भाजपा अध्यक्ष चयन के बाद आज लखनऊ में योगी कैबिनेट की पहली अहम बैठक, विकास से लेकर चुनावी रणनीति तक एजेंडे में सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर योगी आदित्यनाथ मंत्रिपरिषद की बैठक होगी, जो भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद पहली कैबिनेट बैठक है और इसमें विकास, कानून-व्यवस्था व चुनावी रणनीति से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रिपरिषद की एक ऐसी बैठक बुलाई गई है, जिस पर पूरे सूबे की सियासी नजर टिकी है। मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग पर सुबह 10 बजे होने वाली यह बैठक भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद पहली कैबिनेट बैठक है, इसलिए इसे प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक नजरिए से भी बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक की कमान संभालेंगे योगी आदित्यनाथ, मंत्री और अधिकारी रहेंगे मौजूद बैठक की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसमें प्रदेश सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। सूत्रों की मानें तो बैठक में रखे जाने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सिर्फ चर्चा ही नहीं होगी, बल्कि उन्हें मौके पर ही मंजूरी भी दी जा सकती है। भाजपा संगठन में हुए बदलाव के बाद बढ़ी बैठक की अहमियत यह मंत्रिपरिषद बैठक ऐसे समय हो रही है जब भाजपा संगठन में हाल ही में बड़ा फेरबदल हुआ है और पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष लखनऊ दौरे से लौटे हैं। इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई जानकार मान रहे हैं कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर भी इसमें बात हो सकती है, ताकि आने वाले दिनों में विकास कार्यों को और रफ्तार दी जा सके। विकास कार्यों से लेकर कानून-व्यवस्था तक, एजेंडे में कई अहम मुद्दे बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा होने के साथ आगामी सरकारी कार्यक्रमों पर भी चर्चा हो सकती है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि प्रदेश के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, निवेश को बढ़ावा देने की योजनाओं के साथ ही किसानों और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा भी एजेंडे का हिस्सा हो सकती है। हालांकि सरकार की तरफ से बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए अंतिम प्रस्तावों को लेकर स्पष्ट तस्वीर बैठक के बाद ही सामने आएगी। अगले साल के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी अहमियत राजनीतिक हलकों की नजर इस बैठक पर खास तौर पर इसलिए भी है क्योंकि इसे आने वाली सरकारी प्राथमिकताओं और भविष्य की रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में यह कैबिनेट बैठक सरकार के आगामी कदमों की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है। मई में हुई पिछली बैठक में हुए थे ये बड़े फैसले इससे पहले योगी सरकार ने मई महीने में कैबिनेट बैठक की थी, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए थे। उस बैठक में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल ने ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। गौरतलब है कि पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने के लिए इस तरह के आयोग की सिफारिशें सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक अनिवार्य हैं। इसके अलावा उस बैठक में दो प्रमुख महानगर परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई थी। साथ ही योगी सरकार ने आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के तहत स्टेशन निर्माण और एलिवेटेड सेक्शन के लिए जरूरी भूमि हस्तांतरण को भी मंजूरी दी थी। इसका आप पर असर यह बैठक सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश की सरकारी नीतियों और आम जनता से जुड़े फैसलों को प्रभावित कर सकती है। • भारत में: बैठक में लिए गए फैसले देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य की निवेश, बुनियादी ढांचा और कानून-व्यवस्था नीतियों की दिशा तय कर सकते हैं, जिसका असर राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं पर भी पड़ सकता है। • उत्तर प्रदेश में: राज्य के किसानों, विकास परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं से जुड़े फैसले सीधे आम नागरिकों की जिंदगी पर असर डाल सकते हैं, खासकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले। सवाल-जवाब 1. कैबिनेट बैठक कब और कहां होगी? यह बैठक सोमवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग पर होगी। 2. बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा? बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। 3. यह बैठक इतनी अहम क्यों मानी जा रही है? भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक है, इसलिए इसे राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 4. बैठक के एजेंडे में क्या शामिल हो सकता है? सूत्रों के मुताबिक विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, निवेश और किसानों तथा जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा एजेंडे में शामिल हो सकती है, हालांकि आधिकारिक एजेंडा अभी जारी नहीं हुआ है। 5. मई की पिछली कैबिनेट बैठक में क्या फैसले लिए गए थे? मई की बैठक में ओबीसी आयोग के गठन, दो महानगर परियोजनाओं और आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई थी। 6. यह बैठक विधानसभा चुनाव से क्यों जुड़ी मानी जा रही है? उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए इस बैठक को सरकार की आगामी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। https://trendkia.com/politics/bjp-adhyaksha-chayana-ke-bada-aja-lucknow-men-yogi-kaibineta-ki-pahali-ahama-baithaka-vikasa-se-lekara-chunavi-rananiti-taka-ejend-5016 TrendKia — Har trend, sabse pehle.