# छत्तीसगढ़ में चार नगर निगमों का चुनाव तय करेगा सूबे की सियासी फिजा, दिग्गजों की साख दांव पर

> छत्तीसगढ़ में होने वाले चार नगर निगमों और 15 निकायों के चुनाव को लेकर राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। इस मुकाबले में सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/chhattisgarh-men-chara-nagara-nigamon-ka-chunava-taya-karega-sube-ki-siyasi-phija-diggajon-ki-sakha-danva-para-21633 · **Language:** Hindi
**Tags:** छत्तीसगढ़ चुनाव, नगर निगम चुनाव, भिलाई नगर निगम, अरुण साव, दीपक बैज, भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ राजनीति

छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर शुरू होने जा रही चुनावी जंग ने पूरे राज्य की राजनीतिक फिजा को गरमा दिया है। इन चुनावों को केवल शहरी सरकार के गठन के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इन्हें आने वाले समय की राजनीतिक दिशा तय करने वाला बड़ा पैमाना माना जा रहा है। सरकार चलाने वाले दल का पूरा जोर अपनी विकास योजनाओं और कामकाज के दम पर जनता का भरोसा जीतने पर है, जबकि विरोधी दल इसे जन असंतोष को उभारने और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का बड़ा मौका मान रहे हैं। पानी, सड़क, यातायात, साफ-सफाई और स्थानीय विकास जैसे बुनियादी मुद्दे इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के केंद्र में बने हुए हैं।

## सीधी टक्कर और दांव पर लगी प्रतिष्ठा
यह मुकाबला महज़ कुछ कुर्सियों या पदों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का फैसला करेगा कि शहरी मतदाता किस दल की नीतियों पर मुहर लगाते हैं। प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री अरुण साव का कहना है कि पार्टी पूरी तरह से चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि पिछले ढाई साल के विकास कार्यों के आधार पर चारों नगर निगमों और 15 निकायों में पार्टी शानदार प्रदर्शन करेगी। दूसरी तरफ, वर्तमान में इन सभी नगर निगमों पर विरोधी दल का कब्जा है, जिसके चलते उनके सामने अपनी पुरानी सत्ता और किले को बचाने की बड़ी चुनौती आन पड़ी है।

## कांग्रेस के गढ़ और दिग्गजों का प्रभाव
पीसीसी चीफ दीपक बैज का मानना है कि जनता मौजूदा व्यवस्था से त्रस्त है और उनके पास उठाने के लिए कई गंभीर मुद्दे मौजूद हैं, जिनके दम पर पार्टी सभी सीटों पर पूरी ताकत से मुकाबला जीतेगी। इन चार निगमों में भिलाई नगर निगम से नीरज पाल, बिरगांव से नंदलाल देवांगन, रिसाली से शशि सिन्हा और भिलाई-चरौदा से निर्मल कोसरे वर्तमान में महापौर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इन सभी जगह पर अभी एक ही दल का नियंत्रण होने के कारण मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इसके अलावा, इस बार महापौर पद के लिए सीधे मतदान की व्यवस्था की गई है, जहां मतदाता पार्षदों के साथ-साथ महापौर के लिए भी अपने मत का अलग से प्रयोग करेंगे। आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही टिकट के दावेदारों की सरगर्मी भी काफी तेज हो गई है।

## दिग्गज नेताओं के क्षेत्रों में कड़ी परीक्षा
भिलाई-चरौदा नगर निगम का रण इसलिए भी सबसे ज्यादा खास माना जा रहा है क्योंकि यह इलाका पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। इसी तरह रिसाली को पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है। स्थानीय निकाय स्तर के ये चुनाव भले ही शहरों की सरकार चुनने के लिए हो रहे हों, लेकिन इनके नतीजे वर्ष 2028 की बड़ी राजनीतिक तस्वीर का संकेत भी देंगे। एक तरफ जहां यह मौजूदा सत्ता के कामकाज की असली परीक्षा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के लिए अपनी राजनीतिक जमीन बचाने का बड़ा अवसर है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि शहरी मतदाता विकास के रास्ते पर चलते हैं या फिर बदलाव के पक्ष में अपना फैसला सुनाते हैं।

## इसका आप पर असर
**छत्तीसगढ़ में:** शहरी मतदाताओं के लिए यह चुनाव स्थानीय बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की मांग उठाने का बड़ा अवसर है।

**भारत में:** राज्य के इन स्थानीय चुनावों के नतीजे यह संकेत देंगे कि क्षेत्रीय स्तर पर मतदाताओं का रुझान किस दिशा में है, जिसका असर भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. छत्तीसगढ़ में कितने नगर निगमों में चुनाव होने जा रहे हैं?
छत्तीसगढ़ में चार नगर निगमों और 15 अन्य निकायों में चुनाव होने जा रहे हैं।

### 2. भिलाई-चरौदा नगर निगम किस पूर्व मुख्यमंत्री के प्रभाव क्षेत्र में आता है?
भिलाई-चरौदा नगर निगम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है।

### 3. रिसाली नगर निगम को किस नेता का गढ़ माना जाता है?
रिसाली नगर निगम को पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का गढ़ माना जाता है।

### 4. इस बार महापौर चुनाव की क्या प्रक्रिया होगी?
इस बार महापौर पद के लिए सीधे मतदान होगा जिसमें मतदाता पार्षद और महापौर के लिए अलग-अलग वोट डालेंगे।

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