# बाराबंकी में 2022 के चुनाव में कुर्सी और रामनगर सीटों पर हुआ था बेहद करीबी मुकाबला, 3-3 सीटों पर बराबरी पर रहे बीजेपी और सपा

> उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कुर्सी और रामनगर सीटों पर 300 से भी कम वोटों के अंतर से हार-जीत तय हुई थी, जहां बीजेपी और सपा ने जिले की 6 सीटों को आपस में बराबर बांटा था।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-11-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/barabanki-men-2022-ke-chunava-men-kursi-aura-ramnagar-siton-para-hua-tha-behada-karibi-mukabala-3-3-siton-para-barabari-para-rahe--56963 · **Language:** Hindi
**Tags:** बाराबंकी चुनाव, यूपी राजनीति, कुर्सी विधानसभा, रामनगर विधानसभा, बीजेपी, समाजवादी पार्टी

उत्तर प्रदेश में 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अभी से बढ़ने लगी हैं। इस चुनावी माहौल के बीच बाराबंकी जिले का साल 2022 वाला जनादेश एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। पिछले विधानसभा चुनाव में बाराबंकी की छह सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। उस चुनाव में जिले की कुल छह सीटों में से 3 सीटों पर बीजेपी ने परचम लहराया था, जबकि 3 सीटों पर सपा ने फतह हासिल की थी। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कुर्सी और रामनगर विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी फैसला महज 300 से भी कम वोटों के अंतर से हुआ था।

## कुर्सी सीट पर बीजेपी की 217 वोटों से रोमांचक जीत
बाराबंकी जिले की कुर्सी विधानसभा सीट पर 2022 में वोटों की गिनती के दौरान अंत तक सांसें थमी रहीं। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सकेंद्र प्रताप वर्मा और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राकेश कुमार वर्मा के बीच सीधा मुकाबला था। मतगणना समाप्त होने के बाद बीजेपी के सकेंद्र प्रताप वर्मा को कुल 1,18,720 वोट मिले, जबकि सपा के राकेश कुमार वर्मा को 1,18,503 वोट हासिल हुए। इस प्रकार बीजेपी प्रत्याशी ने मात्र 217 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी मीता गौतम 35,561 वोट प्राप्त करके तीसरे स्थान पर रही थीं, वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के उम्मीदवार अरुण कुमार 8,541 वोटों के साथ चौथे पायदान पर रहे थे।

## रामनगर में सपा के फरीद महफूज किदवई ने 261 वोटों से मारी थी बाजी
रामनगर विधानसभा क्षेत्र का चुनावी मुकाबला भी बेहद नाटकीय मोड़ पर पहुंचा था। इस सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार फरीद महफूज किदवई ने कुल 98,799 वोट हासिल किए थे। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शरद कुमार अवस्थी को 98,538 वोट मिले थे। कड़े संघर्ष के बाद सपा प्रत्याशी ने 261 वोटों के बेहद बारीक अंतर से बीजेपी को पराजित किया था। रामनगर और कुर्सी दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में मुख्य मुकाबला बीजेपी और सपा के बीच ही केंद्रित रहा, जिसमें दोनों दलों ने एक-एक सीट बहुत ही कम अंतर से जीती।

## बाराबंकी और जैदपुर सीटों पर समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन
जिले की अन्य चार सीटों पर भी मुख्य लड़ाई बीजेपी और सपा के बीच ही देखने को मिली थी। बाराबंकी सदर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के धर्मराज सिंह यादव ने एकतरफा मुकाबले में जीत हासिल की थी। उन्होंने 1,25,500 वोट प्राप्त किए और बीजेपी की प्रत्याशी राजकुमारी मौर्य को 35,050 वोटों के बड़े अंतर से हराया। राजकुमारी मौर्य को कुल 90,450 वोट मिले थे। दूसरी ओर, जैदपुर विधानसभा सीट पर सपा के गौरव कुमार ने 1,13,558 वोट प्राप्त करके जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के अंबरीश रावत को 2,982 वोटों के अंतर से मात दी, जिन्हें 1,10,576 वोट प्राप्त हुए थे।

## दरियाबाद और हैदरगढ़ में बीजेपी ने दर्ज की थी जीत
दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के सतीश चंद्र शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 1,28,219 वोट मिले, जबकि उनके सामने मैदान में उतरे सपा के दिग्गज नेता अरविंद कुमार सिंह गोप को 95,817 वोट हासिल हुए। सतीश चंद्र शर्मा ने यह मुकाबला 32,402 वोटों के बड़े अंतर से जीता था। वहीं, हैदरगढ़ विधानसभा सीट पर भी बीजेपी का दबदबा कायम रहा, जहां पार्टी के उम्मीदवार दिनेश रावत ने 1,17,133 वोट हासिल करके विजय पताका फहराई थी। इस प्रकार बाराबंकी जिले में 2022 का जनादेश दोनों प्रमुख दलों के बीच 3-3 सीटों के साथ पूरी तरह बराबरी पर समाप्त हुआ था।

## इसका आप पर असर
यह चुनावी डेटा दिखाता है कि मामूली वोट अंतर का राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर कितना गहरा असर पड़ता है।

- **उत्तर प्रदेश में:** राजनीतिक दलों को हर एक मतदाता तक पहुंचने के लिए रणनीति मजबूत करनी होगी, क्योंकि कुछ सौ वोट भी सत्ता का संतुलन बदल सकते हैं। विधानसभा चुनाव में कम अंतर वाली सीटें भावी गठबंधन और उम्मीदवार चयन को गहराई से प्रभावित करेंगी।
- **बाराबंकी में:** स्थानीय निवासियों को यह अहसास होता है कि उनका एक-एक वोट सीधे तौर पर विधानसभा प्रतिनिधि तय करता है। चुनाव आयोग और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए यहां मतदान प्रतिशत बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
2022 के विधानसभा चुनाव में बाराबंकी जिले के परिणाम इतने ज्यादा संतुलित और दिलचस्प कई वजहों से रहे थे।

- **सीधा द्विध्रुवीय मुकाबला:** जिले में मुख्य मुकाबला केवल भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच ही केंद्रित रहा। छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों का बड़ा असर न होने से वोट दो बड़े धड़ों में बंट गए।
- **अन्य दलों द्वारा वोट कटना:** कुर्सी सीट पर बसपा और एआईएमआईएम के प्रत्याशियों ने क्रमशः 35,561 और 8,541 वोट हासिल किए, जिससे मुख्य मुकाबले का अंतर बेहद घट गया।
- **स्थानीय समीकरण और उम्मीदवार प्रभाव:** स्थानीय स्तर पर उम्मीदवारों के निजी प्रभाव ने कई सीटों पर पार्टी कैडर के वोटों के साथ मिलकर अंतर को बेहद बारीक बना दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. 2022 के यूपी चुनाव में बाराबंकी की कुर्सी सीट पर जीत का अंतर कितना था?
कुर्सी विधानसभा सीट पर बीजेपी के सकेंद्र प्रताप वर्मा ने सपा के राकेश कुमार वर्मा को महज 217 वोटों के अंतर से हराया था।

### 2. रामनगर विधानसभा सीट से कौन प्रत्याशी विजयी हुआ था?
रामनगर सीट से समाजवादी पार्टी के फरीद महफूज किदवई ने बीजेपी के शरद कुमार अवस्थी को 261 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी।

### 3. 2022 में बाराबंकी जिले की कुल 6 सीटों का नतीजा क्या रहा?
बाराबंकी जिले की 6 विधानसभा सीटों में से बीजेपी ने 3 सीटों (कुर्सी, दरियाबाद, हैदरगढ़) पर और सपा ने 3 सीटों (रामनगर, बाराबंकी, जैदपुर) पर जीत हासिल की थी।

### 4. बाराबंकी सदर सीट पर सबसे बड़ा अंतर किस उम्मीदवार ने बनाया था?
बाराबंकी सीट पर सपा के धर्मराज सिंह यादव ने बीजेपी की राजकुमारी मौर्य को 35,050 वोटों के बड़े अंतर से हराया था।

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