छात्र आंदोलन के बीच कंगना रनौत का कड़ा रुख, कहा सार्वजनिक मंच पर बोलने वालों को जनता की प्रतिक्रिया झेलनी होगी भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा कर प्रदर्शनकारियों के आचरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अपशब्द कहने पर जनता का आक्रोश झेलना ही पड़ेगा। सोशल मीडिया पर जारी बहस के बीच भाजपा सांसद और जानी-मानी अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक बार फिर प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला है। इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि जो लोग सार्वजनिक मंचों पर बेझिझक अपनी राय रखते हैं, उन्हें दूसरों की तरफ से आने वाली तीखी प्रतिक्रियाएं सुनने के लिए भी हमेशा तैयार रहना चाहिए। उनका मानना है कि अपनी बात कहने का अधिकार देश में हर नागरिक को समान रूप से हासिल है। भाषा, व्यवहार और सार्वजनिक संपत्ति का मुद्दा कंगना रनौत ने अपने पोस्ट के जरिए उन वीडियो का जिक्र किया जो पिछले कुछ समय से इंटरनेट पर लगातार वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में प्रदर्शनकारी आम लोगों के भारी गुस्से का सामना करते दिख रहे हैं। अभिनेत्री ने तर्क दिया कि प्रदर्शनकारियों को मिल रही इस जनप्रतिक्रिया के लिए उनकी अपनी भाषा और हिंसक व्यवहार ही पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति खुले तौर पर अपनी बात सामने रखता है, तो उसे सामने से मिलने वाले जवाब का सामना करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाओं पर भी कड़ा विरोध जताया। कंगना रनौत के अनुसार, यदि कोई सार्वजनिक संपत्तियों को क्षति पहुंचाता है, तो आम जनता भी उसी आक्रामक अंदाज में जवाब देती है। उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी को देश या मौजूदा सरकार से किसी भी तरह की शिकायत है और वह सार्वजनिक स्थानों पर अपशब्दों का प्रयोग करता है, तो उसे उन करोड़ों नागरिकों की बात भी सुननी पड़ेगी जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत इस सरकार का चुनाव किया है। कारण और प्रभाव का सिद्धांत अपने वक्तव्य का अंत करते हुए कंगना रनौत ने कड़े शब्दों में लिखा कि अब ऐसी स्थिति बनने पर रोने या शिकायत करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने भौतिक विज्ञान के नियम का हवाला देते हुए कहा कि हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। उन्होंने आगे लिखा कि जिन लोगों को अब तक कारण और प्रभाव के बीच का संबंध समझ में नहीं आया था, उन्हें अब यह सच्चाई अच्छी तरह समझ में आ जाएगी। छात्र आंदोलन और पुरानी विवादित टिप्पणियां यह पूरा मामला हाल ही में शुरू हुए छात्र आंदोलन और उससे जुड़े विभिन्न वायरल वीडियो से संबंधित है। पिछले कुछ दिनों से कंगना रनौत इस समसामयिक मुद्दे पर लगातार मुखर होकर अपनी राय व्यक्त कर रही हैं। इससे पहले भी उन्होंने आंदोलनकारियों के विरोध करने के तौर-तरीकों और उनकी भाषा शैली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अपने पिछले कुछ बयानों में तो उन्होंने प्रदर्शनकारियों के आचरण पर नाराजगी जताते हुए उन्हें जेनरेशन गटर तक करार दिया था और उनके रवैये की कड़ी निंदा की थी। इसका आप पर असर सार्वजनिक जीवन में: विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर कानूनी और सामाजिक दोनों तरह की प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। नागरिकों के लिए: लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की आजादी के साथ-साथ दूसरों की राय और जनादेश का सम्मान करना भी जरूरी माना जाता है। सवाल-जवाब 1. कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों के बारे में क्या कहा? कंगना रनौत ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखने वालों को जनता की प्रतिक्रिया सुनने के लिए भी तैयार रहना चाहिए और हर क्रिया की विपरीत प्रतिक्रिया होती है। 2. कंगना रनौत ने किस आधार पर जनता के गुस्से को सही ठहराया? उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की अपनी भाषा, आक्रामक व्यवहार और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की वजह से आम जनता में गुस्सा है। 3. यह विवाद किस मुद्दे से जुड़ा हुआ है? यह विवाद हाल के छात्र आंदोलन और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रदर्शनकारियों के वीडियो से जुड़ा है। 4. कंगना रनौत ने पहले प्रदर्शनकारियों के लिए किस शब्द का इस्तेमाल किया था? कंगना रनौत ने अपने पिछले सोशल मीडिया पोस्ट में प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहकर संबोधित किया था। https://trendkia.com/politics/chhatra-andolana-ke-bicha-kangana-ranaut-ka-kara-rukha-kaha-sarvajanika-mncha-para-bolane-valon-ko-janata-ki-pratikriya-jhelani-ho-11589 TrendKia — Har trend, sabse pehle.