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  "type": "article",
  "title": "मनरेगा की जगह विकसित भारत योजना लाना सामाजिक सुरक्षा पर हमला, कांग्रेस का केंद्र पर गंभीर आरोप",
  "summary": "कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी चुराने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि मनरेगा के स्थान पर लाई गई नई योजना और क्लोन ऐप जैसी गड़बड़ियों से गरीबों का हक मारा जा रहा है।",
  "content": "नई दिल्ली में कांग्रेस ने बीती 20 अक्टूबर को सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना को ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा ढांचे के खिलाफ एक बड़ा प्रहार बताया है। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा केंद्र सरकार ने अब ग्रामीण क्षेत्र के मेहनतकश मजदूरों की कमाई पर भी डाका डालना शुरू कर दिया है।\n\nसूखे के समय मनरेगा का सहारा\nपार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए गंभीर हालात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के बीड समेत कई अन्य जिले इस समय पिछले एक दशक के सबसे भयानक सूखे से जूझ रहे हैं। ऐसे संकट के समय में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित होता था।\n\nजमीनी हकीकत और फर्जीवाड़े के आरोप\nकांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मनरेगा का स्थान लेने वाली ‘विकसित भारत-जी राम जी’ यानी वीबी-जीरामजी योजना ग्रामीण सुरक्षा चक्र को तोड़ने का काम कर रही है। जमीनी स्तर पर सामने आई पड़ताल से पता चलता है कि कई ऐसे ग्रामीण हैं जिन्होंने महीनों से कोई काम नहीं किया है, फिर भी आधिकारिक दस्तावेजों में उनकी हाजिरी दर्ज है और उन्हें कार्यरत दिखाया जा रहा है।\n\nक्लोन ऐप के जरिए हो रही धांधली\nकांग्रेस ने दावा किया है कि स्थानीय नेता मजदूरों के हिस्से की राशि अवैध तरीके से अपनी जेब में डाल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी शासित अन्य राज्यों में भी फर्जी उपस्थिति दर्ज करने और कथित ‘क्लोन ऐप’ का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने की बात सामने आई है। पार्टी महासचिव ने इसे केवल साधारण भ्रष्टाचार नहीं बल्कि मजदूरों की मजदूरी की सोची-समझी चोरी करार दिया है।\n\nइसका आप पर असर\nग्रामीण रोजगार योजनाओं में कथित धांधलियों और क्लोन ऐप के इस्तेमाल से देश के मेहनतकश मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा सीधे प्रभावित हो रही है।\n\n• देशभर में: ग्रामीण इलाकों में आजीविका सुरक्षा योजनाओं की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जिससे जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचना मुश्किल हो जाता है।\n• महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में: सूखे से जूझ रहे बीड और अन्य प्रभावित जिलों के श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान मिलने में बाधा आ सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों में इस तरह की गड़बड़ियों के पीछे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी सुरक्षा प्रणालियों में कमियों का होना बताया जा रहा है।\n\n• फर्जी हाजिरी और तकनीक: कथित 'क्लोन ऐप' के इस्तेमाल और स्थानीय स्तर पर फर्जी उपस्थिति दर्ज करने से सरकारी रिकॉर्ड में गलत आंकड़े पेश किए जा रहे हैं।\n• गंभीर सूखे की स्थिति: महाराष्ट्र के बीड जैसे जिलों में लगातार गहराते सूखे और काम की भारी किल्लत के कारण योजनाओं के क्रियान्वयन पर अतिरिक्त दबाव बना है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कांग्रेस ने किस योजना को सामाजिक सुरक्षा पर हमला बताया है?\nकांग्रेस ने 'विकसित भारत जी राम जी' योजना को ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा ढांचे पर सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया है।\n\n2. जयराम रमेश ने किस जिले में सूखे का जिक्र किया है?\nजयराम रमेश ने महाराष्ट्र के बीड और अन्य जिलों में एक दशक के सबसे भीषण सूखे का सामना करने की बात कही है।\n\n3. ग्रामीण मजदूरों के नाम पर किस तरह की गड़बड़ी का आरोप है?\nआरोप है कि महीनों काम न करने के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में ग्रामीणों को काम करते दिखाया गया और स्थानीय नेता मजदूरी हड़प रहे हैं।\n\n4. गड़बड़ियों के लिए किस तकनीक के इस्तेमाल का दावा किया गया है?\nउत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में फर्जी हाजिरी और कथित 'क्लोन ऐप' के जरिए गड़बड़ी करने का दावा किया गया है।",
  "url": "https://trendkia.com/politics/congress-slams-center-over-rural-job-scheme-and-wage-fraud-claims-49743",
  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-10-20",
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    "कांग्रेस",
    "मनरेगा",
    "विकसित भारत योजना",
    "जयराम रमेश",
    "मजदूर",
    "भ्रष्टाचार"
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  "site": "TrendKia"
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