कनॉट प्लेस के रेस्तरां में जुटे विपक्षी सांसद, मल्लिकार्जुन खरगे के दोपहर भोज में बनी नई रणनीति संसद मार्ग पर हिरासत में लिए जाने के अगले ही दिन विपक्षी दलों के नेता कनॉट प्लेस के सागर रत्ना में लंच के लिए एकजुट हुए, जहां चुनाव आयोग के खिलाफ आगे के कदमों पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सागर रत्ना रेस्तरां में बुधवार को जोरदार राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा बुलाई गई दोपहर की दावत में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी गठबंधन के तमाम सांसद बड़ी संख्या में शामिल हुए। नेताओं के इस बड़े जमावड़े के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने रेस्तरां के आसपास के फुटपाथों की घेराबंदी करते हुए कड़े बैरिकेड्स लगा दिए, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आया। जंतर-मंतर के नजदीक चुनावी संस्था पर दबाव की तैयारी यह भोजनालय जंतर-मंतर से केवल 100 मीटर के फासले पर स्थित है, जिसकी वजह से पूरे परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। विपक्षी खेमा चुनाव आयोग के विरुद्ध पहले से ही लामबंद है और इस बैठक का मुख्य मकसद उसी विरोध प्रदर्शन को आगे ले जाना माना जा रहा है। लंच टेबल पर नेताओं के बीच इस बात को लेकर गहन मंथन हुआ कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को किस प्रकार और मुखर किया जाए। विपक्षी नेता एसआईआर के मामले को एक बड़े राजनीतिक अवसर के तौर पर देख रहे हैं और इसे चुनावी लाभ में बदलने की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। सीपीएम सांसद बोले रणनीति को गुप्त रखना ही बेहतर बैठक में शिरकत करने पहुंचे सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने बातचीत में साफ किया कि किसी भी रणनीति को सार्वजनिक नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि यह केवल लंच का न्योता है और भोजन के दौरान आगे के कदमों पर चर्चा करके फैसला लिया जाएगा। संदोष कुमार के मुताबिक रणनीति का अर्थ ही यही है कि योजना खुलकर सामने न आए, इसलिए अभी सिर्फ इंतजार करने की जरूरत है। मंगलवार के विरोध मार्च और हिरासत के बाद का घटनाक्रम इस दोपहर भोज से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को दिल्ली की सड़कों पर भारी खींचतान हुई थी। चुनाव आयोग तक निकाले जा रहे विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया था। हिरासत की कार्रवाई के दौरान मौके पर जोरदार हंगामा बरपा। हालांकि कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सभी नेताओं को रिहा कर दिया था। आकाशवाणी भवन में प्रवेश को लेकर पुलिस में शिकायत मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान अप्रत्याशित घटनाक्रम भी सामने आया था, जब राहुल गांधी सुरक्षा बलों को चकमा देते हुए आकाशवाणी भवन के परिसर में पहुंच गए थे। उन्होंने वहां से भीतर के रास्ते चुनाव आयोग के कार्यालय की तरफ बढ़ने का प्रयास किया था। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस को एक आधिकारिक शिकायत मिली है, जिसमें आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति जबरन घुसने को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके सहयोगी सांसदों पर आरोप लगाए गए हैं। इसी पृष्ठभूमि में बुधवार को विपक्षी नेताओं का यह ताजा लंच सियासी संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है। इसका आप पर असर राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी दलों के इस जमावड़े और विरोध से राजनीतिक तनाव के साथ-साथ आम जनता की दैनिक आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। • राष्ट्रीय स्तर पर: संसद और चुनाव आयोग से जुड़े राजनीतिक टकराव तेज होने से विधायी कामकाज और चुनावी सुधारों से जुड़े मुद्दे गरमा सकते हैं। आने वाले दिनों में विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों के इसी प्रकार के विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं। • दिल्ली में: कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास व्यापक बैरिकेडिंग के कारण आम नागरिकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। मध्य दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को सुरक्षा जांच और बंद रास्तों के चलते अतिरिक्त समय लेकर चलना होगा। • यातायात पर असर: वीआईपी नेताओं की आवाजाही और पुलिस पहरे की वजह से नजदीकी मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन सकती है। कनाट प्लेस के भीतरी और बाहरी सर्कल में वाहनों की गति धीमी होने की संभावना है। • व्यापार और सुरक्षा: भोजनालयों और आसपास के बाजारों में सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी से स्थानीय दुकानदारों और ग्राहकों का सामान्य आवागमन प्रभावित होता है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनात रहने से प्रशासनिक कामकाज पर भी असर पड़ता है। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक हलचल चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष द्वारा शुरू किए गए संयुक्त अभियान और बीते दिन नेताओं की गिरफ्तारी के बाद उपजे तनाव का सीधा परिणाम है। • सीधा कारण: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने साथी विपक्षी सांसदों को लंच पर आमंत्रित किया ताकि आयोग के खिलाफ साझा रणनीति तय की जा सके। मंगलवार को पुलिस द्वारा नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद यह पहली औपचारिक साझा बैठक थी। • पृष्ठभूमि और एसआईआर विवाद: विपक्षी दल चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं और एसआईआर के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस विवाद ने गठबंधन को एकजुट होकर बड़ा राजनीतिक दबाव बनाने का आधार प्रदान किया है। • आकाशवाणी भवन की घटना: मंगलवार के मार्च के दौरान राहुल गांधी द्वारा पुलिस को चकमा देकर आकाशवाणी भवन में प्रवेश करने से टकराव और गहरा गया। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज होने से दोनों पक्षों के बीच तल्खी और बढ़ गई है। सवाल-जवाब 1. विपक्षी सांसद कनॉट प्लेस में क्यों एकत्र हुए? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आयोजित लंच में भाग लेने और चुनाव आयोग के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए सांसद इकट्ठा हुए। 2. लंच का आयोजन किस स्थान पर किया गया? यह आयोजन दिल्ली के कनॉट प्लेस में जंतर-मंतर से लगभग 100 मीटर दूर स्थित सागर रत्ना रेस्तरां में किया गया। 3. मंगलवार को किन प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया गया था? मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया था और बाद में छोड़ दिया गया। 4. दिल्ली पुलिस में किस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है? प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति जबरन प्रवेश करने को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। https://trendkia.com/politics/connaught-place-ke-restaran-men-jute-vipakshi-sansada-mallikarjun-kharge-ke-dopahara-bhoja-men-bani-nai-rananiti-44537 TrendKia — Har trend, sabse pehle.