बिहार में महागठबंधन की राहें जुदा? कांग्रेस ने RJD पर लगाया पीठ में छुरा घोंपने का बड़ा आरोप झारखंड राज्यसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद कांग्रेस और RJD के बीच दरार गहरी हो गई है, जहां कांग्रेस ने अपने सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटना में राजनीतिक भूचाल बिहार और झारखंड की सियासत में महागठबंधन के भीतर मची रार अब खुलकर सामने आ गई है। झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस और RJD के बीच का तनाव चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल RJD पर विश्वासघात करने और गठबंधन के सिद्धांतों को ताक पर रखने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस की ओर से आए इस तीखे बयान ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। असित नाथ तिवारी का तीखा हमला: 'हमारे रहबर ने ही लूटा' कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने RJD के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने एक बेहद कड़ा मुहावरा इस्तेमाल करते हुए कहा कि जिसे हम अपना मार्गदर्शक यानी रहबर मान रहे थे, उसी ने हमें रास्ते में लूटने का काम किया है। तिवारी ने आरोप लगाया कि महागठबंधन के भीतर लगातार भरोसे को तोड़ा गया है और कांग्रेस के साथ बड़ा छल हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि RJD के नेताओं ने केंद्रीय जांच एजेंसियों जैसे CBI और ED के मुकदमों और अदालती मामलों के डर से BJP के साथ पिछले दरवाजे से गुप्त समझौता कर लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, इसी गोपनीय समझौते के तहत RJD ने राज्यसभा चुनाव के दौरान अपने विधायकों के वोट जानबूझकर विरोधी खेमे की तरफ ट्रांसफर करवाए ताकि वे खुद पर मंडरा रहे कानूनी संकट से अपना बचाव कर सकें। बिहार विधानसभा चुनाव में भी भितरघात का आरोप असित नाथ तिवारी का यह गुस्सा सिर्फ हालिया राज्यसभा चुनाव तक ही सीमित नहीं रहा। उन्होंने अतीत के पन्ने खोलते हुए कहा कि विश्वासघात का यह सिलसिला पुराना है। तिवारी के अनुसार, पिछले बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी RJD ने सोची-समझी साजिश के तहत उन सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाया जहां कांग्रेस की स्थिति बेहद मजबूत थी। कांग्रेस का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि वह अब RJD के प्रभुत्व वाले रवैये और चुनावी ब्लैकमेलिंग के सामने घुटने टेकने के मूड में बिल्कुल नहीं है। क्या टूटने की कगार पर है गठबंधन? झारखंड की राजधानी रांची से भड़की यह राजनीतिक चिंगारी अब पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास तक दस्तक दे चुकी है। इससे पहले झारखंड में कांग्रेस के विधायक सुरेश बैठा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार से RJD के मंत्रियों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग उठाकर बगावत के सुर बुलंद किए थे। अब बिहार में असित नाथ तिवारी के इस विस्फोटक बयान के बाद राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह दोनों दलों के दशकों पुराने रिश्ते के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है। इसका आप पर असर • बिहार और झारखंड में: दोनों राज्यों के मतदाताओं के लिए इस राजनीतिक रार का मतलब शासन और नीतिगत फैसलों में संभावित अस्थिरता हो सकता है, क्योंकि गठबंधन सहयोगियों के बीच खींचतान से प्रशासनिक काम प्रभावित होते हैं। • राष्ट्रीय स्तर पर: विपक्षी एकता में दरार आने से राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की छवि कमजोर होती है, जिससे चुनावों में सीधे तौर पर मतदाताओं के पास मौजूद विकल्पों पर असर पड़ता है। सवाल-जवाब 1. कांग्रेस ने RJD पर क्या मुख्य आरोप लगाया है? कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने आरोप लगाया है कि RJD ने केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI और ED) के मुकदमों से बचने के लिए BJP के साथ गुप्त समझौता किया और कांग्रेस को धोखा दिया। 2. यह ताजा विवाद किस चुनाव के बाद शुरू हुआ? यह विवाद हाल ही में झारखंड में हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद खुलकर सामने आया है। 3. क्या कांग्रेस ने पिछले चुनावों को लेकर भी कोई दावा किया है? हां, कांग्रेस का आरोप है कि RJD ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी सोची-समझी रणनीति के तहत कांग्रेस की मजबूत सीटों पर भितरघात किया था। 4. झारखंड में कांग्रेस की तरफ से क्या मांग की गई है? झारखंड में कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से RJD के मंत्रियों को सरकार से तुरंत बाहर करने की मांग की है। https://trendkia.com/politics/bihar-men-mahagathabndhana-ki-rahen-juda-congress-ne-rjd-para-lagaya-pitha-men-chhura-ghonpane-ka-bara-aropa-2037 TrendKia — Har trend, sabse pehle.