बांकीपुर के युवाओं ने प्रशांत किशोर को बताया वोटकटवा, भाजपा के स्थानीय उम्मीदवार पर जताया भरोसा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक पारा चढ़ गया है, जहां युवा मतदाताओं ने प्रशांत किशोर पर जमीनी मुद्दों से कटे होने का आरोप लगाते हुए भाजपा उम्मीदवार का पुरजोर समर्थन किया है। इन दिनों बिहार की राजधानी पटना में हो रही लगातार बारिश ने भले ही मौसम को काफी खुशनुमा और ठंडा बना दिया हो, लेकिन बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने पूरे इलाके के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है। बिहार की राजनीति में अहम स्थान रखने वाली इस सीट पर सभी राजनीतिक दल और उनके प्रत्याशी दिन रात एक करके जनता को लुभाने के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं। प्रचार अभियान के दौरान खास तौर पर महिलाओं और युवा मतदाताओं को साधने की जोरदार कोशिश की जा रही है, क्योंकि यही वर्ग चुनाव में हार और जीत का फैसला करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। इसी कड़ी में जब बांकीपुर के युवाओं से उनके चुनावी मूड को गहराई से समझने की कोशिश की गई, तो एक बिल्कुल अलग ही तस्वीर सामने आई। युवा वर्ग जहां एक तरफ स्थानीय और परिचित नेतृत्व का खुलकर समर्थन कर रहा है, वहीं बड़े राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर को लेकर उनके मन में भारी नाराजगी और गहरा अविश्वास देखने को मिल रहा है। चेहरा चमकाने का आरोप बांकीपुर क्षेत्र के युवा मतदाताओं में इस बात को लेकर गहरी निराशा है कि कुछ उम्मीदवार जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटे हुए हैं। कई स्थानीय युवाओं का स्पष्ट तौर पर मानना है कि प्रशांत किशोर का इस क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं और आम जनता के संघर्षों से कोई लेना देना नहीं है। लोगों के बीच यह आम चर्चा है कि वह केवल मीडिया में अपना चेहरा चमकाने और व्यक्तिगत ब्रांडिंग के लिए यह चुनाव लड़ रहे हैं। मतदाताओं का दावा है कि इस उपचुनाव में जनता उन्हें उनके रवैये का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है। युवाओं का कहना है कि मतदान के बाद प्रशांत किशोर को एक स्थानीय मंडल अध्यक्ष से करारी हार का सामना करना पड़ेगा और अंततः उन्हें अपना मुंह छिपाकर यहां से भागने पर मजबूर होना पड़ेगा। जमीनी कार्यकर्ता पर युवाओं का भरोसा स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार केसरी ने बांकीपुर के चुनावी इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि यहां की जनता ने हमेशा से युवा और सुलभ नेतृत्व को ही मौका दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार भी युवा वर्ग पूरी मजबूती के साथ भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में लामबंद हो रहा है। केसरी के अनुसार पूर्व विधायक नितिन नवीन के कार्यकाल में हुए व्यापक विकास कार्यों का सीधा फायदा सत्ताधारी पार्टी को मिलने जा रहा है। उनका अनुमान है कि इस बार भाजपा पिछली बार की तुलना में और भी बड़ी जीत हासिल करेगी। केसरी ने इस बात पर जोर दिया कि एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले आम कार्यकर्ता को टिकट देकर भाजपा ने युवाओं के बीच एक बहुत ही सकारात्मक संदेश भेजा है। जन सुराज के संस्थापक पर कटाक्ष करते हुए केसरी ने कहा, "उनका क्षेत्र के मुद्दों से कोई जुड़ाव नहीं है और वह हमारी परेशानियों को कभी नहीं समझ सकते।" राजनीतिक कद में गिरावट की चर्चा जितेंद्र कुमार केसरी ने चुनाव रणनीतिकार के राजनीतिक सफर पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि अलग अलग सीटों पर मिली हार के बाद बांकीपुर की जनता भी उन्हें एक कड़ा संदेश देने वाली है। उन्होंने प्रशांत किशोर के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए कहा कि जो व्यक्ति पहले राजनीति से संन्यास लेने की बड़ी बड़ी बातें करता था, वह आज एक साधारण स्थानीय कार्यकर्ता के सामने चुनाव लड़ने पर मजबूर है। केसरी ने तंज कसते हुए कहा कि जो इंसान कल तक कई राज्यों में मुख्यमंत्री बनाने का दावा करता था, वह आज खुद एक विधायक बनने के लिए गली गली भटक रहा है। युवाओं की नजर में यह स्थिति दिखाती है कि उनका राजनीतिक स्तर अब कितना ज्यादा नीचे गिर चुका है। क्षेत्र में रहने वाले नेता की मांग चुनाव में सुलभता के मुद्दे को उठाते हुए एक अन्य युवा अखिलेश मांझी ने अपनी राय बेबाकी से रखी। मांझी ने जोर देकर कहा कि बांकीपुर को एक ऐसे विधायक की सख्त जरूरत है जो हमेशा अपने क्षेत्र में मौजूद रहे और जनता के हर सुख दुख में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो। उनका मानना है कि भाजपा ने एक युवा और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता को अपना उम्मीदवार बनाकर आम लोगों का भरोसा जीतने का काम किया है। मांझी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि बांकीपुर का युवा वर्ग इस बार भी पूरी तरह से कमल के निशान पर ही अपना वोट डालने का पक्का मन बना चुका है। विकास कार्यों की गवाही देते शिलापट्ट क्षेत्र में हुए बुनियादी ढांचे के विकास को रेखांकित करते हुए विलास सिंह कुशवाहा ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि बांकीपुर के हर मोहल्ले और गली में विकास कार्यों की साफ झलक देखी जा सकती है। कुशवाहा ने विशेष रूप से ध्यान दिलाते हुए कहा कि इलाके में लगे सैकड़ों शिलापट्ट जिन पर नितिन नवीन का नाम दर्ज है, वे इस बात का पक्का सबूत हैं कि यहां लगातार काम हुआ है। उनका तर्क है कि विकास की इस तेज रफ्तार को आगे भी इसी तरह बनाए रखने के लिए भाजपा की जीत बहुत जरूरी है। इसके साथ ही कुशवाहा ने प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए। कुशवाहा ने दावा किया, "जनता उनकी असलियत जानती है क्योंकि वह हिंदू विरोधी हैं और एक बार उन्होंने दलित द्वारा दिए गए प्रसाद को फेंक दिया था।" चुनावी मौसम में सक्रियता पर सवाल मतदाताओं का यह भारी अविश्वास कमल किशोर राय की बातों में भी साफ झलकता है, जिन्होंने प्रशांत किशोर की कार्यशैली पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें केवल चुनावी मौसम का नेता करार दिया है। राय का सीधा आरोप है कि वह सिर्फ चुनाव की घोषणा होने के बाद ही इलाके में सक्रिय होते हैं। वह बाहर से आकर पैसों और संसाधनों की चमक दिखाकर भीड़ जुटाने का काम करते हैं, लेकिन जैसे ही मतदान की प्रक्रिया खत्म होती है, वह तुरंत अपना बोरिया बिस्तर बांधकर इलाके से पूरी तरह गायब हो जाते हैं। राय ने एक बड़ी और व्यावहारिक जनसमस्या की ओर इशारा करते हुए बताया कि प्रशांत किशोर आजकल पटना से दूर बिहटा में अपना निवास बनाकर रहने लगे हैं। उनका सीधा सा सवाल है कि अगर बांकीपुर की आम जनता को प्रशासनिक या व्यक्तिगत स्तर पर कोई जरूरी काम होगा, तो क्या वे मदद मांगने के लिए इतनी लंबी दूरी तय करके बिहटा जाएंगे। स्थानीय युवाओं ने प्रशांत किशोर की इसी कार्यप्रणाली के कारण उन्हें भगोड़ा और वोटकटवा जैसे नाम दिए हैं। लोगों का स्पष्ट रूप से मानना है कि उनका इस चुनाव में उतरने का एकमात्र मकसद केवल अन्य उम्मीदवारों के वोट काटना है। राय ने अपनी बात खत्म करते हुए दृढ़ता से कहा कि बांकीपुर की जनता पूरी तरह से एक ऐसे नेता को अपना बहुमूल्य वोट देकर चुनना चाहती है जो हमेशा उनके बीच रहकर ईमानदारी से काम करे, और भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा इस पैमाने पर बिल्कुल खरे उतरते हैं। इसका आप पर असर • भारत में: यह उपचुनाव दिखाता है कि मतदाता अब हाई-प्रोफाइल चेहरों के बजाय जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को अधिक महत्व दे रहे हैं। • बांकीपुर में: स्थानीय निवासियों को ऐसे प्रतिनिधि के चुनाव का मौका मिल रहा है जो उनके सुख-दुख में हमेशा मौजूद रहे। सवाल-जवाब 1. बांकीपुर उपचुनाव में युवाओं का झुकाव किस तरफ है? बांकीपुर के युवा भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा का भारी समर्थन कर रहे हैं। 2. प्रशांत किशोर का स्थानीय लोग विरोध क्यों कर रहे हैं? लोगों का मानना है कि वे जमीनी मुद्दों से कटे हुए हैं और केवल अपना चेहरा चमकाने के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं। 3. बांकीपुर के मतदाता किस तरह का विधायक चाहते हैं? वे ऐसा नेता चाहते हैं जो इलाके में ही रहे और सुख-दुख में आम जनता के साथ खड़ा हो। 4. प्रशांत किशोर के निवास स्थान को लेकर क्या समस्या बताई गई है? युवाओं का कहना है कि वे अब बिहटा में रहते हैं, इसलिए किसी काम के लिए लोगों का इतनी दूर जाना संभव नहीं है। https://trendkia.com/politics/bankipur-ke-yuvaon-ne-prashant-kishor-ko-bataya-votakatava-bjp-ke-sthaniya-ummidavara-para-jataya-bharosa-9465 TrendKia — Har trend, sabse pehle.