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  "title": "SIR विवाद पर विपक्ष को घेरने की तैयारी में बीजेपी, एक से तीस नवंबर तक देशभर में निकलेगी पदयात्रा",
  "summary": "कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के जवाब में भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में एक महीने तक चलने वाले अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री जनता के बीच जाकर विपक्ष के दावों का जवाब देंगे।",
  "content": "भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों की घेराबंदी और उनके विरोध प्रदर्शनों की काट के लिए देशव्यापी स्तर पर एक बड़े अभियान की शुरुआत करने की योजना बना रही है। इस रणनीति के तहत एक नवंबर से 30 नवंबर के बीच देश भर में विभिन्न स्थानों पर पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों में केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ-साथ भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। पार्टी के इस व्यापक जनसंपर्क अभियान में शीर्ष नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिसके तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी विभिन्न आयोजनों में कदम से कदम मिलाकर चलेंगे।\n\nशीर्ष नेताओं का कार्यक्रम और मुख्य तिथियां\nपार्टी की ओर से तैयार किए गए कार्यक्रम के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो नवंबर को हैदराबाद और पांच नवंबर को हरियाणा में आयोजित होने वाली पदयात्रा में सीधे तौर पर शामिल होंगे। इस देशव्यापी अभियान की टाइमिंग काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि ठीक एक दिन पहले यानी एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की तरफ से 'वोट चोरी' के मुद्दे पर एक बड़ी जन रैली का आयोजन किया जाना तय किया गया है। इसके अलावा एक नवंबर को सिख समुदाय की तरफ से भी कुछ अलग कार्यक्रमों के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा की यह पदयात्राएं मुख्य रूप से विपक्षी दलों के तेवर और उनकी रैलियों के जवाब में उतरी एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं।\n\nतेलंगाना में भाजपा का तीखा हमला\nतेलंगाना के भाजपा अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने हैदराबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस पार्टी पर देश और राज्य के भीतर अराजकता का माहौल पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी स्थिति का मुकाबला करने के लिए 'लोकतंत्र बचाओ – अराजकता हटाओ' के नारे और थीम के साथ पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें अमित शाह दो नवंबर को शिरकत करेंगे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर भी कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि विपक्षी दल इस हकीकत को स्वीकार नहीं कर पा रहा है कि एक साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाला चायवाला देश के सर्वोच्च पद पर आसीन है।\n\nचुनावी हार और पुतला दहन का आह्वान\nभाजपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि साल 2014 के बाद से लगातार चुनावों में नाकामी का मुंह देखने के बाद से पार्टी सत्ता हासिल करने के लिए पूरी तरह छटपटा रही है। उन्होंने तेलंगाना के सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से यह आह्वान किया कि वे मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों के विरोध में सोमवार को राज्य के हर जिला मुख्यालय पर पहुंचकर कांग्रेस का पुतला फूंकें। उनका कहना था कि विपक्ष लगातार राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए बेबुनियाद हथकंडों का सहारा ले रहा है।\n\nमतदाता सूची और एसआईआर पर सफाई\nविशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर बोलते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह उनके पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं ताकि यह मौके पर जाकर देखा जा सके कि वोटर लिस्ट से वास्तव में कितने नाम हटाए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पुनरीक्षण के दौरान किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से बाहर हो भी जाता है, तो उसे दोबारा जुड़वाने का पूरा प्रावधान और विकल्प मौजूद है जिसका उपयोग कोई भी वास्तविक मतदाता कर सकता है。\n\nएएसडीडी श्रेणी का पूरा हिसाब\nविपक्षी दलों की ओर से यह आरोप लगाया जा रहा है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इस पर सफाई देते हुए एन रामचंदर राव ने बताया कि ऐसे तमाम नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहराव वाले यानी एएसडीडी मतदाताओं की श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। उन्होंने विस्तृत आंकड़े रखते हुए दावा किया कि कुल 13 करोड़ में से करीब 2.8 करोड़ लोगों का निधन हो चुका है, तीन करोड़ लोग उस पते पर मौजूद नहीं मिले जब बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ सत्यापन के लिए पहुंचे थे, 6.3 करोड़ लोग हमेशा के लिए अन्य स्थानों पर बस चुके हैं और लगभग एक करोड़ नाम ऐसे हैं जो एक से ज्यादा जगहों पर दर्ज पाए गए।\n\nव्यक्तिगत उदाहरण और विपक्षी चुनौती\nअपने दावे को पुख्ता करने के लिए भाजपा नेता ने हैदराबाद के एक स्थानीय व्यक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि उसने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि उसने तीन अलग-अलग जगहों पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इसके साथ ही उन्होंने तेलंगाना सरकार के मंत्रियों को चुनौती दी कि वे कम से कम ऐसे 10 मतदाताओं को सबके सामने लेकर आएं जिनके नाम सूची से हटाए गए हैं और साथ ही उन मतदाताओं को उनके नाम कटने की ठोस वजह भी सार्वजनिक करनी चाहिए।\n\nइसका आप पर असर\nयह राजनीतिक अभियान और मतदाता सूची से जुड़ा विवाद देश भर के नागरिकों और स्थानीय मतदाताओं की चुनावी प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।\n\n• भारत में: देश भर के मतदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदाता सूची में उनके नाम सही ढंग से दर्ज हैं और किसी भी त्रुटि की स्थिति में वे निर्धारित नियमों के तहत अपने नाम ठीक करवा सकते हैं। राजनीतिक रैलियों और अभियानों के कारण कई प्रमुख शहरों में यातायात मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।\n• तेलंगाना में: स्थानीय निवासियों और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं को राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी क्योंकि स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक दल पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर आमने-सामने हैं। मतदाता सत्यापन के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों की ओर से जांच तेज की जा सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह देशव्यापी राजनीतिक टकराव और पदयात्राओं का दौर मुख्य रूप से चुनावी तैयारियों और विपक्षी दलों द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों की पृष्ठभूमि में शुरू हुआ है।\n\n• विपक्षी रैलियों का जवाब: कांग्रेस पार्टी द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित की जाने वाली जन रैली के तुरंत बाद भाजपा ने अपने राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा तैयार की है।\n• मतदाता सूची पर विवाद: विपक्ष की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का बड़ा आरोप लगाया गया है जिसके विरोध में भाजपा आक्रामक रुख अपना रही है।\n• राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई: साल 2014 के बाद से लगातार चुनावी असफलताओं का सामना कर रही कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को रोकने और आगामी चुनावों से पहले अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह रणनीति बनाई गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बीजेपी का देशव्यापी अभियान कब से कब तक चलेगा?\nभारतीय जनता पार्टी का यह राष्ट्रव्यापी अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा।\n\n2. अमित शाह किन तारीखों पर पदयात्रा में हिस्सा लेंगे?\nकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 नवंबर को हैदराबाद और 5 नवंबर को हरियाणा में आयोजित पदयात्रा में शामिल होंगे।\n\n3. कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में रैली का आयोजन कहां और कब तय किया है?\nकांग्रेस पार्टी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में जन रैली आयोजित करने की योजना बनाई है।\n\n4. तेलंगाना में भाजपा अध्यक्ष का क्या नाम है?\nतेलंगाना के भाजपा अध्यक्ष एन रामचंदर राव हैं।\n\n5. विपक्ष द्वारा एसआईआर प्रक्रिया में कितने नाम हटाने का दावा किया गया है?\nविपक्षी दलों की ओर से एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया गया है।\n\n6. एएसडीडी श्रेणी में किन लोगों के नाम शामिल हैं?\nइस श्रेणी में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहराव वाले मतदाताओं के नाम शामिल हैं।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-10-26",
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