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  "type": "article",
  "title": "बलिया में संजय निषाद के संबोधन के दौरान गुल हुई बिजली, टॉर्च की रोशनी में जारी रखा भाषण",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के बलिया में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में एक अजीब वाकया सामने आया, जब बिजली चले जाने के बाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद को टॉर्च जलाकर अपना संबोधन पूरा करना पड़ा।",
  "content": "जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखें करीब आ रही हैं, सूबे की तमाम राजनीतिक पार्टियां अपनी सक्रियता बढ़ा रही हैं। इसी क्रम में निषाद पार्टी ने बलिया जिले में एक कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान एक अप्रत्याशित दृश्य तब देखने को मिला, जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद मंच से अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। भाषण के बीच अचानक बिजली कट गई, जिसके चलते उन्हें टॉर्च की रोशनी का सहारा लेकर अपनी बात जारी रखनी पड़ी।\n\nदावों के बीच अचानक अंधेरे में डूबा मंच\nकार्यक्रम के दौरान संजय निषाद का संबोधन काफी आक्रामक रहा। वह मंच से यह कह रहे थे कि जो जमीन खाली है, वह हमारी है, और जैसे ही उन्होंने यह वाक्य पूरा किया, बिजली गुल हो गई। इस घटनाक्रम के दौरान उन्होंने अपनी ही पार्टी के ब्राह्मण नेता कनक पांडेय को निशाने पर लेते हुए कहा कि आपकी जाति के लोग आपका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कनक पांडेय को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि आपके समाज के लोग निषाद समाज के खिलाफ आंदोलन करेंगे, तो आप विधायक तो दूर, ग्राम प्रधान भी नहीं बन पाएंगे।\n\nविवादित बयानों का सिलसिला\nसंजय निषाद का यह आक्रामक रवैया हाल ही में बलिया में उनके उस बयान से उपजा था, जिसमें उन्होंने स्थानीय लोगों को दलाल बताया था। इस बयान से नाराज होकर कुछ युवा गेस्ट हाउस में प्रदर्शन कर रहे थे, जिसे देखकर उन्हें लगा कि वे ब्राह्मण समुदाय के हैं। इसके जवाब में कनक पांडेय ने स्पष्ट किया कि उनके साथ पूरा ब्राह्मण समाज है और विरोध करने वाले युवा कांग्रेस से जुड़े थे, न कि ब्राह्मण समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। मंच संचालन के दौरान संजय निषाद ने महिला मोर्चा की अध्यक्ष के प्रति भी अभद्र टिप्पणी की और उन्हें मंच से नीचे जाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं को भी अखाड़े के नहीं बल्कि भाड़े के लोग बताकर अपमानित किया, जिसने वहां मौजूद लोगों के बीच काफी नाराजगी पैदा कर दी।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: राजनीतिक कार्यक्रमों में इस तरह के आक्रामक भाषणों से सामाजिक ध्रुवीकरण की स्थिति बन सकती है, जो आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान चर्चा का विषय हो सकती है।\n\nबलिया में: इस घटना के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के बीच आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं, जिसका असर चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बलिया में संजय निषाद के साथ क्या हुआ?\nकार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते समय अचानक बिजली गुल हो गई, जिसके बाद संजय निषाद ने टॉर्च की रोशनी में अपना भाषण जारी रखा।\n\n2. संजय निषाद ने कनक पांडेय से क्या कहा?\nउन्होंने कनक पांडेय को चेतावनी दी कि यदि उनके समाज के लोग निषाद समाज का विरोध करेंगे, तो वे कभी विधायक या प्रधान नहीं बन पाएंगे।\n\n3. प्रदर्शन करने वाले युवा कौन थे?\nसंजय निषाद को लगा कि वे ब्राह्मण समुदाय के हैं, लेकिन कनक पांडेय ने बताया कि वे कांग्रेसी समर्थक थे।\n\n4. संजय निषाद ने महिला मोर्चा अध्यक्ष के बारे में क्या कहा?\nसंजय निषाद ने महिला मोर्चा की अध्यक्ष को मंच पर अपमानित किया और उन्हें मंच से नीचे जाने के लिए कहा।",
  "url": "https://trendkia.com/politics/baliya-men-sanjay-nishad-ke-snbodhana-ke-daurana-gula-hui-bijali-torcha-ki-roshani-men-jari-rakha-bhashana-6487",
  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-07-10",
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    "संजय निषाद",
    "निषाद पार्टी",
    "बलिया",
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  "site": "TrendKia"
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