दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी बैठक छोड़कर परीक्षा देने पहुंचे चरणजीत सिंह चन्नी, केंद्र से फोटो लीक होने पर खड़ा हुआ विवाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की विश्वविद्यालय परीक्षा हॉल से तस्वीर सामने आने के बाद नया विवाद शुरू हो गया है, जबकि इसी दिन आयोजित सीडब्ल्यूसी की अहम बैठक में शामिल न होने पर पार्टी के भीतर और बाहर चर्चाएं तेज हैं। दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक में भाग न लेकर पंजाब विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर परीक्षा देने पहुंचे जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी एक नए राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। परीक्षा केंद्र के भीतर बैठकर उत्तर पुस्तिका लिखते हुए उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। परीक्षा कक्ष के अंदर कैमरा और मोबाइल फोन ले जाने पर लगे सख्त प्रतिबंधों का हवाला देते हुए अब सुरक्षा व नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सीडब्ल्यूसी की बैठक से दूरी और वायरल तस्वीर का विवाद बुधवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था सीडब्ल्यूसी की मैराथन बैठक आयोजित की गई थी। इस उच्च स्तरीय मंथन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस शासित चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। बैठक के मुख्य एजेंडे में देश भर में छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रश्नपत्र लीक विरोधी प्रदर्शन और राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े मुद्दे शामिल थे। इतनी अहम बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया। इसी बीच परीक्षा केंद्र के अंदर से उनकी तस्वीर इंटरनेट पर सामने आ गई, जिसके बाद विरोधी पक्ष और आम लोग परीक्षा हॉल की गोपनीयता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। नियम के अनुसार किसी भी अभ्यर्थी अथवा बाहरी व्यक्ति को परीक्षा रूम के अंदर मोबाइल या कैमरा ले जाने की इजाजत नहीं होती है। परीक्षा में शामिल होने पर चरणजीत सिंह चन्नी का स्पष्टीकरण विवाद बढ़ता देख जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्होंने पार्टी आलाकमान से बाकायदा लिखित रूप में अनुमति प्राप्त की थी। चन्नी ने कहा कि यदि वह बुधवार को लोक प्रशासन विषय की अपनी अंतिम परीक्षा में नहीं बैठते, तो उनकी मास्टर डिग्री पूरे एक वर्ष के लिए लटक जाती। राजनीति विज्ञान में पहले ही पीएचडी की उपाधि हासिल कर चुके चन्नी ने बताया कि वह सार्वजनिक नीति में सुधारों के विषय पर आगे और गहरा शोधकार्य करना चाहते हैं। इस शोध की दिशा में आगे बढ़ने के लिए लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी करना उनके लिए अनिवार्य था। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण ही उन्होंने पार्टी की बैठक से छुट्टी ली थी। पार्टी नेतृत्व का रुख और पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए विवाद को खारिज किया है। भूपेश बघेल ने कहा कि चन्नी द्वारा परीक्षा दिए जाने और बैठक में न आने को लेकर बेवजह तूल दिया जा रहा है, इसमें कोई गंभीर बात नहीं है। हालांकि, पंजाब की राजनीति में इस घटनाक्रम के अपने अलग मायने निकाले जा रहे हैं। चरणजीत सिंह चन्नी का पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के साथ लंबे समय से मतभेद चल रहा है और वे कई मौकों पर अपने बागी तेवर दिखा चुके हैं। राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी आलाकमान संगठन में एकजुटता बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। इसी सिलसिले में भूपेश बघेल को पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और राजनीतिक संकट को सुलझाने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका आप पर असर • भारत में: वीआईपी नेताओं के लिए परीक्षा नियमों के सख्त पालन और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के साथ शिक्षा के संतुलन पर बहस तेज हुई है। • पंजाब में: राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के भीतर अंदरूनी खींचतान पर लोगों का ध्यान गया है। सवाल-जवाब 1. चरणजीत सिंह चन्नी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक क्यों छोड़ी? उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में लोक प्रशासन की अपनी अंतिम मास्टर डिग्री परीक्षा में बैठने के लिए पार्टी आलाकमान से लिखित अनुमति लेकर बैठक छोड़ी। 2. परीक्षा हॉल की तस्वीर को लेकर क्या विवाद खड़ा हुआ? परीक्षा हॉल के अंदर उत्तर पुस्तिका लिखते चन्नी की फोटो वायरल हो गई, जिससे नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठे क्योंकि केंद्रों में मोबाइल और कैमरे प्रतिबंधित होते हैं। 3. दिल्ली में आयोजित सीडब्ल्यूसी बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई? बैठक में प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दों पर शीर्ष पार्टी नेताओं द्वारा लंबी चर्चा की गई। 4. चरणजीत सिंह चन्नी के पास कौन-कौन सी उच्च शैक्षणिक डिग्रियां हैं? उनके पास पंजाब विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीएचडी की डिग्री है और उन्होंने हाल ही में लोक प्रशासन में एमए की परीक्षा पूरी की है। 5. पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को संभालने की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है? छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को पंजाब में राजनीतिक संकट और पार्टी एकजुटता संभालने का जिम्मा दिया गया है। https://trendkia.com/politics/delhi-men-congress-ki-bari-baithaka-chhorakara-pariksha-dene-pahunche-charanjit-singh-channi-kendra-se-photo-lika-hone-para-khara--19462 TrendKia — Har trend, sabse pehle.