बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की मजबूत बढ़त, जानिए क्या बीजेपी आखिरी राउंड्स में कर पाएगी वापसी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में जन सुराज के प्रशांत किशोर 7,119 वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकि बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा दूसरे स्थान पर हैं। 31 में से 21 राउंड की गिनती बाकी होने के कारण मुकाबला अंतिम चरणों तक दिलचस्प बना हुआ है। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना में जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों पर शुरुआती बढ़त बनाए हुए हैं। कुल 31 राउंड की मतगणना में से 13वें राउंड की गिनती पूरी होने तक प्रशांत किशोर को 27,000 से अधिक वोट मिल चुके हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा 20,000 वोट पाकर दूसरे स्थान पर हैं। दोनों नेताओं के बीच 7,119 वोटों का स्पष्ट अंतर बना हुआ है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा गुप्ता (रेखा कुमारी) तीसरे स्थान पर बनी हुई हैं। हालांकि अभी 21 राउंड की गिनती होना बाकी है, इसलिए चुनाव का अंतिम परिणाम आने तक मुकाबला बेहद रोमांचक मोड में बना हुआ है। आखिरी राउंड तक क्यों बना रहेगा मुकाबले का सस्पेंस बांकीपुर में मतगणना का दौर जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, राजनीतिक विश्लेषक अंतिम परिणामों को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। अभी तक 31 में से केवल 10 से 13 राउंड की ही मतगणना पूरी हुई है और 21 राउंड की लंबी गिनती होना शेष है। यही वजह है कि प्रशांत किशोर की 7,000 से अधिक वोटों की बढ़त के बावजूद चुनाव को पूरी तरह एकतरफा नहीं माना जा रहा है। बीजेपी का पुराना इतिहास और मतों का रुझान यह संकेत देता है कि पार्टी बाद के राउंड्स में जोरदार वापसी करने में सक्षम रही है। इसी तरह की स्थिति साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी देखी गई थी, जब शुरुआती रुझानों में आरजेडी ने बड़ी बढ़त बना ली थी। लेकिन सुबह 10 बजे के बाद वोटों का मिजाज बदला और बीजेपी ने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की थी। मतगणना से ठीक पहले बीजेपी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया था और वे जीत के जश्न के लिए 200 किलो लड्डू तक तैयार करा रहे थे। अब देखना यह होगा कि क्या बीजेपी अपने पुराने ट्रेंड को दोहराते हुए फिर से पासा पलटेगी या जन सुराज अपनी बढ़त को अंत तक कायम रखेगा। उपचुनाव का पृष्ठभूमि और बीजेपी का 1995 से चला आ रहा किला बांकीपुर विधानसभा सीट का यह उपचुनाव सिर्फ एक स्थानीय सीट का फैसला नहीं है, बल्कि इसने पूरे बिहार और देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। यह सीट भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। बांकीपुर को 1995 से ही बीजेपी का एक अजेय किला माना जाता रहा है, जहां पार्टी लगातार मजबूत स्थिति में रही है। इस चुनाव में बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना प्रत्याशी बनाया। पार्टी ने अपनी पूरी चुनावी रणनीति अपने कैडर वोट बैंक, बिहार सरकार के कामकाज और नितिन नबीन के परिवार के दशकों पुराने जनाधार के भरोसे मैदान में उतारी। टिकट वितरण के शुरुआती बदलावों के बावजूद बीजेपी ने मतदान के अंतिम समय तक अपने पारंपरिक वोटरों को गोलबंद करने में पूरी ताकत झोंकी थी। त्रिकोणीय मुकाबले में आरजेडी के सामने खड़ी हुई चुनौतियां दूसरी तरफ, राष्ट्रीय जनता दल ने इस शहरी क्षेत्र में अपने पारंपरिक कैडर और यादव मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश की थी। आरजेडी प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने पार्टी के आधार को साधने की भरसक कोशिश की, लेकिन बांकीपुर जैसे शहरी क्षेत्र में पार्टी को जन सुराज की मौजूदगी से कड़ा झटका लगा। जन सुराज द्वारा बीजेपी विरोधी मतों में सेंध लगाने के कारण आरजेडी त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरे नंबर पर पिछड़ती दिख रही है। जन सुराज की जीत के बिहार की राजनीति के लिए क्या होंगे मायने यदि प्रशांत किशोर 31वें राउंड तक अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहते हैं और बांकीपुर से जीत दर्ज करते हैं, तो इसे बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत माना जाएगा। साल 1995 से लगातार जीतती आ रही बीजेपी के इस मजबूत गढ़ को ध्वस्त करना जन सुराज को राज्य में सबसे प्रमुख 'तीसरे विकल्प' के रूप में स्थापित कर देगा। प्रशांत किशोर की यह संभावित जीत यह भी साबित करेगी कि बांकीपुर के शहरी, उच्च जाति और मध्यम वर्गीय मतदाताओं के बीच बीजेपी के एकाधिकार को सीधी चुनौती मिल चुकी है। इसके अलावा, आरजेडी को पछाड़कर जन सुराज खुद को बीजेपी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश करने में सक्षम होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि यह नतीजा प्रशांत किशोर के जाति और धर्म से ऊपर उठकर राजनीति करने के नारे को जनसमर्थन और व्यावहारिक प्रासंगिकता प्रदान करेगा। इसका आप पर असर • भारत में: यह चुनाव परिणाम दर्शाता है कि कैसे नए राजनीतिक संगठन स्थापित राष्ट्रीय पार्टियों और पारंपरिक वोट बैंकों में सेंध लगा सकते हैं। • बिहार (बांकीपुर) में: बांकीपुर के मतदाताओं के लिए यह मुकाबला नया राजनीतिक विकल्प चुनने या 1995 से चले आ रहे बीजेपी के गढ़ को बनाए रखने का ऐतिहासिक मौका है। सवाल-जवाब 1. बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में कौन आगे चल रहा है? जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर 13वें राउंड की गिनती के बाद 7,119 वोटों की बढ़त बनाकर सबसे आगे चल रहे हैं। 2. बांकीपुर उपचुनाव में मुख्य उम्मीदवार कौन-कौन हैं? इस चुनाव में जन सुराज के प्रशांत किशोर, बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा और आरजेडी की रेखा गुप्ता मुख्य प्रत्याशी हैं। 3. बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव क्यों कराया गया? बीजेपी नेता नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया। 4. बांकीपुर में कुल कितने राउंड की गिनती होनी है और कितने बाकी हैं? बांकीपुर सीट पर कुल 31 राउंड की मतगणना होनी है, जिसमें से 13 राउंड पूरे हो चुके हैं और 21 राउंड की गिनती बाकी है। 5. बांकीपुर में बीजेपी के पिछले रिकॉर्ड को लेकर क्यों चर्चा हो रही है? बांकीपुर 1995 से बीजेपी का अजेय गढ़ रहा है और 2020 के चुनाव में भी पार्टी ने शुरुआती पिछड़ने के बाद बाद के राउंड्स में बड़ी वापसी की थी। https://trendkia.com/politics/bankipur-upachunava-men-prashant-kishor-ki-majabuta-barhata-janie-kya-bjp-akhiri-raundsa-men-kara-paegi-vapasi-13200 TrendKia — Har trend, sabse pehle.