# दिल्ली और महाराष्ट्र के नेताओं की बैठकों से सियासी हलचल तेज, एनसीपी के दोनों धड़ों के एकीकरण पर क्या बोले शरद पवार

> दिल्ली से मुंबई तक सिलसिलेवार बैठकों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों को लेकर चर्चाएं गर्म हैं, हालांकि शरद पवार ने किसी भी विलय से साफ इनकार किया है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-07-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/delhi-aura-maharashtra-ke-netaon-ki-baithakon-se-siyasi-halachala-teja-ncp-ke-donon-dharon-ke-ekikarana-para-kya-bole-sharad-pawar-11558 · **Language:** Hindi
**Tags:** शरद पवार, अजित पवार, एनसीपी विलय, महाराष्ट्र राजनीति, अमित शाह, नरेंद्र मोदी, सुप्रिया सुले, सुनील तटकरे

महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में उस समय अचानक सरगर्मियां तेज हो गईं जब राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई तक वरिष्ठ नेताओं की लगातार कई बैठकें आयोजित हुईं। इन मुलाकातों के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों प्रमुख धड़ों के संभावित विलय को लेकर अटकलबाजी शुरू हो गई। हालांकि बारामती में संवाददाताओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए एनसीपी (शरद पवार) के प्रमुख शरद पवार ने इन सभी चर्चाओं को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोनों राजनीतिक दलों के आपस में विलय को लेकर किसी भी स्तर पर कोई बातचीत या विचार-विमर्श नहीं चल रहा है।

 

## दिल्ली से मुंबई तक बैठकों की श्रृंखला और राजनीतिक हलचल

दरअसल इस नए राजनीतिक घटनाक्रम की नींव पिछले सप्ताह उस समय पड़ी जब शरद पवार ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस उच्चस्तरीय भेंट के तुरंत बाद देश की राजधानी में शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, पार्थ पवार और सुनील तटकरे के बीच एक महत्वपूर्ण आंतरिक बैठक संपन्न हुई। इसके बाद एनसीपी (अजित पवार) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस बैठक के विषय में जानकारी देते हुए तटकरे ने इसे केवल एक सौजन्य भेंट करार दिया और बताया कि बातचीत के दौरान विभिन्न समकालीन राजनीतिक विषयों पर सामान्य चर्चा की गई थी।

 राजनीतिक बैठकों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। इसके तुरंत पश्चात एनसीपी (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और पार्टी सांसद बजरंग सोनवणे ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री के साथ उनकी इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अपने संबंधित लोकसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों पर चर्चा करना और एक पारिवारिक समारोह का औपचारिक निमंत्रण देना था।

 

## शरद पवार का बयान और सहयोगी नेताओं की प्रतिक्रियाएं

इन लगातार आयोजित हो रही बैठकों के कारण यह कयास लगाए जाने लगे थे कि एनसीपी के दोनों धड़े एक बार फिर एकजुट हो सकते हैं। लेकिन शरद पवार द्वारा दिए गए स्पष्ट बयान के बाद विलय की तात्कालिक संभावनाओं पर विराम लग गया है। दूसरी ओर एनसीपी (अजित पवार) गुट के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शरद पवार देश के अत्यंत सम्मानित और अनुभवी नेता हैं, इसलिए विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोग उनसे नियमित रूप से भेंट करते रहते हैं। भरणे ने आगे कहा कि दोनों धड़ों के भविष्य को लेकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जो भी निर्णय स्वीकार करेगा, संगठन के सभी विधायक और मंत्री उस फैसले का पूरी निष्ठा से समर्थन करेंगे।

 इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी ने फिलहाल कोई आधिकारिक रुख स्पष्ट नहीं किया है। फिर भी बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यदि शरद पवार जैसा अत्यंत अनुभवी जननेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकासवादी एजेंडे के साथ जुड़कर राष्ट्र निर्माण और प्रगति में अपना योगदान देना चाहता है, तो निसंदेह इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए।

 वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए है। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनसीपी के दो धड़ों का आपस में विलय होता है या नहीं, इससे अधिक महत्वपूर्ण विषय राज्य के किसानों, छात्रों और बेरोजगार युवाओं की ज्वलंत समस्याएं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य ध्यान आम जनता के अधिकारों की रक्षा पर केंद्रित है।

 

## पुणे में पारिवारिक समारोह और सियासी गणित

इस पूरे राजनीतिक परिदृश्य के बीच पवार परिवार के एक आगामी निजी कार्यक्रम पर भी सभी राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें टिकी हुई हैं। पुणे शहर में अजित पवार के सुपुत्र पार्थ पवार का सगाई समारोह आयोजित होने जा रहा है। इस मांगलिक अवसर पर पवार परिवार के कई प्रमुख सदस्यों के एक मंच पर एक साथ उपस्थित होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पारिवारिक मिलन से आने वाले दिनों में सियासी चर्चाओं का दौर और अधिक तीव्र हो सकता है।

 

## संगठन की कमान का पेच और एनडीए को समर्थन की संभावना

राजनीतिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों धड़ों के बीच बातचीत आगे न बढ़ पाने का सबसे प्रमुख कारण संगठनात्मक ढांचा है। महाराष्ट्र राज्य के साथ-साथ केंद्रीय स्तर पर पार्टी नेतृत्व और संगठन की कमान किसके पास रहेगी, इसे लेकर दोनों पक्षों में गहरा पेंच फंसा हुआ है। इसी नेतृत्व संबंधी असहमति के कारण औपचारिक विलय की प्रक्रिया आगे नहीं खिसक पा रही है।

 हालाँकि सूत्रों का यह भी संकेत है कि किसी औपचारिक विलय से पूर्व एक वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत शरद पवार का गुट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को मुद्दों के आधार पर बाहर से समर्थन दे सकता है। विशेष रूप से संसद के आगामी सत्र में प्रस्तुत होने वाले महत्वपूर्ण परिसीमा विधेयक पर एनडीए को समर्थन देने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** संसद के आगामी सत्र में परिसीमन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर राजनीतिक समीकरण और दलों का रुख राष्ट्रीय नीति को प्रभावित कर सकता है।

- **महाराष्ट्र में:** प्रमुख क्षेत्रीय दलों के आपसी विलय या समर्थन की चर्चाओं का सीधा असर राज्य की प्रशासनिक स्थिरता और स्थानीय नागरिक मुद्दों पर पड़ता है।

## सवाल-जवाब

### 1. एनसीपी के दोनों धड़ों के विलय पर शरद पवार ने क्या कहा?
शरद पवार ने बारामती में स्पष्ट किया कि दोनों पार्टियों के विलय को लेकर किसी भी स्तर पर कोई बातचीत या चर्चा नहीं चल रही है।

### 2. अमित शाह से दिल्ली में किन नेताओं ने मुलाकात की?
एनसीपी (अजित पवार) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने अमित शाह से सौजन्य भेंट की, जबकि सुप्रिया सुले और बजरंग सोनवणे ने अपने संसदीय क्षेत्रों के मुद्दों पर चर्चा की।

### 3. एनसीपी विलय की राह में मुख्य अड़चन क्या है?
सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र और केंद्रीय स्तर पर संगठन की कमान और पार्टी नेतृत्व के ढांचे को लेकर असहमति विलय की राह में मुख्य पेच है।

### 4. बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार की इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया रही?
सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि यदि शरद पवार जैसे अनुभवी नेता पीएम मोदी के विकास एजेंडे से जुड़ना चाहते हैं तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए।

### 5. महाराष्ट्र कांग्रेस ने इन बैठकों पर क्या रुख अपनाया है?
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि विलय की चर्चाओं से अधिक महत्वपूर्ण मुद्दा किसानों, छात्रों और युवाओं की समस्याओं का समाधान करना है।

### 6. पुणे में होने वाले किस पारिवारिक कार्यक्रम पर सियासी नजरें हैं?
पुणे में पार्थ पवार की सगाई के कार्यक्रम में पवार परिवार के सदस्यों के जुटने की संभावना है, जिससे राजनीतिक कयासों को बल मिल रहा है।

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