहराया है।\n\nविधानसभा में मुख्यमंत्री का जवाब\nमुख्यमंत्री साय ने सदन को याद दिलाया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में, फिर उसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में और आखिर में नगरीय निकाय चुनावों में भी, जनता ने हर बार विकास, अच्छे प्रशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर भरोसा जताया है। उनका कहना था कि सत्ता में आने के बाद से ढाई वर्षों के दौरान राज्य सरकार लगातार इन्हीं वादों और मोदी की गारंटी को जमीन पर उतारने में जुटी रही, और यही उपलब्धियां सरकार की कार्यशैली तथा जनता के भरोसे का सबसे पुख्ता सबूत हैं।\n\nकिसानों, महिलाओं और गरीबों को प्राथमिकता\nमुख्यमंत्री ने कहा कि किसान, महिलाएं, गरीब, युवा, आदिवासी और समाज का हर तबका उनकी सरकार की फेहरिस्त में सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान खरीदा गया, साथ ही दो साल से लंबित बोनस राशि का भुगतान भी कर दिया गया। महतारी वंदन योजना के जरिए करीब 70 लाख महिलाओं को अब तक 18,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की सम्मान राशि पहुंचाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त गरीब परिवारों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया है, जिसे उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता का ठोस सुबूत करार दिया।\n\nमहिला सशक्तिकरण की नई दिशा\nमहिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण पर सरकार के काम को मुख्यमंत्री ने अलग से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अतिरिक्त 10 लाख 40 हजार से ज्यादा महिलाओं को अब तक ‘लखपति दीदी’ का दर्जा दिलाया जा चुका है। महिलाओं के नाम पर संपत्ति दर्ज कराने को बढ़ावा देने के मकसद से रजिस्ट्री शुल्क में आधी यानी 50 प्रतिशत तक की छूट और स्टांप ड्यूटी में एक प्रतिशत की राहत दी जा रही है। स्व-सहायता समूहों को दोबारा रोजगार के मौकों से जोड़ा गया है, और मुख्यमंत्री के अनुसार महिलाओं का आशीर्वाद ही उनकी सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।\n\nकृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड और नई पहलें\nखेती-किसानी को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि रिकॉर्ड स्तर पर धान खरीदी के साथ-साथ कृषक उन्नति योजना लागू की गई है, किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और उर्वरकों की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित की गई है। सिंचाई क्षमता बढ़ाने के मकसद से जल संसाधन परियोजनाओं को रिकॉर्ड संख्या में प्रशासनिक मंजूरी दी गई है, जिसके चलते राज्य में सिंचाई का दायरा उल्लेखनीय रूप से चौड़ा हुआ है।\n\nआदिवासी समाज के लिए ऐतिहासिक फैसले\nमुख्यमंत्री साय ने आदिवासी विकास के मोर्चे पर लिए गए फैसलों को अपनी सरकार की बड़ी कामयाबी बताया। तेंदूपत्ता तोड़ने वाले संग्राहकों को पहले से बेहतर पारिश्रमिक दिया जा रहा है, बंद पड़ी चरणपादुका योजना को दोबारा शुरू किया गया है और वनाधिकार पत्रधारकों को राहत पहुंचाने वाले फैसले लिए गए हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना की मदद से हजारों आदिवासी गांवों तक, और खासकर बेहद कमजोर मानी जाने वाली जनजातीय बस्तियों तक, सड़क, बिजली, पीने का पानी, घर और स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल को बड़ा किया जा रहा है, राज्य ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी की है, और जनजातीय संग्रहालय बनाने के साथ-साथ शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक जैसी परियोजनाएं भी आगे बढ़ाई जा रही हैं।\n\nनक्सलवाद पर लगाम, कानून व्यवस्था मजबूत\nमुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने कानून व्यवस्था सुधारने और नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में अपनाई गई सुरक्षा, विकास और जनविश्वास पर टिकी नीति का नतीजा है कि राज्य में शांति का नया दौर लौटा है। रायपुर शहर में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू कर दी गई है, वहीं साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए नए साइबर थाने भी खोले जा रहे हैं।\n\nयुवाओं के लिए रोजगार और नई औद्योगिक नीति\nमुख्यमंत्री के मुताबिक युवाओं को ज्यादा रोजगार, बेहतर शिक्षा और कौशल विकास के मौके देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य में निवेश का माहौल पहले से कहीं मजबूत हुआ है। देश और विदेश दोनों जगह आयोजित निवेश सम्मेलनों के जरिए अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिनसे आने वाले वक्त में लाखों नौकरियां पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। वस्त्र उद्योग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एआई-सेज, डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भी राज्य तेजी से कदम बढ़ा रहा है।\n\nऊर्जा क्षेत्र में विस्तार\nऊर्जा क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा, इन चारों मोर्चों पर सरकार ने खास फोकस किया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 76 हजार से ज्यादा घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं, वहीं मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना से 12 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है। किसानों के सिंचाई पंपों का बड़े पैमाने पर बिजलीकरण किया गया है, और प्लांट लोड फैक्टर के मामले में छत्तीसगढ़ अब पूरे देश में पहले नंबर पर पहुंच गया है। इसके अलावा नई ताप विद्युत परियोजनाओं, पंप स्टोरेज परियोजनाओं और सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी तेज गति से काम चल रहा है।\n\nखनिज संसाधनों का पारदर्शी उपयोग\nमुख्यमंत्री साय ने बताया कि खनिज संसाधनों के पारदर्शी इस्तेमाल और जिला खनिज संस्थान निधि के असरदार संचालन ने प्रदेश के विकास को नई रफ्तार दी है। राज्य ने रिकॉर्ड खनिज राजस्व हासिल किया है, और इसके साथ ही खनिज ऑनलाइन 2.0 तथा डीएमएफ पोर्टल 2.0 जैसी डिजिटल व्यवस्थाएं भी लागू कर दी गई हैं। अब तक 82 हजार से ज्यादा विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। खनिज ब्लॉकों की नीलामी, लिथियम जैसे रणनीतिक महत्व के खनिजों को विकसित करने की कोशिशें और नई रेत नीति, इन तीनों के जरिए एक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था खड़ी की गई है। साथ ही अवैध खनन पर सख्ती बरती जा रही है और पर्यावरण बचाने के लिए बड़े स्तर पर पौधरोपण भी कराया जा रहा है।\n\nडिजिटल कनेक्टिविटी, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार\nमुख्यमंत्री के अनुसार डिजिटल ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी सरकार ने अच्छा-खासा काम किया है। दूर-दराज के इलाकों में अब तक 829 मोबाइल टावर खड़े किए जा चुके हैं, जबकि भारतनेट फेज-3.0 योजना के जरिए हजारों ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने का काम जारी है। स्कूली शिक्षा में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया अपनाकर शिक्षक विहीन स्कूलों की पुरानी समस्या को खत्म किया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर आयुष्मान भारत योजना का दायरा राज्य के अधिकांश परिवारों तक पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इन तमाम आंकड़ों और फैसलों को गिनाते हुए दोहराया कि यही उपलब्धियां साबित करती हैं कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव सरकार पर नहीं बल्कि जनता के फैसले पर ही चोट करने की कोशिश है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं के तेज क्रियान्वयन का हवाला देकर सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की है कि केंद्र की योजनाओं का लाभ राज्य स्तर पर कैसे जमीन पर उतारा जा सकता है।\n• छत्तीसगढ़ में: राज्य के किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का भाव और बकाया बोनस मिलने से सीधी आमदनी बढ़ेगी, जबकि करीब 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना और 12 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली बिल में मिल रही राहत उनके घरेलू बजट पर सीधा असर डालेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव किसने पेश किया था?\nविपक्ष ने यह अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया था, जिस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विस्तार से जवाब दिया।\n\n2. मुख्यमंत्री साय ने अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्य रूप से क्या कहा?\nउन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव उनकी सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के भरोसे और जनादेश के खिलाफ है।\n\n3. किसानों को धान का कितना भाव मिल रहा है?\nसरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान खरीद रही है, साथ ही दो साल का बकाया बोनस भी चुका दिया गया है।\n\n4. महतारी वंदन योजना से अब तक कितनी महिलाओं को फायदा हुआ है?\nकरीब 70 लाख महिलाओं को अब तक 18,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की सम्मान राशि दी जा चुकी है।\n\n5. छत्तीसगढ़ को अब तक कितने निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं?\nदेश-विदेश के निवेश सम्मेलनों के जरिए 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे लाखों रोजगार बनने की उम्मीद जताई गई है।\n\n6. प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत कितने घरों में सौर संयंत्र लगे हैं?\nराज्य में अब तक 76 हजार से ज्यादा घरों में सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।\n\n7. राज्य में नक्सलवाद से निपटने के लिए किस रणनीति की बात कही गई?\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा, विकास और जनविश्वास पर आधारित रणनीति अपनाई गई, जिससे राज्य में शांति का नया माहौल बना है।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-07-18",
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    "छत्तीसगढ़ सरकार",
    "विष्णु देव साय",
    "अविश्वास प्रस्ताव",
    "महतारी वंदन योजना",
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