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  "title": "ममता बनर्जी की याचिका पर कोलकाता हाईकोर्ट में सुनवाई छह हफ्ते टली, भवानीपुर नतीजों को लेकर फंसा पेंच",
  "summary": "पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर में, कोलकाता हाईकोर्ट ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव नतीजों को चुनौती देने वाली ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई छह सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दी है।",
  "content": "पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनावी नतीजों को चुनौती देने के मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने सुनवाई को छह सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा के उम्मीदवार और मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस कड़े मुकाबले में ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से शिकस्त दी थी। इस हार के बाद ममता बनर्जी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए याचिका दायर की। याचिका में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया है कि शुरुआती 12 राउंड की मतगणना तक वह लगातार बढ़त पर थीं, लेकिन इसके बाद अचानक से राजनीतिक रुझान और परिणाम बदल गए।\n\n अपनी याचिका में ममता बनर्जी ने पूरी मतगणना प्रक्रिया के दौरान गंभीर प्रकार की अनियमितताएं होने का दावा किया है, जिसकी वजह से अंततः चुनाव का नतीजा प्रभावित हुआ। उन्होंने अदालत के समक्ष गुहार लगाई है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए और परिणामों की वैधता की नए सिरे से समीक्षा हो। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति गौरांग कांत की एकल पीठ के समक्ष मंगलवार को संपन्न हुई। सुनवाई के दौरान शुभेंदु अधिकारी की तरफ से पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता जॉयदीप कर ने अदालत से औपचारिक रूप से लिखित जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह के अतिरिक्त समय की मांग की।\n\n \n\nकल्याण बनर्जी ने जताई आपत्ति\n इस मांग का विरोध करते हुए ममता बनर्जी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता और तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने अदालत के सामने तर्क रखा कि चुनाव से जुड़ी याचिकाओं के निस्तारण में कई-कई साल बीत जाना एक बेहद गलत परंपरा का रूप ले चुका है। कल्याण बनर्जी ने अदालत से आग्रह किया कि यह सही परिपाटी नहीं है और कम से कम इस विशेष मामले में ऐसा सकारात्मक उदाहरण पेश किया जाना चाहिए जिससे चुनाव याचिका का निपटारा पूरी तरह से समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।\n\n \n\nइलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और दस्तावेज पूरी तरह सुरक्षित\n दूसरी तरफ, शुभेंदु अधिकारी की पैरवी कर रहे वकीलों ने अदालत को आश्वस्त किया कि माननीय न्यायालय के पूर्ववर्ती आदेशों का पूरी तरह पालन करते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM और चुनाव से जुड़े तमाम अहम दस्तावेजों को पूरी सुरक्षा के साथ संरक्षित रखा गया है। वकीलों ने दलील दी कि इस स्थिति में यदि मामले की सुनवाई में कुछ समय आगे बढ़ता भी है, तो भी किसी भी तरह से महत्वपूर्ण सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ या असर नहीं पड़ेगा। दोनों पक्षों के वकीलों की तमाम दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति गौरांग कांत ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिए कि वे अगले चार सप्ताह के भीतर अपने पास मौजूद सभी आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां एक-दूसरे को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें। इसके साथ ही अदालत ने इस बाबत कोर्ट में अपना हलफनामा भी दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है।\n\n \n\nरजिस्ट्रार जनरल को दिए गए निर्देश\n न्यायालय ने कोलकाता हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है कि सभी संबंधित पक्षों को तय समयसीमा के भीतर उनके जरूरी दस्तावेज समय पर प्राप्त हो जाएं। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद अदालत ने अब इस बहुचर्चित चुनाव याचिका की अगली सुनवाई छह हफ्ते बाद मुकर्रर की है। आगामी सुनवाई के दौरान अदालत मुख्य रूप से इस बात की समीक्षा करेगी कि दोनों पक्षों ने दस्तावेजों के आपसी आदान-प्रदान और हलफनामा दाखिल करने की प्रक्रिया को तय समय सीमा में पूरा किया है अथवा नहीं।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: यह मामला देश भर में चुनाव याचिकाओं के समयबद्ध निपटान और चुनावी पारदर्शिता से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं पर असर डालता है।\n\nपश्चिम बंगाल में: राज्य के राजनीतिक हलकों और मतदाताओं के बीच इस कानूनी मुकाबले पर पैनी नजर है, क्योंकि इसका सीधा संबंध शीर्ष नेताओं के चुनावी विवादों से है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ममता बनर्जी ने कोलकाता हाईकोर्ट में किस चुनाव परिणाम को चुनौती दी है?\nममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को कोलकाता हाईकोर्ट में चुनौती दी है।\n\n2. भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को किसने हराया था?\nभवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया था।\n\n3. इस मामले की सुनवाई किस न्यायाधीश की पीठ में हो रही है?\nइस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति गौरांग कांत की एकल पीठ में हो रही है।\n\n4. अदालत ने अगली सुनवाई के लिए कितना समय तय किया है?\nअदालत ने दोनों पक्षों को दस्तावेज आदान-प्रदान और हलफनामा दाखिल करने के निर्देश के साथ छह सप्ताह बाद की तारीख तय की है।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-08-04",
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    "ममता बनर्जी",
    "कोलकाता हाईकोर्ट",
    "भवानीपुर चुनाव",
    "शुभेंदु अधिकारी",
    "पश्चिम बंगाल राजनीति"
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