एसटी निगम घोटाले के आरोपों के बीच मंत्री बी नागेंद्र ने दिया इस्तीफा, बेल्लारी ग्रामीण से हैं विधायक कर्नाटक में वाल्मीकि विकास निगम के 90 करोड़ रुपये के एसटी फंड घोटाले के आरोपों के बाद मंत्री बी नागेंद्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कर्नाटक राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां योजना और सांख्यिकी विभाग का कार्यभार संभाल रहे मंत्री बी नागेंद्र ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। बेल्लारी ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक बी नागेंद्र पर कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में 90 करोड़ रुपये के फंड घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। इस राजनीतिक हलचल के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। वाल्मीकि विकास निगम घोटाला और जांच की प्रक्रिया इस पूरे मामले की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में हुई वित्तीय गड़बड़ियों से हुई। आरोप है कि निगम के खाते से लगभग 90 करोड़ रुपये की राशि अनाधिकृत रूप से अन्य खातों में स्थानांतरित की गई थी। इस मामले में प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) ने गहन छानबीन शुरू की और बी नागेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच एजेंसी ने उनकी ईडी हिरासत को 22 जुलाई तक बढ़ा दिया था, ताकि फंड के लेनदेन की पूरी कड़ी को स्पष्ट किया जा सके। कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच का विवाद इस घोटाले की जांच के दौरान राज्य में ईडी और स्थानीय पुलिस के बीच भी कानूनी खींचतान देखने को मिली। जांच करने गए अधिकारियों पर नेताओं को फंसाने के आरोप लगे, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर ईडी अधिकारियों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया। हालांकि केंद्रीय एजेंसियों ने मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय हेरफेर के सबूत जुटाते हुए अपनी कार्रवाई जारी रखी। मुख्यमंत्री का रुख और राजनीतिक घटनाक्रम बी नागेंद्र द्वारा इस्तीफे की पेशकश किए जाने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने स्थिति को संभालते हुए बयान जारी किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पार्टी के सभी नेता अनुशासित सिपाही हैं और संगठन के फैसलों का सम्मान करते हैं। मंत्रिमंडल में फेरबदल और नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की चर्चाओं के बीच कई अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद पाने की इच्छा जताई है। इसका आप पर असर मंत्रिमंडल से बी नागेंद्र के इस्तीफे और 90 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच से राज्य के प्रशासनिक ढांचे और जन कल्याणकारी योजनाओं पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में: अनुसूचित जनजाति कल्याण कोष में वित्तीय हेरफेर के मामलों को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियों की निगरानी सख्त होगी। इससे विभिन्न राज्यों में संचालित जनजातीय विकास निगमों के फंड प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। • कर्नाटक में: वाल्मीकि विकास निगम के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता और योजनाओं के वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। राज्य सरकार को इस विभाग के सुचारू संचालन और आम जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए तुरंत नए मंत्री की नियुक्ति करनी होगी। • प्रशासनिक स्तर पर: सरकारी फंड के अनाधिकृत हस्तांतरण को रोकने के लिए बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन के नियमों को कड़ा किया जाएगा। सभी सरकारी विभागों को अपने बजटीय आवंटन का ऑडिट तेजी से पूरा करने के निर्देश जारी होंगे। • राजनीतिक धरातल पर: बेल्लारी ग्रामीण क्षेत्र की जनता के विकास कार्यों की निगरानी और नई परियोजनाओं की स्वीकृति में अस्थायी रुकावट आ सकती है। स्थानीय विधायक द्वारा मंत्री पद छोड़ने से क्षेत्र की प्रशासनिक प्राथमिकताओं में बदलाव संभावित है। सवाल-जवाब 1. बी नागेंद्र ने मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया? बी नागेंद्र पर वाल्मीकि विकास निगम के 90 करोड़ रुपये के एसटी फंड घोटाले में शामिल होने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा दिया। 2. बी नागेंद्र किस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं? बी नागेंद्र कर्नाटक की बेल्लारी ग्रामीण विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। 3. इस मामले में कौन सी जांच एजेंसी कार्रवाई कर रही है? प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) इस 90 करोड़ रुपये के घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है और उसने बी नागेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। 4. इस्तीफे के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने क्या प्रतिक्रिया दी? मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के सभी नेता अनुशासित सिपाही हैं और संगठन के फैसलों के साथ खड़े हैं। https://trendkia.com/politics/esati-nigama-ghotale-ke-aropon-ke-bicha-mntri-b-nagendra-ne-diya-istipha-bellary-rural-se-hain-vidhayaka-23788 TrendKia — Har trend, sabse pehle.