चंडीगढ़ के 2020 वाले प्रदर्शन केस में भगवंत मान से जवाब मांगेगा सुप्रीम कोर्ट, प्रशासन की याचिका पर नोटिस जारी चंडीगढ़ प्रशासन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के विरोध प्रदर्शन मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को नोटिस जारी किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मुश्किलें एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई हैं। साल 2020 में चंडीगढ़ में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में चंडीगढ़ प्रशासन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान को नोटिस भेजा है। क्या है पूरा मामला यह विवाद 2020 में चंडीगढ़ में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें भगवंत मान के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। बाद में हाईकोर्ट ने यह एफआईआर रद्द कर दी थी। चंडीगढ़ प्रशासन को हाईकोर्ट का यह फैसला मंजूर नहीं था, इसलिए प्रशासन ने इसे चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन की इसी याचिका पर भगवंत मान को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। 16 जुलाई को भी मिली थी राहत भगवंत मान से जुड़ा एक और मामला भी हाल में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जिसमें उनके खिलाफ हुए एक विरोध मार्च को लेकर सुनवाई की मांग की गई थी। यह याचिका बिजली टैरिफ को लेकर हुए प्रदर्शन से जुड़ी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसमें दखल देने से इनकार करते हुए टिप्पणी की थी कि लोकतंत्र में हर कोई नारेबाजी करता है। इस तरह उस मामले में भगवंत मान को राहत मिल गई थी। आवारा कुत्तों को लेकर भी उठा था विवाद इसी बीच भगवंत मान से जुड़ा एक और अलग मामला भी सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। आवारा कुत्तों को लेकर कोर्ट के निर्देशों के संदर्भ में मुख्यमंत्री के एक बयान पर सुनवाई की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद भगवंत मान ने ऐलान किया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक आवारा कुत्तों को हटाया जाएगा। आगे क्या ताजा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन की याचिका पर नोटिस जारी करके भगवंत मान से जवाब मांगा है। अब अगली सुनवाई में कोर्ट के सामने दोनों पक्ष अपनी दलीलें रखेंगे। इसका आप पर असर • भारत में: यह मामला दिखाता है कि विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी से जुड़े मामलों में अदालतें किस तरह का रुख अपनाती हैं, जिसका असर आगे ऐसे ही मामलों पर पड़ सकता है। • पंजाब और चंडीगढ़ में: मुख्यमंत्री भगवंत मान को अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा, जिससे राज्य की सियासत में यह मुद्दा फिर सुर्खियों में रहेगा। सवाल-जवाब 1. सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान को नोटिस क्यों भेजा? चंडीगढ़ प्रशासन की याचिका पर, जो 2020 के विरोध प्रदर्शन मामले में दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के खिलाफ दायर की गई थी। 2. यह एफआईआर कब और किस मामले में दर्ज हुई थी? यह एफआईआर 2020 में चंडीगढ़ में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भगवंत मान के खिलाफ दर्ज हुई थी। 3. हाईकोर्ट ने इस एफआईआर पर क्या फैसला दिया था? हाईकोर्ट ने यह एफआईआर रद्द कर दी थी, जिसे चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 4. क्या भगवंत मान को हाल में किसी अन्य मामले में राहत मिली है? हां, 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने बिजली टैरिफ प्रदर्शन से जुड़े एक विरोध मार्च मामले में दखल देने से इनकार करते हुए उन्हें राहत दी थी। 5. आवारा कुत्तों वाला मामला क्या है? यह एक अलग मामला है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर सुनवाई से इनकार किया था, जिसके बाद भगवंत मान ने कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक आवारा कुत्तों को हटाने का ऐलान किया। 6. अब आगे क्या होगा? भगवंत मान को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर जवाब दाखिल करना होगा, जिसके बाद अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। https://trendkia.com/politics/chandigarh-ke-2020-vale-pradarshana-kesa-men-bhagwant-mann-se-javaba-mangega-suprima-korta-prashasana-ki-yachika-para-notisa-jari-12139 TrendKia — Har trend, sabse pehle.