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  "type": "article",
  "title": "यूएसएआईडी में कागजी कार्रवाई के बिना ही फैसले लेते रहे जेरेमी लेविन, एचआर रिकॉर्ड में नहीं था नाम",
  "summary": "जेरेमी लेविन ने यूएसएआईडी में बड़े पैमाने पर छंटनी और कार्यक्रमों को रद्द करने का काम किया, जबकि आंतरिक ईमेल्स से पता चला कि एजेंसी के पास उनके रोजगार का कोई रिकॉर्ड ही नहीं था।",
  "content": "अमेरिकी एजेंसी यूएसएआईडी में हाल ही में हुए व्यापक बदलावों के दौरान एक अजीब स्थिति सामने आई है। एजेंसी के वरिष्ठ कर्मचारियों को महीनों तक यह जानकारी नहीं थी कि जनरल सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन से नीति निर्माता के तौर पर अचानक पहुंचे जेरेमी लेविन के पास शीर्ष अधिकारी की शक्तियां कैसे आ गईं।\n\n \n\nगायब रहे कागजात और आईडी कार्ड का संकट\n\nडब्ल्यूआईआरईडी द्वारा देखे गए आंतरिक ईमेल्स से यह खुलासा हुआ है कि 18 मार्च से 4 अप्रैल के बीच जब जेरेमी लेविन ने जीवनरक्षक सहायता कार्यक्रमों को रद्द करने और हजारों कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए, तब उन्होंने कानूनन आवश्यक कागजात जमा नहीं किए थे। स्थिति इतनी रहस्यमयी थी कि यूएसएआईडी के सुरक्षा विभाग के पास उनके रोजगार का कोई रिकॉर्ड न होने के कारण उन्हें आईडी कार्ड तक जारी नहीं किया जा सका था।\n\n वर्तमान में स्टेट डिपार्टमेंट में पॉलिसी प्लानिंग के निदेशक जेरेमी लेविन का कहना है कि मार्को रुबियो द्वारा शक्तियां सौंपे जाने से पहले उन्हें स्टेट डिपार्टमेंट और व्हाइट हाउस के वकीलों की सलाह पर स्थापित नियमों के तहत यूएसएआईडी में नियुक्त किया गया था। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही उन्होंने डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के रूप में काम किया हो, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उनके पास ऐसा करने का वैध अधिकार था या नहीं।\n\n \n\nअदालती जंग और डोगे का कनेक्शन\n\nफेडरल वर्कफोर्स में कटौती और एजेंसियों को बंद करने के मामलों को लेकर डोगे और ट्रंप प्रशासन के खिलाफ कई मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें जेरेमी लेविन की भूमिका पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। अदालत में दाखिल किए गए एक घोषणापत्र में जेरेमी लेविन ने बताया कि उन्होंने 28 जनवरी 2025 को वरिष्ठ सलाहकार और रणनीति निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था।\n\n ईमेल्स के अनुसार, मार्को रुबियो द्वारा जेरेमी लेविन को शीर्ष पद सौंपने के दो दिन बाद, व्हाइट हाउस के संपर्क अधिकारी एडम कोर्जेनिएव्स्की ने एचआर को ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया शुरू करने के लिए सूचित किया था। इसके बावजूद, मार्च के अंत तक जेरेमी लेविन ने न तो नौकरी का प्रस्ताव स्वीकार किया था और न ही प्री-एम्प्लॉयर बैकग्राउंड स्क्रीनिंग फॉर्म (ओएफ-306) भरा था। इसके बिना कोई भी संघीय एजेंसी अंतिम नौकरी का प्रस्ताव जारी नहीं कर सकती है।\n\n \n\nएचआर अधिकारियों की चिंताएं\n\nएचआर अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल 2025 के अंत तक किसी भी अधिकारी ने कोई भी प्रतिनिधिमंडल दस्तावेज नहीं देखा था। एजेंसी के एक एचआर अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर जेरेमी लेविन को एक प्रशासनिक भूत के समान बताया। मिशिगन विश्वविद्यालय के पब्लिक पॉलिसी के प्रोफेसर डॉन मोइनिहान का कहना है कि जो लोग बिना किसी मानक पुष्टि प्रक्रिया से गुजरे इतने बड़े फैसले लेते हैं, वे भारी जवाबदेही की समस्या पैदा करते हैं।\n\n विवाद बढ़ने पर जेरेमी लेविन ने दो दस्तावेज साझा किए जिन पर 18 मार्च 2025 की तारीख दर्ज है। इनमें से एक नियुक्ति और मुआवजा छूट पत्र है जिस पर मार्को रुबियो के हस्ताक्षर हैं और जिसके तहत उन्हें बिना वेतन के काम करने की बात कही गई है। स्टेट डिपार्टमेंट ने इस दस्तावेज पर सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है।\n\n \n\nकानूनी वैधता और जानकारों की राय\n\nपेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के वार्टन स्कूल ऑफ बिजनेस के कानून के प्रोफेसर ब्रायन फीनस्टीन का मानना है कि हालांकि इस प्रावधान का उपयोग जटिल है, लेकिन यह कानूनी रूप से सही प्रतीत होता है। वहीं जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के कानून और अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डेविड ए. सुपर का कहना है कि कागजी कार्रवाई पूरी किए बिना कोई भी व्यक्ति किसी संघीय एजेंसी में सीधे आकर कर्मचारी नहीं बन सकता है।\n\n मिशिगन विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नीना मेंडेलसन के अनुसार, प्रशासन फेडरल वैकेंटीज रिफॉर्म एक्ट को दरकिनार करने का प्रयास कर रहा था। फरवरी 2025 में जब डोगे से जुड़े लोग एजेंसी में पहुंचे थे, तब कर्मचारियों और ठेकेदारों ने मैरीलैंड डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मुकदमा दायर किया था और 18 मार्च को एक शुरुआती निषेधाज्ञा हासिल की थी। उसी दिन मार्को रुबियो ने जेरेमी लेविन को एजेंसी की शक्तियां सौंप दी थीं।\n\n \n\nअदालत का आदेश और आगे की स्थिति\n\nफोर्थ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने न्याय विभाग को आपातकालीन राहत देते हुए प्रशासनिक तर्कों के आधार पर रोक लगा दी थी। इसके बाद जेरेमी लेविन ने हजारों करियर सिविल सर्विस और फॉरेन सर्विस के कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। संघीय रोजगार कानून के वकील केविन बर्न्स का कहना है कि यदि जेरेमी लेविन ने अनिवार्य कागजात नहीं भरे थे, तो वे व्यक्तिगत रूप से कानूनी मुश्किलों में फंस सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयूएसएआईडी में हुए इन प्रशासनिक बदलावों और छंटनी का सीधा असर सरकारी कर्मचारियों और सहायता कार्यक्रमों पर पड़ा है।\n\n• भारत में: इस अमेरिकी प्रशासनिक घटनाक्रम का भारत में दैनिक जीवन या स्थानीय कीमतों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, वैश्विक सहायता कार्यक्रमों के रुकने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो सकते हैं।\n\n• अमेरिका में: संघीय कर्मचारियों और पूर्व कर्मियों को अदालती लड़ाइयों और नौकरी की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। हजारों कर्मचारियों की बर्खास्तगी से सरकारी कामकाज और नीतियों पर गहरा असर पड़ा है।\n\n• कानूनी प्रभाव: इस मामले से जुड़े मुकदमों के कारण संघीय एजेंसियों में नियुक्तियों और प्रशासनिक शक्तियों के इस्तेमाल के नियमों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इससे भविष्य में होने वाली नियुक्तियों पर कानूनी शिकंजा कस सकता है।\n\n• वित्तीय परिणाम: सहायता कार्यक्रमों के अचानक बंद होने और धन के प्रवाह रुकने से वैश्विक स्तर पर जुड़ी संस्थाओं को आर्थिक समायोजन करना पड़ रहा है। अदालती फैसलों के बाद मुआवजे की मांग बढ़ सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nजेरेमी लेविन की नियुक्ति और यूएसएआईडी में बड़े पैमाने पर छंटनी का घटनाक्रम एक खास प्रशासनिक और कानूनी पृष्ठभूमि के तहत सामने आया।\n\n• शीर्ष स्तर पर बदलाव: ट्रंप प्रशासन और डोगे से जुड़े अधिकारियों ने संघीय तंत्र को छोटा करने और पदों पर पुनर्गठन करने का अभियान शुरू किया था। इसके तहत पारंपरिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव किए गए।\n\n• कानूनी प्रावधानों का प्रयोग: मार्को रुबियो ने आपातकालीन कर्मियों की नियुक्ति से जुड़े पुराने प्रावधान 22 U.S.C. § 2385(b) का हवाला देते हुए लेविन को शक्तियां सौंपी। जानकारों के अनुसार यह एक बेहद असामान्य कानूनी तरीका था।\n\n• अदालती आदेश और प्रतिक्रिया: कर्मचारियों द्वारा दायर मुकदमों और शुरुआती निषेधाज्ञा के तुरंत बाद प्रशासन ने कानूनी रूप से अपने कदम तेज किए। इसके तहत लेविन को अधिकृत करने के लिए दस्तावेज तैयार किए गए।\n\n• प्रशासनिक समन्वय की कमी: व्हाइट हाउस के संपर्क अधिकारियों और एजेंसी के मानव संसाधन विभाग के बीच संचार और समन्वय की कमी के कारण ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जेरेमी लेविन वर्तमान में किस पद पर हैं?\nजेरेमी लेविन वर्तमान में स्टेट डिपार्टमेंट में पॉलिसी प्लानिंग के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।\n\n2. यूएसएआईडी में लेविन ने कौन से प्रमुख कार्य किए?\nउन्होंने सहायता कार्यक्रमों को रद्द किया और हजारों यूएसएआईडी कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेशों पर हस्ताक्षर किए।\n\n3. एचआर रिकॉर्ड में लेविन का नाम क्यों नहीं था?\nमानक ऑनबोर्डिंग और सुरक्षा जांच से जुड़े कागजात समय पर पूरे न होने के कारण एजेंसी के पास उनका रिकॉर्ड नहीं था।\n\n4. मार्को रुबियो ने किस कानूनी धारा का इस्तेमाल किया?\nमार्को रुबियो ने 22 U.S.C. § 2385(b) नामक प्रावधान का उपयोग करके लेविन को शक्तियां सौंपी थीं।\n\n5. इस मामले को लेकर कौन सी अदालत में मुकदमे चल रहे हैं?\nयह मामला मैरीलैंड डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और फोर्थ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स सहित विभिन्न अदालतों में विचाराधीन है।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-10-27",
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