ब्रिक्स सम्मेलन में वैश्विक विकास पर मंथन जारी, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन में आज वैश्विक आर्थिक वृद्धि और सहयोग पर विस्तार से चर्चा हो रही है। इस बीच मुख्य विपक्षी दल ने प्रधानमंत्री से संवाद करने की मांग उठाई है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन का आज का सत्र वैश्विक विकास, आपसी सहयोग और वर्तमान की साझा चुनौतियों पर केंद्रित है। इस बड़े कूटनीतिक आयोजन की मुख्य रूपरेखा मजबूती, नई सोच और टिकाऊ विकास जैसे अहम मुद्दों पर टिकी हुई है। कार्यक्रम के शुरुआती चरण में ही साझेदार और आउटरीच देशों के नेताओं ने आयोजन स्थल पर प्रवेश करना शुरू कर दिया, जिसके बाद सभी ने एक साथ मिलकर सामूहिक तस्वीर खिंचवाई। इसके तुरंत बाद खुले सत्र की शुरुआत हुई, जहां विभिन्न देशों के शीर्ष नेता अपने विचार साझा कर रहे हैं और वैश्विक मंच पर आगे की रणनीतियों पर विचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की व्यस्त द्विपक्षीय बैठकें इस बहुपक्षीय सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में व्यस्त हैं। दोपहर के सत्र में कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव के साथ बैठक निर्धारित है। इसके तुरंत बाद फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामाफोसा के साथ सिलसिलेवार बातचीत होगी। शाम के समय भी मुलाकातों का यह दौर जारी रहेगा, जिसमें बुरुंडी के राष्ट्रपति इवारिस्ते नदायिशिमिये, नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति सीनेटर काशिम शेट्टीमा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ अहम चर्चाएं संपन्न होंगी। ये सभी कूटनीतिक संवाद भारत मंडपम के परिसर में ही आयोजित किए जा रहे हैं। नई दिल्ली घोषणापत्र पर पूर्ण सहमति सम्मेलन की सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलता नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को लेकर सभी सदस्य देशों के बीच बनी आम सहमति है। इस साझा दस्तावेज को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच कई दौर की मैराथन वार्ता चली, जिसमें तमाम मतभेदों को सफलतापूर्वक सुलझाया गया। आखिरकार बिना किसी सदस्य राष्ट्र की आपत्ति के इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। इस दस्तावेज के माध्यम से भविष्य की रूपरेखा और ब्लॉक की प्राथमिकताओं को आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया गया है, जिसे भारत की कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्य विपक्षी दल की प्रेस कॉन्फ्रेंस की मांग एक तरफ जहां कूटनीतिक बैठकों का दौर चल रहा है, वहीं राजनीतिक मोर्चे पर कांग्रेस ने सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के विदेश मामलों के विभाग के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद ने इस आयोजन के निष्कर्षों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र पार्टी के सामने आकर मीडिया से बातचीत करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत की भूमिका को और अधिक मुखर होना चाहिए था। पार्टी का मानना है कि वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच प्रभाव बढ़ाने और पहले जैसी कूटनीतिक साख को पुनर्जीवित करने के लिए सिर्फ बयानों से आगे बढ़कर ठोस और निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है। इसका आप पर असर ब्रिक्स सम्मेलन और इस दौरान होने वाले कूटनीतिक समझौतों का असर देश की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा पड़ता है। • भारत में: वैश्विक मंच पर बनी आम सहमति और द्विपक्षीय वार्ताओं से देश के आर्थिक निवेश, तकनीक के आदान-प्रदान और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। • नई दिल्ली में: आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और यातायात डायवर्जन के कारण स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को आवाजाही में अतिरिक्त समय देना पड़ रहा है। ऐसा क्यों हुआ यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर उभरती आर्थिक चुनौतियों और भू-राजनीतिक बदलावों के बीच सदस्य देशों के आपसी सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता के तहत आयोजित किया जा रहा है। • सामूहिक एजेंडा: पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने और आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने की बढ़ती मांग ने इस ब्लॉक की प्रासंगिकता को बढ़ाया है। • कूटनीतिक समन्वय: सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय मतभेदों को दरकिनार कर साझा आर्थिक प्राथमिकताओं पर सहमति बनाना इस बहुपक्षीय मंच की कार्यप्रणाली का मुख्य आधार रहा है। सवाल-जवाब 1. ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन कहाँ हो रहा है? यह सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। 2. इस वर्ष के ब्रिक्स सम्मेलन की मुख्य थीम क्या है? सम्मेलन की थीम मजबूती, नई सोच, सहयोग और टिकाऊ विकास पर आधारित है। 3. किन प्रमुख नेताओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठकें तय हैं? प्रधानमंत्री की बैठकों में कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका, बुरुंडी, नाइजीरिया और युगांडा के शीर्ष नेता शामिल हैं। 4. सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही है? सभी सदस्य देशों द्वारा नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाना इसकी मुख्य उपलब्धि है। 5. कांग्रेस पार्टी ने सरकार से क्या मांग की है? कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्मेलन के परिणामों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की मांग की है। https://trendkia.com/politics/brics-summit-focuses-on-global-growth-in-new-delhi-as-opposition-demands-media-briefing-31716 TrendKia — Har trend, sabse pehle.