मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध, कांग्रेस ने बनाई देशव्यापी रणनीति कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनाव प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी ने हर बूथ पर 'वोट रक्षक' तैनात करने की योजना बनाई है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका चल रहा विरोध प्रदर्शन तब तक नहीं रुकेगा जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया नहीं जाता और देश की चुनाव प्रणाली में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही और स्पष्ट किया कि जब तक लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रियाओं को त्रुटिहीन नहीं बनाया जाता, तब तक पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। देशव्यापी विरोध और दिल्ली रैली पार्टी ने देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू कर दिया है, हालांकि दीवाली के त्योहार के दौरान इनमें कुछ दिनों के लिए विराम दिया जा सकता है। एक नवंबर को नई दिल्ली में कांग्रेस के बैनर तले आयोजित की गई रैली को देश के इतिहास के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में शुमार किया गया। के. सी. वेणुगोपाल ने जोर देकर कहा कि उनकी यह सीधी राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ है। मतदाता सूची से नाम कटने का मुद्दा पार्टी का मुख्य आरोप है कि मतदाता सूचियों से सुनियोजित तरीके से नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे समाज के गरीब तबके के लोग अपने मताधिकार से तो वंचित हो ही रहे हैं, साथ ही वे विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं के लाभ से भी दूर होते जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि सरकारी योजनाओं के फायदों को अब सीधे तौर पर मतदाता पहचान पत्र से तेजी के साथ जोड़ा जा रहा है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है. हर बूथ पर तैनात होंगे 'वोट रक्षक' इस संकट से निपटने के लिए कांग्रेस आगामी डेढ़ महीने के भीतर पंचायत स्तर तक 'वोट बचाओ, देश बचाओ' नाम से एक व्यापक देशव्यापी अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस रणनीति के तहत पार्टी देश के प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक 'वोट रक्षक' की नियुक्ति करेगी। इन कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी होगी कि वे मतदाता सूचियों की बारीकी से जांच करें, जिनका नाम सूची से काटा गया है उनकी पहचान करें और प्रभावित लोगों के घर-घर जाकर उनके नाम दोबारा मतदाता सूची में जुड़वाने में पूरी मदद करें। संसद से लेकर सड़क तक घेराबंदी संगठन के स्तर पर देश भर की जिला और राज्य इकाइयां लगातार विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। इसके साथ ही समान विचारधारा वाले अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। कांग्रेस ने यह भी साफ कर दिया है कि आगामी संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे को बेहद आक्रामक तरीके से उठाया जाएगा और विपक्ष सरकार को जनता से जुड़े तमाम विवादित विषयों पर घेरेगा। पिछले संसद सत्र का हवाला देते हुए यह भी दावा किया गया कि विपक्ष के कड़े विरोध के चलते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगभग दो सप्ताह तक संसद भवन के अंदर प्रवेश नहीं कर पाए थे। केरलम के राजनीतिक घटनाक्रम पर बयान पार्टी नेता ने केरलम राज्य में सरकार के कामकाज और प्रशासन पर भी खुलकर बात की और कहा कि वहां पूरी तरह सक्षम प्रशासन काम कर रहा है तथा सरकार हर प्रासंगिक मुद्दे का समाधान करने में सक्षम है। छिटपुट घटनाओं या प्रशासनिक स्तर पर छोटी-कमियों के सामने आने को स्वाभाविक बताते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि जहां भी आवश्यकता होगी, सरकार त्वरित और उचित कार्रवाई करेगी। केरलम के आबकारी मंत्री एम. लिजू पर शराब बार मालिकों के साथ सांठगांठ के लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अपने निर्वाचन क्षेत्रों में व्यवसायियों सहित तमाम लोगों से परिचय होना आम बात है। पूर्व आबकारी आयुक्त एस. संबाशिव राव द्वारा विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप अब लगाए जाने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी बातें पद पर रहते हुए उठाई जानी चाहिए थीं, हालांकि सरकार ने इसके बावजूद निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार आवश्यक कदम उठाने पर अपनी सहमति जता दी है। इसका आप पर असर यह राजनीतिक आंदोलन सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया, प्रशासनिक नीतियों और नागरिक अधिकारों को प्रभावित करता है, जिसका असर देश के आम मतदाताओं पर पड़ेगा। • भारत में: देश भर के नागरिकों को यह सुनिश्चित करने का अवसर मिलेगा कि उनके मतदाता सूची में नाम सुरक्षित रहें, क्योंकि कांग्रेस का 'वोट रक्षक' अभियान हर बूथ पर गड़बड़ियों की जांच करेगा। सरकारी योजनाओं के लाभ सीधे वोटर आईडी से जोड़े जाने के कारण नाम कटने की समस्या से जूझ रहे गरीब लोगों को प्रशासनिक मदद मिल सकेगी। • केरलम में: राज्य के स्थानीय निवासियों के लिए आबकारी विभाग से जुड़े मामलों और प्रशासनिक निगरानी में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बार मालिकों और आबकारी मंत्री को लेकर चल रहे विवाद पर सरकार की जांच से प्रशासनिक पारदर्शिता पर सीधा असर पड़ेगा। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक टकराव मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के गंभीर आरोपों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उपजे भारी असंतोष के कारण पैदा हुआ है। • मतदाता सूची विसंगतियां: गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटने की लगातार आ रही शिकायतों ने राजनीतिक दलों को आक्रामक रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया है। • कल्याणकारी योजनाओं का जुड़ाव: सरकारी योजनाओं के फायदों को तेजी से मतदाता पहचान पत्र से जोड़े जाने के कारण चुनावी सूची में किसी भी त्रुटि का सीधा असर नागरिकों की आजीविका पर पड़ रहा है। • विपक्षी रणनीति: संसद के पिछले सत्रों में आक्रामक तेवर दिखाने के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े जन-आंदोलन में बदलने का निर्णय लिया है। सवाल-जवाब 1. कांग्रेस मुख्य रूप से किसकी बर्खास्तगी की मांग कर रही है? कांग्रेस मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रही है। 2. कांग्रेस का देशव्यापी अभियान किस नाम से चलाया जाएगा? पार्टी अगले डेढ़ महीने के दौरान 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान चलाएगी। 3. 'वोट रक्षक' की तैनाती कहां की जाएगी? कांग्रेस इस अभियान के तहत प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक 'वोट रक्षक' नियुक्त करेगी। 4. नई दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी रैली कब आयोजित की गई थी? नई दिल्ली में कांग्रेस की ओर से एक नवंबर को रैली आयोजित की गई थी। 5. केरलम में आबकारी विभाग से जुड़ा विवाद किस मंत्री को लेकर है? यह विवाद आबकारी मंत्री एम. लिजू के शराब बार मालिकों से संबंध होने के आरोपों से संबंधित है। https://trendkia.com/politics/congress-vows-to-continue-protests-until-cec-gyanesh-kumar-resigns-57921 TrendKia — Har trend, sabse pehle.