# देवेंद्र फडणवीस का विपक्ष पर हमला, बोले- किस संविधान में लिखा है कि सीजेआई प्रदर्शनकारियों से मिलें

> महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट मार्च और मुख्य न्यायाधीश से मिलने की मांग पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने विपक्ष पर न्यायिक व्यवस्था को कमजोर करने और संस्थाओं की छवि धूमिल करने का गंभीर आरोप लगाया है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/devendra-fadnavis-slams-opposition-over-supreme-court-march-and-cji-meeting-demand-47008 · **Language:** Hindi
**Tags:** देवेंद्र फडणवीस, सुप्रीम कोर्ट, मुख्य न्यायाधीश, विपक्ष, राजनीति, महाराष्ट्र

मुंबई में राजनीतिक बयानबाजी उस वक्त तेज हो गई जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों के रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष पर यह बड़ा आरोप लगाया कि वे सोची-समझी रणनीति के तहत देश के न्यायिक संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेس पहुंचा रहे हैं और आम जनता का न्यायपालिका पर से भरोसा डिगाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी नेताओं की तरफ से वोट चोरी रोकने की मांग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया गया है।

## सीजेआई के फैसले का समर्थन
विपक्षी खेमे की तरफ से भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत से मुलाकात का वक्त मांगा गया था, जिसे कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के जरिए आगे बढ़ाया गया था। हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने इन आरोपों और मुलाकातों से साफ इनकार कर दिया क्योंकि इसी प्रकृति के मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दायरे में विचाराधीन हैं। नागपुर में मीडियाकर्मियों से खुलकर चर्चा करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के इस कदम को पूरी तरह गलत ठहराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब सीजेआई सूर्यकांत ने मिलने से मना कर दिया, तो विपक्षी नेताओं ने उनके पद और गरिमा के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया, जो बेहद निंदनीय है।

## संविधान और कानूनी दायरे पर सवाल
देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल या पक्ष को किसी प्रकार की शिकायत है, तो उनके लिए अदालतों के दरवाजे हमेशा खुले हैं और उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अपनी बात वहीं रखनी चाहिए। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि इस तरह के कृत्यों से यह साफ साबित होता है कि इन दलों को देश के संविधान में कोई आस्था नहीं बची है। मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में पूछा कि आखिर ऐसा कौन सा संविधान है जो यह सिखाता हो कि देश के प्रधान न्यायाधीश को सड़क पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीजेआई ने मुलाकात से इनकार कर अपने संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन पूरी तरह कानून सम्मत तरीके से किया है।

## इसका आप पर असर
राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़े इस विवाद का असर आम नागरिकों और देश की प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा पड़ता है।

- **देशभर में:** न्यायिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के बीच टकराव बढ़ने से आम जनता के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थागत निष्पक्षता को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा होती है। ऐसे घटनाक्रमों से प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं में भरोसे की बहस तेज हो जाती है।
- **महाराष्ट्र में:** राज्य के मुख्यमंत्री के इस कड़े बयान के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दलों के बीच वाकयुद्ध और प्रदर्शनों का दौर तेज हो सकता है। इससे राज्य की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव और अधिक गहराने की संभावना है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह राजनीतिक टकराव तब शुरू हुआ जब विपक्षी दलों ने चुनावी प्रणाली में गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोला और शीर्ष अदालत तक मार्च निकालने का फैसला किया।

- **मुलाकात से इनकार:** मुख्य न्यायाधीश द्वारा विपक्षी नेताओं को मिलने का समय दिए जाने से मना करने के बाद यह विवाद और बढ़ गया क्योंकि संबंधित मामले पहले से ही अदालत में विचाराधीन थे।
- **संवैधानिक प्रावधान:** न्यायालय और राजनीति से जुड़े जानकारों का मानना है कि विचाराधीन मामलों पर न्यायिक प्रमुखों का राजनीतिक प्रतिनिधियों से मिलना न्यायिक स्वतंत्रता के नियमों के विपरीत होता है।

## सवाल-जवाब

### 1. देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के किस कदम की आलोचना की है?
उन्होंने विपक्ष द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने और सीजेआई से मिलने की जिद करने की आलोचना की है।

### 2. विपक्ष ने किस मुद्दे पर मार्च निकालने की घोषणा की थी?
विपक्षी दलों ने वोट चोरी रोकने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च का ऐलान किया था।

### 3. किन नेताओं ने सीजेआई से मुलाकात का समय मांगा था?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने सीजेआई से मुलाकात का समय मांगा था।

### 4. सीजेआई ने मिलने से क्यों इनकार किया था?
सीजेआई ने कहा था कि इसी तरह के मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।

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