# भारत से क्यों दूरी बना रहे हैं तारिक रहमान, बांग्लादेशी सियासत में हसीना फैक्टर का क्या है खेल

> बांग्लादेश की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने खुलासा किया है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार शेख हसीना के दिसंबर तक वतन लौटने के ऐलान से डरी हुई है। इसी वजह से ढाका पिछले छह महीने से भारत के निमंत्रण को टाल रहा है और भारत से दूरी बनाए हुए है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/bharat-se-kyon-duri-bana-rahe-hain-tarique-rahman-bangladeshi-siyasat-mein-hasina-factor-ka-kya-hai-khel-18067 · **Language:** Hindi
**Tags:** तारिक रहमान, शेख हसीना, वीणा सिकरी, भारत बांग्लादेश संबंध, अवामी लीग

भारत और बांग्लादेश के बीच के कूटनीतिक रिश्तों में इन दिनों एक अजीब सी ठंडक देखी जा रही है, जिसके पीछे बांग्लादेश की सियासत और वहां के मौजूदा समीकरण बड़ा कारण बने हुए हैं। बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने एक बड़ा बयान देते हुए साफ किया है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान का प्रशासन शेख हसीना के दिसंबर तक देश में वापसी के ऐलान के बाद से काफी डरा हुआ है। उनके मुताबिक, जमीनी स्तर पर अवामी लीग की लगातार बढ़ती लोकप्रियता ही वह मुख्य वजह है जिसके चलते ढाका लगातार भारत से एक सुरक्षित दूरी बना रहा है और बीते छह महीनों से भारत की तरफ से मिले आधिकारिक निमंत्रण का कोई जवाब नहीं दे रहा है।

पूर्व राजनयिक ने इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से रोशनी डालते हुए बताया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत की यात्रा पर आने का औपचारिक निमंत्रण ठीक छह महीने पहले फरवरी 2026 में ही भेज दिया गया था। यह न्योता तब दिया गया था जब उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पद की शपथ ली थी। वीणा सिकरी का यह भी कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह भारत सरकार की तरफ से उन्हें उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद मिला हुआ सबसे पहला न्योता था, लेकिन इसके बावजूद भारतीय पक्ष पिछले छह महीनों से उनके किसी भी प्रकार के आधिकारिक जवाब का इंतजार ही कर रहा है। इसके अलावा, कुछ हफ्ते पहले ही भारत की तरफ से उन्हें बिम्सेटक के चेयरमैन की हैसियत से ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए एक बार फिर से दूसरा निमंत्रण भी भेजा गया था।

पूर्व उच्चायुक्त ने तारिक रहमान के पिछले रवैया और मौजूदा राजनीतिक रुख के बीच के विरोधाभास को भी बहुत करीब से उजागर किया है। उन्होंने याद दिलाया कि मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल के दौरान जब अवामी लीग पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की बातें उठी थीं, तब खुद तारिक रहमान ने सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया था कि वह किसी भी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाए जाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। उनका तब यह तर्क था कि हर पार्टी पूरी तरह से सक्रिय रहनी चाहिए और अगर देश के आम नागरिकों को वह पार्टी पसंद नहीं आएगी, तो वे चुनावों में उसे वोट नहीं देंगे। उन्होंने यह भी याद किया कि जब तारिक रहमान खुद लंदन में निर्वासन की जिंदगी जी रहे थे, तब वह अक्सर अपनी राजनीतिक रैलियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया करते थे और उस दौरान वह मौजूदा सरकार के खिलाफ हर मुमकिन तीखी टिप्पणी करते थे। उस दौर में भी शेख हसीना की सरकार ने कभी उनके भाषणों या उनकी गतिविधियों पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया था।

वीणा सिकरी ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि जैसी ही तारिक रहमान ने देश की सत्ता संभाली और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे, वैसे ही उनके तेवर और प्रशासनिक कार्रवाइयां पूरी तरह बदल गईं। अब वह अपनी भारत यात्रा को टालने के लिए बार-बार शेख हसीना को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। कूटनीतिक हलकों में पहले इस बात की जोरदार चर्चाएं चल रही थीं कि संभवतः 20 से 22 अगस्त के आसपास तारिक रहमान भारत के दौरे पर आ सकते हैं। हालांकि, अचानक से 5 अगस्त को शेख हसीना की तरफ से की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से इस पूरे मामले को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।

विशेषज्ञों और पूर्व राजनयिक के अनुसार, किसी भी देश से किसी व्यक्ति का प्रत्यर्पण पूरी तरह से एक लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रिया का मामला होता है, जिसमें काफी लंबा वक्त लगता है। लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेश की मौजूदा हुकूमत इस बात से बुरी तरह घबराई हुई है क्योंकि शेख हसीना ने खुद सार्वजनिक रूप से यह ऐलान कर दिया है कि वह इस साल दिसंबर तक अपने वतन वापस लौट जाएंगी। इसी संभावित वापसी ने रहमान सरकार की नींद उड़ा रखी है और वे अंदर से पूरी तरह सहम गए हैं। उन्हें इस बात का गहरा डर सता रहा है कि अवामी लीग का कैडर बेस आज भी मजबूत है और आम जनता के बीच उनकी लोकप्रियता हर गुजरते दिन के साथ तेजी से बढ़ती ही जा रही है, जो मौजूदा हुकूमत के लिए भविष्य में एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण कब दिया गया था?
तारिक रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद फरवरी 2026 में भारत आने का पहला निमंत्रण दिया गया था।

### 2. बांग्लादेश की सरकार भारत के न्योते का जवाब क्यों नहीं दे रही है?
शेख हसीना के दिसंबर तक देश लौटने के ऐलान और अवामी लीग की बढ़ती लोकप्रियता के कारण रहमान सरकार डरी हुई है और भारत से दूरी बना रही है।

### 3. वीणा सिकरी कौन हैं?
वीणा सिकरी बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त हैं जिन्होंने दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर यह बयान दिया है।

### 4. शेख हसीना ने वतन वापसी को लेकर क्या ऐलान किया है?
शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वह इस साल दिसंबर तक अपने देश वापस लौट जाएंगी।

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