देशभक्ति के तर्क के साथ अरविंद केजरीवाल ने खुद को बताया 'दिमागी नक्सल', बीजेपी और आप आमने-सामने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर खुद को 'दिमागी नक्सल' बताते हुए इसे देशभक्ति से जोड़ा, जिसके बाद बीजेपी ने तीखा पलटवार किया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में चल रही 'दिमागी नक्सल' शब्दावली से जुड़ी बहस में उतरते हुए खुद को 'दिमागी नक्सल' करार दिया है। उन्होंने कहा कि अगर देश से प्यार करना और देशभक्त होना दिमागी नक्सल कहलाता है, तो उन्हें इस बात पर गर्व है। उनके इस बयान के बाद भारतीय राजनीति का माहौल गरमा गया है और बीजेपी व आम आदमी पार्टी के बीच जबर्दस्त जुबानी जंग छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर अरविंद केजरीवाल का बयान अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए अपने रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा कि वे दिमागी नक्सल हैं क्योंकि वे देशभक्त हैं और उन्हें इस पहचान पर पूरा गर्व है। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने राजनीतिक विरोधियों द्वारा विपक्षी नेताओं और विचारकों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इस शब्द का जवाब देशभक्ति की परिभाषा से देने की कोशिश की है। पी. चिदंबरम की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद यह पूरा मामला तब गहराया जब कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने भी 'दिमागी नक्सल' कहे जाने पर अपनी राय रखी थी। चिदंबरम ने कहा था कि उन्हें 'दिमागी नक्सल' कहे जाने पर गर्व है। हालांकि, उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में लोगों ने उनके गृह मंत्री रहने के दौरान के कार्यकाल और नक्सलवाद से निपटने के फैसलों की याद दिलानी शुरू कर दी। बीजेपी का पलटवार और संजय सिंह के तीखे तेवर अरविंद केजरीवाल के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया और पलटवार करने में देरी नहीं की। बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाया कि इस तरह के शब्दों का बचाव करके राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने केजरीवाल के समर्थन में आकर बीजेपी पर निशाना साधा और तीखे तेवर दिखाए। इस बयानबाजी के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसका आप पर असर भारत भर में: नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली राजनीतिक शब्दावली और भाषणों के स्तर पर इसका सीधा असर पड़ता है, जिससे सार्वजनिक बहसों की दिशा तय होती है। आम नागरिकों पर: देशप्रेम और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विभिन्न राजनीतिक दलों के स्पष्ट रुख को समझने में मदद मिलती है। सवाल-जवाब 1. अरविंद केजरीवाल ने खुद को 'दिमागी नक्सल' क्यों कहा? केजरीवाल ने कहा कि वे देशभक्त हैं और अगर देशभक्त होना 'दिमागी नक्सल' कहलाता है, तो उन्हें इस पर गर्व है। 2. केजरीवाल ने किस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह बात लिखी? उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके यह बयान दिया। 3. इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई? यह विवाद तब बढ़ा जब कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी खुद को 'दिमागी नक्सल' कहे जाने पर गर्व व्यक्त किया था। 4. बीजेपी ने केजरीवाल के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी? बीजेपी ने केजरीवाल के बयान पर पलटवार करते हुए उनके इस रुख पर सवाल उठाए और तीखा हमला बोला। https://trendkia.com/politics/deshbhakti-ke-tark-ke-sath-arvind-kejriwal-ne-khud-ko-bataya-dimagi-naxal-bjp-aur-aap-amne-samne-17620 TrendKia — Har trend, sabse pehle.