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  "title": "बेंगलुरु में खरगे का गुस्सा फूटा, 'डीके-डीके' नारे पर अपने कार्यकर्ताओं को सुनाई खरी-खोटी और दी सीसीटीवी एक्शन की चेतावनी",
  "summary": "बेंगलुरु में कांग्रेस के 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम में डीके शिवकुमार के समर्थन में नारे लगाने पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भड़क गए और कार्यकर्ताओं को 'बेकार लोग' कहते हुए सीसीटीवी से कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने मोदी-ट्रंप की दोस्ती पर तंज कसने के साथ-साथ अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी रखी।",
  "content": "कांग्रेस के 'संकल्प समावेश' में अचानक बदला माहौल\nबेंगलुरु में कांग्रेस पार्टी का 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम जब अपने पूरे उत्साह पर था, तभी कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नाम पर जोर-जोर से 'डीके-डीके' के नारे लगाने शुरू कर दिए। मंच पर बैठे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे यह देखकर तुरंत माइक की तरफ बढ़े और सभी की मौजूदगी में उन कार्यकर्ताओं को जमकर फटकार लगाई।\n\nखरगे ने एकदम सीधे शब्दों में कह दिया कि यह मंच किसी एक नेता का नहीं, पूरी कांग्रेस पार्टी का है। नारे लगाने वालों को उन्होंने सार्वजनिक रूप से 'बेकार लोग' कहा और साफ किया कि कांग्रेस में व्यक्तिपूजा के लिए कोई जगह नहीं है।\n\nसीसीटीवी फुटेज से होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई\nखरगे यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी और हुड़दंग तथा नारेबाजी में शामिल कार्यकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी साफ बता रही थी कि पार्टी आलाकमान इस मामले को बिल्कुल हल्के में नहीं ले रहा।\n\n58 साल के राजनीतिक सफर से दिया अनुशासन का पाठ\nअपने 58 साल के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने अपने नेताओं को बहुत कुछ दिया है, इसीलिए पार्टी के मंच पर किसी एक नेता की जय-जयकार करना सरासर अनुचित है। उनका यह बयान कर्नाटक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच चल रही गुटबाजी पर सीधा वार था।\n\nनरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती पर तीखा तंज\nघरेलू मुद्दों से आगे बढ़कर खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत दोस्ती पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता एक-दूसरे को गहरे दोस्त बताते हैं, लेकिन उनके फैसलों की कीमत आम जनता चुका रही है। खरगे के मुताबिक नरेंद्र मोदी की नीतियां देश को बर्बाद कर रही हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप के कदम पूरी दुनिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं।\n\nजवाहरलाल नेहरू की विदेश नीति का जिक्र\nखरगे ने भारत की पुरानी गुटनिरपेक्ष विदेश नीति को याद दिलाते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू के दौर में देश के हर बड़े देश से संतुलित और सम्मानजनक संबंध थे। लेकिन मौजूदा सरकार ने व्यक्तिगत मित्रता को विदेश नीति का आधार बना लिया है, जिसकी वजह से देश के कूटनीतिक हितों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।\n\nअयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर वित्तीय आरोप\nकार्यक्रम में खरगे ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के नाम पर देशभर से भारी मात्रा में चंदा जुटाया गया और मंदिरों की दान पेटियों में भी बड़ी रकम आई, लेकिन इसका कोई पारदर्शी हिसाब-किताब सामने नहीं आया है। खरगे ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।\n\nकर्नाटक कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान उजागर\nखरगे का यह गुस्सा दरअसल कर्नाटक कांग्रेस में लंबे वक्त से सुलग रही उस आंतरिक कलह की झलक है जो सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही है। दोनों गुटों की रस्साकशी अब पार्टी के खुले मंचों पर भी नजर आने लगी है। यह सख्त रुख सिर्फ नारेबाज कार्यकर्ताओं के लिए नहीं था, यह उन बड़े नेताओं को भी कड़ा संदेश था जो पार्टी संगठन से ऊपर खुद की पहचान बनाने में जुटे हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: खरगे के राम मंदिर ट्रस्ट पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप और मोदी सरकार की विदेश नीति पर हमला राजनीतिक बहस को और तेज करेगा, जो आगामी चुनावों में मतदाताओं के लिए अहम मुद्दा बन सकता है।\n• कर्नाटक में: राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के भीतर खुले मंच पर उजागर हुई यह गुटबाजी कर्नाटक के लोगों के लिए सरकार की स्थिरता और नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े करती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बेंगलुरु में कांग्रेस के 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम में क्या हुआ?\nकुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में 'डीके-डीके' के नारे लगाए, जिस पर नाराज होकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंच से उन्हें फटकारा और सार्वजनिक रूप से 'बेकार लोग' कह दिया।\n\n2. खरगे ने नारेबाज कार्यकर्ताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की चेतावनी दी?\nउन्होंने कहा कि कार्यक्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच की जाएगी और हुड़दंग करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।\n\n3. खरगे ने नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती पर क्या आरोप लगाए?\nउन्होंने कहा कि दोनों नेता खुद को गहरे दोस्त बताते हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी की नीतियां देश को नुकसान पहुंचा रही हैं और डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पूरी दुनिया के लिए नुकसानदेह साबित हो रहे हैं।\n\n4. अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर खरगे ने क्या कहा?\nउन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए चंदे और दान पेटियों के धन का पारदर्शी हिसाब नहीं है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।\n\n5. खरगे ने जवाहरलाल नेहरू का जिक्र किस संदर्भ में किया?\nउन्होंने नेहरू के गुटनिरपेक्ष दौर का हवाला देते हुए कहा कि तब भारत सभी देशों से संतुलित संबंध रखता था, जबकि मौजूदा सरकार ने व्यक्तिगत दोस्ती को विदेश नीति का आधार बना दिया है।\n\n6. इस घटना से कर्नाटक कांग्रेस की कौन सी अंदरूनी कलह सामने आई?\nयह घटना सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही लंबी खींचतान को उजागर करती है, जो अब पार्टी के खुले मंचों पर भी दिखने लगी है।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-06-21",
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