चेन्नई में 13 हजार करोड़ की सौगात के बीच सीएम विजय ने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने रखीं 6 बड़ी मांगें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे पर मुख्यमंत्री विजय ने मंच से मेट्रो विस्तार, हाई-स्पीड रेल, नदी जोड़ो परियोजना और 5,110 करोड़ रुपये के बकाया फंड समेत 6 प्रमुख मांगें रखीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के चेन्नई दौरे के दौरान राज्य को 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उपहार दिया। इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण का लोकार्पण शामिल रहा, जिसमें पूनमल्ली से वडापलानी के बीच 14.6 किलोमीटर लंबे नए रूट पर मेट्रो सेवा को हरी झंडी दिखाई गई। उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने एक साथ मेट्रो ट्रेन में सफर भी किया। इस सार्वजनिक मंच से अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के बुनियादी ढांचे और वित्तीय जरूरतों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री के समक्ष छह महत्वपूर्ण मांगें औपचारिक रूप से रखीं। चेन्नई मेट्रो फेज 3 को त्वरित स्वीकृति की मांग मुख्यमंत्री विजय ने अपने पहले अनुरोध में चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के तीसरे चरण को केंद्र सरकार से शीघ्र हरी झंडी देने की अपील की। इस प्रस्तावित चरण के अंतर्गत तीन प्रमुख गलियारे शामिल हैं, जिनका कुल विस्तार लगभग 65 किलोमीटर का है। इनमें हवाई अड्डे से किलांबक्कम, पूनमल्ली से सुंगुवरचत्रम तथा कोयंबेडु से पट्टाबिराम तक के मार्ग आते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस विस्तार से चेन्नई महानगर क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन का दायरा बहुत व्यापक हो जाएगा, दैनिक यात्रियों को तेज आवागमन मिलेगा और पूरे शहर की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार आएगा। कोयंबटूर, मदुरै और अंतरराज्यीय मेट्रो नेटवर्क शहरी गतिशीलता के दूसरे बिंदु पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों की भविष्य की आर्थिक प्रगति को देखते हुए कोयंबटूर और मदुरै शहरों के लिए तैयार किए गए मेट्रो रेल प्रस्तावों पर दोबारा विचार करे। इसके अलावा, उन्होंने पड़ोसी राज्य कर्नाटक के साथ औद्योगिक और जनसांख्यिकीय संपर्क को मजबूत करने के लिए एक अंतरराज्यीय मेट्रो कॉरिडोर की वकालत की। उन्होंने तमिलनाडु के होसुर से कर्नाटक के बोम्मासंद्रा तक जुड़ने वाली इंटर-स्टेट मेट्रो रेल लाइन को मंजूरी देने की मांग रखी, जिससे दोनों राज्यों के कार्यबल और व्यवसायों को सीधा लाभ पहुंचेगा। गोदावरी-कावेरी लिंक और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जल संकट और अंतरराज्यीय जल वितरण के स्थाई समाधान पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने नदी जोड़ो कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने रेखांकित किया कि गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना दक्षिणी भारत के राज्यों के लिए जल संसाधन बढ़ाने का अत्यंत मूल्यवान अवसर है, इसलिए भारत सरकार को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देकर राष्ट्रीय परियोजना घोषित करना चाहिए। इसके साथ ही अंतर-शहरी यात्रा को आधुनिक बनाने के लिए उन्होंने चेन्नई से कन्याकुमारी तथा चेन्नई से कोयंबटूर के बीच अत्याधुनिक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर मंजूर करने का प्रस्ताव रखा, जिससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र और आर्थिक केंद्रों को भारी गति मिलेगी। समग्र शिक्षा अभियान का 5,110 करोड़ रुपये का बकाया फंड अपने वित्तीय अनुरोध में मुख्यमंत्री विजय ने समग्र शिक्षा अभियान (SSA) का मुद्दा मजबूती से उठाया। उन्होंने बताया कि इस केंद्रीय योजना के तहत तमिलनाडु को केंद्र सरकार से 5 हजार 110 करोड़ रुपये की बकाया राशि मिलनी बाकी है। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि केंद्र सरकार बिना किसी पूर्व शर्त के इस पूरी धनराशि को तुरंत जारी करे, ताकि राज्य के शैक्षणिक कार्यक्रम सुचारू रूप से चल सकें। इन सभी मांगों और 13 हजार करोड़ रुपये के शिलान्यास कार्यों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा में कहा कि सरकारें भले बदल गईं, लेकिन तमिलनाडु के विकास को लेकर उनका संकल्प कभी नहीं बदला। इसका आप पर असर इस द्विपक्षीय बातचीत से तमिलनाडु के शहरी परिवहन, औद्योगिक सफर और स्कूल शिक्षा के बजट पर सीधा असर पड़ सकता है। • चेन्नई में: पूनमल्ली से वडापलानी तक 14.6 किलोमीटर मेट्रो चालू होने से पश्चिमी उपनगरों के दैनिक यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी। यदि 65 किलोमीटर लंबे तीसरे चरण को मंजूरी मिलती है तो किलांबक्कम बस टर्मिनस और सुंगुवरचत्रम तक का सफर तेज और सस्ता हो जाएगा। • होसुर और बेंगलुरु सीमा पर: होसुर से बोम्मासंद्रा तक इंटर-स्टेट मेट्रो बनने से रोजाना कर्नाटक आने-जाने वाले हजारों आईटी और औद्योगिक कर्मचारियों को निर्बाध आवागमन मिलेगा। इससे दोनों राज्यों की सीमा पर निजी वाहनों का दबाव और यात्रा खर्च घटेगा। • कोयंबटूर और मदुरै में: इन दोनों बड़े शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट्स पर पुनर्विचार होने से स्थानीय कारोबार और रियल एस्टेट को गति मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन मजबूत होने से भविष्य के ट्रैफिक जाम से बचाव संभव होगा। • छात्रों और स्कूलों पर: समग्र शिक्षा अभियान के तहत 5,110 करोड़ रुपये की बकाया राशि जारी होने पर राज्य के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचा और शिक्षक कल्याण कार्यक्रम बिना रुकावट चल सकेंगे। यह राशि मिलने से शिक्षा बजट की अनिश्चितता खत्म होगी। ऐसा क्यों हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेन्नई दौरे और मुख्यमंत्री विजय के मंच साझा करने के दौरान बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और लंबे समय से अटकी मांगों ने यह रूप लिया। • बुनियादी ढांचा विस्तार: केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के लिए 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत की थी, जिसमें चेन्नई मेट्रो के फेज 2 का हिस्सा भी शामिल था। राज्य सरकार ने इस मंच का उपयोग लंबित क्षेत्रीय कनेक्टिविटी प्रस्तावों को औपचारिक गति देने के लिए किया। • औद्योगिक व क्षेत्रीय मांगें: होसुर और बेंगलुरु के बीच भारी दैनिक आवागमन और मदुरै व कोयंबटूर के तेजी से बढ़ते शहरी फैलाव के कारण नई परिवहन प्रणालियों की दरकार लंबे समय से महसूस की जा रही है। इसी आधार पर मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय और टियर-2 मेट्रो लाइनों को मंजूरी देने का तर्क रखा। • संसाधन और वित्तीय विवाद: दक्षिण भारत में जल संकट के समाधान के लिए गोदावरी-कावेरी लिंक को राष्ट्रीय परियोजना बनाने और केंद्र से समग्र शिक्षा अभियान के तहत 5,110 करोड़ रुपये का बकाया फंड जारी कराने का मुद्दा राज्य सरकार के एजेंडे में प्रमुख रहा है। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से सीधे संवाद कर इन मांगों पर केंद्र का ध्यान खींचा। सवाल-जवाब 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में किस मेट्रो लाइन का उद्घाटन किया? प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के तहत पूनमल्ली से वडापलानी के बीच 14.6 किलोमीटर लंबे नए मार्ग का उद्घाटन किया। 2. तमिलनाडु को कुल कितने रुपये की परियोजनाओं की सौगात मिली? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। 3. मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई मेट्रो के तीसरे चरण के लिए क्या मांग रखी? उन्होंने लगभग 65 किलोमीटर लंबे तीसरे चरण को जल्द मंजूरी देने की मांग की, जिसमें एयरपोर्ट से किलांबक्कम, पूनमल्ली से सुंगुवरचत्रम और कोयंबेडु से पट्टाबिराम मार्ग शामिल हैं। 4. किन दो गैर-महानगरीय शहरों में मेट्रो रेल के लिए फिर विचार करने का अनुरोध किया गया? मुख्यमंत्री विजय ने पश्चिमी और दक्षिणी तमिलनाडु के विकास के लिए कोयंबटूर और मदुरै में मेट्रो रेल प्रस्तावों पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया। 5. प्रस्तावित अंतरराज्यीय मेट्रो लाइन किन दो स्थानों को जोड़ेगी? यह प्रस्तावित लाइन तमिलनाडु के होसुर को कर्नाटक के बोम्मासंद्रा से जोड़ेगी। 6. गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों में जल संसाधन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना को प्राथमिकता दे और इसे राष्ट्रीय परियोजना के रूप में आगे बढ़ाए। 7. मुख्यमंत्री ने किन शहरों के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की मांग की? उन्होंने चेन्नई से कन्याकुमारी और चेन्नई से कोयंबटूर के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी देने का अनुरोध किया। 8. समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार से कितनी राशि बकाया बताई गई? मुख्यमंत्री के अनुसार, समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के तहत तमिलनाडु को केंद्र सरकार से 5 हजार 110 करोड़ रुपये की बकाया राशि मिलनी बाकी है। https://trendkia.com/politics/chennai-men-13-hajara-karora-ki-saugata-ke-bicha-cm-vijay-ne-pm-narendra-modi-ke-samane-rakhin-6-bari-mangen-46436 TrendKia — Har trend, sabse pehle.