बांकीपुर से नामांकन के साथ सामने आया प्रशांत किशोर का 96 करोड़ का संपत्ति ब्योरा बांकीपुर उपचुनाव के लिए दाखिल नामांकन के साथ जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर ने शपथपत्र में अपनी और पत्नी की संपत्ति के साथ-साथ अपनी शिक्षा का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया है। बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए सोमवार, 13 जुलाई को नामांकन दाखिल किए गए। यह सीट इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि यहां से जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतरे हैं। भारत में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए नामांकन के समय शपथपत्र में अपनी संपत्ति और शिक्षा की जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होता है, और प्रशांत किशोर ने भी निर्वाचन अधिकारी के सामने दाखिल शपथपत्र में यह पूरा ब्योरा दिया है। कितनी है प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति शपथपत्र के मुताबिक प्रशांत किशोर के पास कुल मिलाकर 96.06 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति है। इसमें 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 73.87 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। चल संपत्ति में आमतौर पर नकद, बैंक जमा और निवेश जैसी चीजें आती हैं, जबकि अचल संपत्ति में जमीन और मकान जैसी संपत्ति शामिल होती है। शपथपत्र में उनके पास 65,570 रुपये नकद होने का भी जिक्र है। शपथपत्र में यह भी बताया गया है कि प्रशांत किशोर की एक निजी कंपनी में पूरी यानी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसी कंपनी ने जन सुराज पार्टी को 85 करोड़ रुपये दिए हैं और जन सुराज फाउंडेशन को 50 लाख रुपये का दान भी किया है। पत्नी के नाम कितनी संपत्ति दर्ज शपथपत्र के अनुसार प्रशांत किशोर की पत्नी के नाम 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है। उनकी पत्नी के पास नकद के रूप में 1,95,200 रुपये होने की जानकारी भी शपथपत्र में दी गई है। प्रशांत किशोर की शैक्षणिक योग्यता शपथपत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक प्रशांत किशोर ने 1991 में बक्सर के एम.पी. हाई स्कूल से दसवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 1993 में उन्होंने पटना विज्ञान महाविद्यालय से बारहवीं पास की। साल 1996 से 1999 के बीच प्रशांत किशोर ने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीबीए की डिग्री हासिल की। इसके बाद 2001 से 2003 के दौरान उन्होंने हैदराबाद से स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन यानी एमएचए की डिग्री पूरी की। साल 2010 में प्रशांत किशोर ने फ्रांस के क्लेरमों-फेरां विश्वविद्यालय से संबद्ध कैविलाम, विची संस्थान से फ्रेंच भाषा की पढ़ाई भी की। बांकीपुर सीट पर उपचुनाव क्यों हो रहा है बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि यहां से भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन ने इस्तीफा दे दिया था। नितिन नवीन ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर भारी मतों से जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में वह राज्यसभा चले गए। राज्यसभा जाने के बाद उन्होंने बांकीपुर सीट से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह सीट खाली हो गई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। 13 जुलाई को ही नीरज सिन्हा ने भी बांकीपुर सीट से नामांकन दाखिल किया। नामांकन के आखिरी दिन इस सीट पर खासा हाई वोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला। इसका आप पर असर • भारत में: उम्मीदवारों की संपत्ति और शिक्षा का ब्योरा शपथपत्र के जरिए सार्वजनिक होने से मतदाता वोट डालने से पहले उम्मीदवार की आर्थिक पृष्ठभूमि जान पाते हैं। • बिहार में: बांकीपुर सीट के मतदाता 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव में प्रशांत किशोर, नीरज सिन्हा सहित अन्य उम्मीदवारों में से अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। सवाल-जवाब 1. बांकीपुर उपचुनाव कब होगा? बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव 30 जुलाई को होगा। 2. प्रशांत किशोर के पास कुल कितनी संपत्ति है? शपथपत्र के मुताबिक प्रशांत किशोर के पास 96.06 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति है। 3. प्रशांत किशोर की पत्नी के पास कितनी संपत्ति है? उनकी पत्नी के पास 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। 4. प्रशांत किशोर की कंपनी ने जन सुराज को कितना पैसा दिया? उनकी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली निजी कंपनी ने जन सुराज पार्टी को 85 करोड़ रुपये और जन सुराज फाउंडेशन को 50 लाख रुपये दिए। 5. बांकीपुर सीट खाली क्यों हुई? भाजपा नेता नितिन नवीन ने राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर सीट से इस्तीफा दे दिया, जिससे सीट खाली हो गई। 6. प्रशांत किशोर की पढ़ाई-लिखाई क्या है? उन्होंने बक्सर से दसवीं, पटना विज्ञान महाविद्यालय से बारहवीं, लखनऊ विश्वविद्यालय से बीबीए, हैदराबाद से एमएचए और फ्रांस के कैविलाम, विची संस्थान से फ्रेंच भाषा की पढ़ाई की है। https://trendkia.com/politics/bankipur-se-namankana-ke-satha-samane-aya-prashant-kishor-ka-96-karora-ka-snpatti-byora-7539 TrendKia — Har trend, sabse pehle.