{
  "type": "article",
  "title": "दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने के बाद भाजपा में बगावत और समर्थकों का हंगामा",
  "summary": "मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने से उनके समर्थकों ने दतिया भाजपा कार्यालय पर कब्जा कर लिया है। पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुटी है, जबकि नरोत्तम मिश्रा ने संयम बरतते हुए पार्टी के निर्देशों का पालन करने की बात कही है।",
  "content": "मध्य प्रदेश में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी के लिए दतिया विधानसभा उपचुनाव की राह आसान नहीं दिख रही है। इस सीट पर पार्टी ने अपने अनुभवी नेता नरोत्तम मिश्रा का पत्ता काटते हुए आशुतोष तिवारी को चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। इस फैसले के सामने आते ही दतिया में विरोध की लहर दौड़ गई है। बीती रात से ही नरोत्तम मिश्रा के नाराज समर्थकों ने न केवल सड़कों पर हंगामा किया, बल्कि दतिया स्थित भाजपा कार्यालय पर भी अपना कब्जा जमा लिया है। दतिया भाजपा अध्यक्ष सहित सैकड़ों स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफे की पेशकश कर दी है। इन नाराज कार्यकर्ताओं का तर्क है कि यदि नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार बनाया जाता, तो वे कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त कराने में सक्षम थे।\n\nकांग्रेस ने घनश्याम सिंह को दिया टिकट\nभाजपा के अंदर जारी इस खींचतान के बीच कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी ने आशुतोष तिवारी का मुकाबला करने के लिए घनश्याम सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। यद्यपि भाजपा का तर्क है कि पार्टी पहले भी कई बार वर्तमान विधायकों और सांसदों के टिकट बदल चुकी है, लेकिन नरोत्तम मिश्रा के समर्थक इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका दावा है कि इस टिकट बंटवारे के चलते दतिया में भाजपा की जमानत जब्त होना तय है।\n\nटिकट काटने पर क्यों है नाराजगी?\nनरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक कद दतिया में काफी ऊंचा माना जाता है। वे तीन बार इस क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। हालांकि, 2023 के विधानसभा चुनावों में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था, फिर भी दतिया की राजनीति में उनका प्रभाव कम नहीं हुआ है। विधायक रहते हुए उन्होंने शिवराज सिंह सरकार में गृह मंत्री के साथ-साथ संसदीय कार्य और कानून जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है। उनके समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री पद के योग्य उम्मीदवार के रूप में देखते हैं, इसलिए दतिया उपचुनाव में उनकी अनदेखी करना समर्थकों को नागवार गुजरा है।\n\nकैलाश विजयवर्गीय का रुख और पार्टी की परंपरा\nमध्य प्रदेश सरकार के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए कहा है कि अगले एक-दो दिनों में सब सामान्य हो जाएगा। कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि पार्टी की परंपरा एक बार घोषित उम्मीदवार को बदलने की नहीं है। हालांकि, उनके इस तर्क को लेकर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि हाल ही में भाजपा ने बिहार की बांकीपुर सीट पर अभिषेक सिन्हा की जगह नीरज सिन्हा को टिकट दिया है। समर्थक अब उसी प्रेस रिलीज का हवाला देकर पूछ रहे हैं कि यदि बांकीपुर में उम्मीदवार बदला जा सकता है, तो दतिया में ऐसा क्यों नहीं हो सकता?\n\nनरोत्तम मिश्रा की चुप्पी और बयान\nहैरानी की बात यह है कि जब दतिया में यह बवाल चल रहा था, तब नरोत्तम मिश्रा वहां मौजूद नहीं थे। वे उस समय ग्वालियर में थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इस हंगामे की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिल रही है। नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों द्वारा की गई हिंसा की निंदा करने के बजाय केवल यह कहा कि जब वे दतिया जाएंगे, तो अपने कार्यकर्ताओं को समझाएंगे। उनके इस लहजे से कार्यकर्ता और आश्वस्त नजर आ रहे हैं कि पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार का बहिष्कार किया जाएगा।\n\nडैमेज कंट्रोल की तैयारी\nभाजपा नेतृत्व इस आंतरिक गतिरोध को खत्म करने की कोशिश में है। प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि नरोत्तम मिश्रा एक सम्मानित और वरिष्ठ नेता हैं और दतिया का चुनाव उन्हीं के मार्गदर्शन में लड़ा जाएगा। पार्टी को उम्मीद है कि नरोत्तम मिश्रा की अनुशासनप्रियता उन्हें वापस लाइन पर ले आएगी, क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से यही कहा है कि वे पार्टी के हर फैसले का पालन करेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: राजनीतिक दलों में टिकटों के बंटवारे को लेकर होने वाला असंतोष स्थानीय स्तर पर चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।\n\nदतिया में: पार्टी कार्यालय पर कब्जा और इस्तीफों के कारण चुनाव अभियान में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर मतदाताओं के निर्णय पर पड़ेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दतिया उपचुनाव में भाजपा ने किसे अपना उम्मीदवार बनाया है?\nभाजपा ने इस सीट से आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है।\n\n2. नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने पर समर्थक क्यों विरोध कर रहे हैं?\nसमर्थक नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव और उनके पिछले प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें उम्मीदवार न बनाने से नाराज हैं।\n\n3. कांग्रेस ने दतिया से किसे चुनावी मैदान में उतारा है?\nकांग्रेस ने दतिया उपचुनाव में घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।\n\n4. क्या नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों के हंगामे की निंदा की है?\nनहीं, नरोत्तम मिश्रा ने किसी भी प्रकार की हिंसा की निंदा नहीं की है।",
  "url": "https://trendkia.com/politics/datiya-upachunava-narottam-mishra-ke-tikata-katane-ke-bada-bjp-men-bagavata-aura-samarthakon-ka-hngama-6921",
  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-07-11",
  "tags": [
    "दतिया उपचुनाव",
    "नरोत्तम मिश्रा",
    "मध्य प्रदेश राजनीति",
    "भाजपा",
    "आशुतोष तिवारी",
    "घनश्याम सिंह"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}