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  "type": "article",
  "title": "संसद में बहस के लिए अमित शाह ने दी राहुल गांधी को चुनौती, SIR पर विशेष सत्र बुलाने का रखा प्रस्ताव",
  "summary": "हरियाणा के करनाल में आयोजित बीजेपी की रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के डिबेट चैलेंज पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर वे सच में चर्चा चाहते हैं तो प्रधानमंत्री को पत्र लिखें, सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।",
  "content": "हरियाणा के करनाल में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की डिबेट चुनौती का जवाब दिया। अमित शाह ने कहा कि यदि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किसी मुद्दे पर बहस करने के प्रति गंभीर हैं, तो उन्हें औपचारिक रूप से पत्र लिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार संसद का एक विशेष सत्र बुलाकर SIR सहित सभी विषयों पर चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।\n\nविशेष सत्र और एसआईआर पर बहस की पेशकश\nगृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई बहस की चुनौती पर तंज कसा। शाह ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंचों से भाषण देने के बजाय विधायी व्यवस्था के तहत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष सच में बहस करना चाहता है, तो उसे प्रधानमंत्री को पत्र भेजना चाहिए और सरकार संसद का विशेष सत्र आयोजित करने से पीछे नहीं हटेगी।\n\n \nकांग्रेस की ओर से एक करोड़ वोट हटाए जाने के दावों को खारिज करते हुए अमित शाह ने पिछले चुनावों के नतीजों का जिक्र किया। शाह ने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान SIR नहीं था, फिर भी देश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया। इसी तरह हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में भी बिना किसी SIR के कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था।\n\nराहुल गांधी के कार्यकाल का चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड\nराजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए अमित शाह ने कहा कि जिस तरह कोई व्यक्ति नई नौकरी के लिए अपना पिछला रिकॉर्ड दिखाता है, उसी तरह जनता भी राजनीतिक नेताओं के प्रदर्शन का आकलन करती है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2007 में जब राहुल गांधी कांग्रेस के महासचिव बने थे, तब देशभर में पार्टी के पास 1,200 से अधिक विधायक थे।\n\nशाह के अनुसार, जब राहुल गांधी उपाध्यक्ष पद पर पहुंचे तो विधायकों की संख्या घटकर 900 रह गई। इसके बाद अध्यक्ष बनने पर यह आंकड़ा 700 पर आ गया। वर्ष 2022 में भारत जोड़ो यात्रा निकाले जाने के बावजूद पार्टी के विधायकों की संख्या घटकर लगभग 600 ही बची है। शाह ने दावा किया कि एक तरफ जहां राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार सिकुड़ रही है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों और सांसदों की संख्या लगातार बढ़ रही है।\n\nस्कूली कबड्डी का किस्सा और रेफरी पर तंज\nरैली के दौरान अमित शाह ने बचपन के एक संस्मरण का उदाहरण देते हुए विपक्ष की रणनीति पर चुटकी ली। उन्होंने बताया कि स्कूल के दिनों में उनकी सातवीं कक्षा की कबड्डी टीम लगातार जीत हासिल करती थी। लगातार हार से आहत होकर नौवीं कक्षा के बड़े छात्रों ने अपनी अहम की तुष्टि के लिए एक नया तरीका निकाला और रेफरी को ही 'चीटर' यानी धोखेबाज़ घोषित करने की योजना बनाई ताकि उनकी जीत पक्की हो सके।\n\n \nअमित शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो राहुल गांधी ने भी उन्हीं नौवीं कक्षा के छात्रों की सलाह पर अमल करना शुरू कर दिया है और चुनाव प्रक्रिया तथा रेफरी पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार का सामना करने के कारण उसकी कार्यसंस्कृति केवल संसद को बाधित करने और देश में अराजकता फैलाने तक सीमित हो गई है।\n\nइसका आप पर असर\nसंसद में विशेष सत्र बुलाने की पेशकश से देश की चुनावी प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों पर औपचारिक बहस का रास्ता खुल सकता है।\n\n• भारत में: यदि संसद का विशेष सत्र आयोजित होता है, तो देश की चुनावी प्रक्रियाओं और मतदाता सूची प्रबंधन (SIR) जैसे विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच सीधा संवाद देखने को मिलेगा।\n• हरियाणा में: करनाल में हुई इस बड़ी राजनीतिक रैली से राज्य में विधानसभा चुनावों के बाद भी प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक और रणनीतिक खींचतान जारी रहने के संकेत मिलते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह राजनीतिक बयानबाज़ी राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती देने और बीजेपी के करनाल मार्च के आयोजन के बाद सामने आई है।\n\n• सीधी चुनौती का जवाब: राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी व अन्य मुद्दों पर बहस की चुनौती दी थी, जिसका जवाब अमित शाह ने करनाल की रैली से दिया।\n• वोटर लिस्ट विवाद: विपक्ष ने आरोप लगाया था कि एक करोड़ वोट हटाए गए हैं, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री ने जवाब देते हुए आधिकारिक संसदीय बहस का प्रस्ताव रखा।\n• राजनीतिक घेराबंदी: बीजेपी ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत करनाल में रैली आयोजित कर कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन और उसकी कार्यशैली पर सवाल उठाए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमित शाह ने राहुल गांधी को क्या चुनौती दी?\nअमित शाह ने राहुल गांधी से कहा कि यदि वे सच में बहस करना चाहते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखें, जिसके बाद सरकार SIR पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।\n\n2. अमित शाह की यह रैली कहां और किस मौके पर आयोजित की गई थी?\nयह भाषण हरियाणा के करनाल में बीजेपी द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च के दौरान दिया गया।\n\n3. अमित शाह ने राहुल गांधी के कार्यकाल के दौरान कांग्रेस के विधायकों के क्या आंकड़े बताए?\nशाह के अनुसार, 2007 में कांग्रेस के पास 1,200 विधायक थे, जो राहुल के उपाध्यक्ष बनने पर 900, अध्यक्ष बनने पर 700 और 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के बाद घटकर लगभग 600 रह गए।\n\n4. अमित शाह ने भाषण के दौरान स्कूली दिनों का कौन सा उदाहरण दिया?\nशाह ने सातवीं और नौवीं कक्षा की कबड्डी टीमों का उदाहरण दिया, जिसमें लगातार हारने वाली बड़ी टीम ने अपनी हार स्वीकार करने के बजाय रेफरी को 'चीटर' कहना शुरू कर दिया था।",
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