# देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के साथ मनाई दिवाली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की सराहना

> महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर के एक गांव में किसानों के साथ दिवाली मनाई और उनके घर पर रात बिताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए इसे दिल छू लेने वाला कदम बताया है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/devendra-fadnavis-ne-kisano-ke-sath-manai-diwali-pradhan-mantri-narendra-modi-ne-ki-sarahana-57820 · **Language:** Hindi
**Tags:** देवेंद्र फडणवीस, नरेंद्र मोदी, नागपुर, लोहारी सावंगा, दिवाली, महाराष्ट्र किसान

दीपावली के पावन पर्व पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आम जनता से अलग हटकर अन्नदाताओं के बीच पहुंचकर खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागपुर जिले के लोहारी सावंगा गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय किसानों के साथ मिलकर दीपावली का त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने एक स्थानीय किसान परिवार, अरुणाबाई बालपांडे और रामभाऊ बालपांडे के आवास पर रात्रि विश्राम भी किया। उनके इस अनूठे और जनहितैषी प्रयास की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुलकर प्रशंसा की है और इसे अत्यंत भावुक करने वाला अनुभव करार दिया है।

 

## प्रधानमंत्री ने की सराहना और एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता बताई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं। प्रधानमंत्री ने लिखा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का नागपुर जिले के नरखेड़ स्थित लोहारी सावंगा गांव के किसानों के बीच दिवाली मनाना तथा अरुणाबाई और रामभाऊ बालपांडे के घर रुकना बेहद मार्मिक कदम है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि महाराष्ट्र में एनडीए सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनके समग्र कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

 

## किसानों के आंसू पोंछना ही असली दिवाली: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा था कि जरूरतमंद किसानों की आंखों से आंसू पोंछना ही उनके लिए इस त्योहार का वास्तविक अर्थ है। उन्होंने उल्लेख किया कि उन्हें नागपुर के लोहारी सावंगा गांव में अपने किसान भाइयों के साथ दीपावली मनाने का सुअवसर प्राप्त हुआ। यह ग्रामीण क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक हेमाडपंथी शिव मंदिर की अमूल्य विरासत और कन्हान नदी की नैसर्गिक सुंदरता के लिए अपनी एक खास पहचान रखता है।

 

## सूखे से जूझ रहे परिवारों की समस्याएं सुनकर भावुक हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस बात को भी साझा किया कि सूखे की मार झेल रहे किसानों की कठिनाइयों, उनके परिवारों की चिंताओं और उनके बच्चों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता की आशंकाओं को सुनकर उनका मन व्यथित और भावुक हो गया। हालांकि, बालपांडे परिवार द्वारा जिस अपनापन, स्नेह और गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया गया, उसने उनके भीतर गहरी छाप छोड़ी।

 
> किसानों के लिए दीपावली का यह समय कई प्रकार की चुनौतियों से घिरा हुआ है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलें तबाह हो रही हैं। आर्थिक तंगी के दबाव के साथ-साथ किसानों को अपने बच्चों की शिक्षा और परिवार के आने वाले कल की गहरी चिंता सता रही है: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
 

## किसानों के साथ संवाद और चेहरे पर लौटी राहत

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब उन्होंने लोहारी सावंगा के किसानों से प्रत्यक्ष बातचीत की और उनकी परेशानियां सुनीं, तो उनके चेहरों पर पसरी चिंता धीरे-धीरे कम होती नजर आई। किसानों ने उनसे कहा कि इतनी दूर से उनके गांव आकर उनके सुख-दुख में शरीक होने मात्र से ही उनका आधा दर्द हल्का हो गया है। किसानों के ये आत्मीय शब्द मुख्यमंत्री के हृदय को गहराई से छू गए। इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने भी बस्तर में देश के सुरक्षा बलों के साथ दीपावली मनाने की घोषणा की और लिखा कि वे हमारे वीर जवानों के त्याग, बलिदान और तपस्या को नमन करने जा रहे हैं।

## इसका आप पर असर
इस खबर का मुख्य प्रभाव और व्यावहारिक संदेश समाज के नीति निर्माताओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जुड़ा है।

- **महाराष्ट्र में:** किसानों के बीच जाकर रात बिताने और उनकी समस्याएं सुनने से स्थानीय स्तर पर प्रशासन और ग्रामीण जनता के बीच संवाद बेहतर होता है। इससे सूखे से पीड़ित किसानों और उनके परिवारों को नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ती है।
- **भारत में:** यह घटना देश भर के राजनीतिक नेतृत्व को ज़मीनी हकीकत से जुड़ने का संदेश देती है। इससे प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों की परेशानियों को राष्ट्रीय पटल पर प्राथमिकता मिलने में मदद मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना त्योहार के अवसर पर नेताओं द्वारा जनता से जुड़ने के पारंपरिक और राजनीतिक संदर्भ में सामने आई है। सूखे और प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य के किसानों के सामने आई गंभीर आर्थिक चुनौतियों ने इस दौरे की पृष्ठभूमि तैयार की।

- **प्राकृतिक आपदा और फसल नुकसान:** महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हुई हैं।
- **आर्थिक संकट और भविष्य की चिंता:** कर्ज के बोझ और आमदनी घटने से किसानों के परिवारों पर बच्चों की शिक्षा और आजीविका का भारी संकट मंडरा रहा है।
- **संवेदनशीलता प्रदर्शित करने की पहल:** शासन स्तर पर किसानों के बीच जाकर उनकी कठिनाइयों को प्रत्यक्ष रूप से जानने और एनडीए सरकार की कल्याणकारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करने के उद्देश्य से यह दौरा किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. देवेंद्र फडणवीस ने किस गांव में दिवाली मनाई?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर जिले के नरखेड़ स्थित लोहारी सावंगा गांव में किसानों के साथ दिवाली मनाई।

### 2. फडणवीस ने किस किसान परिवार के घर रात बिताई?
उन्होंने स्थानीय किसान परिवार अरुणाबाई बालपांडे और रामभाऊ बालपांडे के घर पर रात बिताई।

### 3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कदम पर क्या प्रतिक्रिया दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कदम को दिल छू लेने वाला बताया और कहा कि यह एनडीए सरकार की किसानों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।

### 4. लोहारी सावंगा गांव किस लिए प्रसिद्ध है?
यह गांव ऐतिहासिक हेमाडपंथी शिव मंदिर की विरासत और कन्हान नदी की प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।

### 5. प्रधानमंत्री मोदी ने इसके अलावा दिवाली मनाने के लिए कहां जाने का ऐलान किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने का ऐलान किया।

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