गंगा कटाव पर TMC विधायक की अनोखी तारीफ, सुवेंदु अधिकारी को बताया श्रीकृष्ण का अवतार मालदा के रतुआ में गंगा कटाव प्रभावितों से मिलने पहुंचे टीएमसी विधायक समर मुखर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की तारीफ करते हुए उन्हें श्रीकृष्ण जैसा बताया और 3600 करोड़ रुपये की परियोजना का हवाला दिया। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक तृणमूल कांग्रेस विधायक के मुंह से विपक्षी दल के मुख्यमंत्री की तारीफ ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। रतुआ सीट से टीएमसी के वरिष्ठ विधायक समर मुखर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की इतनी तारीफ की कि उन्हें सीधे भगवान श्रीकृष्ण से जोड़ दिया। भूतनी में गंगा कटाव, विधायक पहुंचे मदद लेकर मालदा के भूतनी इलाके में हर साल गंगा नदी का कटाव बड़ी आबादी को बेघर करने की नौबत ला देता है। इस बार भी यही हुआ और सोमवार को समर मुखर्जी खुद इलाके का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने कटाव से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें राहत सामग्री सौंपी। यहीं मौजूद लोगों के बीच उन्होंने खुलकर सुवेंदु अधिकारी की तारीफ शुरू कर दी। उनका कहना था कि इससे पहले भी कई मुख्यमंत्री इस कुर्सी पर बैठे रहे, लेकिन किसी ने भी इस समस्या को जड़ से खत्म करने की ठोस कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हर साल कटाव से लोग अपने घर, खेत और जमीन खो देते हैं, फिर भी सरकारें बदलती रहीं मगर हालात जस के तस बने रहे। छह पुराने मुख्यमंत्रियों के नाम गिनाए अपनी बात को पुख्ता करने के लिए समर मुखर्जी ने एक-एक कर छह नाम गिनाए, सिद्धार्थ शंकर राय, ज्योति बसु, अजय मुखर्जी, प्रफुल्ल सेन, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ममता बनर्जी। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने इन सभी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखा है, लेकिन किसी ने भी भूतनी जैसे इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की तकलीफ को गंभीरता से नहीं लिया। विधायक का आरोप था कि पूजा के मौसम में बोनस जुटाने की जल्दबाजी में सालों से अवैज्ञानिक तरीके से बांध खड़े कर दिए जाते रहे, और इसी लापरवाही ने कटाव की समस्या को और बढ़ा दिया। उनके मुताबिक इस पूरी फेहरिस्त में सुवेंदु अधिकारी अलग नजर आते हैं क्योंकि उन्होंने क्षेत्र के लिए एक मास्टर प्लान तैयार करने की बात कही है और पुराने ढर्रे से हटकर स्थायी हल की दिशा में कदम बढ़ाया है। 3600 करोड़ की योजना और श्रीकृष्ण से तुलना समर मुखर्जी के मुताबिक, गंगा कटाव पर स्थायी लगाम कसने के लिए मौजूदा सरकार ने 3600 करोड़ रुपये की एक परियोजना के लिए फंड मंजूर किया है। विधायक को भरोसा है कि इस रकम से जमीन पर असली बदलाव दिखेगा और इलाके के लोगों को आखिरकार राहत मिलेगी। इसी उम्मीद में उन्होंने मुख्यमंत्री से एक कदम आगे बढ़कर गंगा की धारा का रुख मोड़ने की गुजारिश भी की, ताकि रतुआ के अलावा मानिकचक, कालियाचक, मुर्शिदाबाद और नदिया के बड़े हिस्से भी कटाव की मार से बच सकें। भावुक होकर उन्होंने कहा, "मैं आपको पूरे मन से आशीर्वाद देता हूं।" यहीं उन्होंने मुख्यमंत्री की तुलना भगवान श्रीकृष्ण से करते हुए कहा कि वह हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई, हर समुदाय के मुख्यमंत्री हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने सीपीएम, कांग्रेस, कालीघाट तृणमूल और नई तृणमूल का जिक्र भी छेड़ा, मानो यह बताना चाहते हों कि उनकी यह तारीफ किसी दलगत सोच से नहीं बल्कि जमीनी अनुभव से निकली है। अधिकारी परिवार से पुराना है नाता समर मुखर्जी की सियासत नई नहीं है। वह पहली बार 1982 में विधायक चुने गए थे, ठीक उसी दौर में मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी भी पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। यानी दोनों नेताओं का रिश्ता चार दशक से भी ज्यादा पुराना है। इसी पुरानी पहचान का हवाला देते हुए बताया गया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने भी विधानसभा के भीतर समर मुखर्जी की ईमानदारी की सार्वजनिक तौर पर तारीफ की थी। विपक्षी खेमे के एक वरिष्ठ विधायक की तरफ से सत्तापक्ष के मुखिया के लिए इस तरह की खुली और भावुक प्रशंसा ने बंगाल की सियासत में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। इसका आप पर असर यह खबर सीधे तौर पर मालदा और आसपास के जिलों में गंगा किनारे रहने वाले परिवारों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी है। • भारत में: नदी कटाव रोकने के लिए बड़ी सरकारी परियोजनाओं पर होने वाला खर्च और उनकी निगरानी को लेकर सार्वजनिक बहस तेज होगी। इससे अन्य राज्यों में भी नदी कटाव प्रभावित इलाकों के लिए फंड मांगने का दबाव बढ़ सकता है। • मालदा और पश्चिम बंगाल में: रतुआ, मानिकचक, कालियाचक जैसे इलाकों के निवासियों को 3600 करोड़ रुपये की परियोजना से बांध और कटाव रोधी काम में तेजी की उम्मीद बंधी है। जिन परिवारों ने घर और खेत गंवाए हैं, उन्हें राहत सामग्री के अलावा स्थायी पुनर्वास और मुआवजे पर स्थानीय प्रशासन से स्पष्ट जानकारी मांगनी चाहिए। • मुर्शिदाबाद और नदिया में: अगर गंगा की धारा मोड़ने की योजना पर आगे काम होता है तो इन जिलों के गंगा किनारे बसे गांवों की सुरक्षा और जमीन उपयोग की योजना पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए स्थानीय निवासियों को प्रशासनिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ गंगा का कटाव मालदा के भूतनी जैसे इलाकों में हर साल दोहराई जाने वाली समस्या है, और विधायक समर मुखर्जी के मुताबिक इसकी बड़ी वजह पुराने समय में हुआ लापरवाह निर्माण कार्य है। • अवैज्ञानिक बांध निर्माण: विधायक का आरोप है कि पूजा बोनस जुटाने की जल्दबाजी में सालों तक बिना ठोस तकनीकी योजना के बांध बनाए गए, जिससे कटाव की समस्या घटने के बजाय बढ़ती चली गई। • पुराने प्रशासन की अनदेखी: उनके मुताबिक सिद्धार्थ शंकर राय से लेकर ममता बनर्जी तक छह मुख्यमंत्रियों में से किसी ने भी इस समस्या को स्थायी रूप से सुलझाने की गंभीर पहल नहीं की, जिससे साल दर साल प्रभावित परिवारों की संख्या बढ़ती गई। • अब मास्टर प्लान और फंड: विधायक के मुताबिक मौजूदा मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान की बात कही है और 3600 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए फंड मंजूर किया गया है, जिससे स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। सवाल-जवाब 1. समर मुखर्जी कौन हैं? वह रतुआ सीट से टीएमसी के वरिष्ठ विधायक हैं जो पहली बार 1982 में विधायक चुने गए थे। 2. उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की तारीफ कहां और कब की? सोमवार को मालदा के भूतनी इलाके में गंगा कटाव प्रभावित लोगों से मुलाकात के दौरान उन्होंने यह तारीफ की। 3. उन्होंने किन छह मुख्यमंत्रियों के नाम गिनाए? उन्होंने सिद्धार्थ शंकर राय, ज्योति बसु, अजय मुखर्जी, प्रफुल्ल सेन, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ममता बनर्जी का नाम लिया। 4. गंगा कटाव रोकने के लिए किस परियोजना का जिक्र हुआ? 3600 करोड़ रुपये की एक परियोजना का जिक्र किया गया, जिसका मकसद कटाव पर स्थायी लगाम कसना है। 5. विधायक ने मुख्यमंत्री से क्या खास अपील की? उन्होंने गंगा की धारा का रुख मोड़ने की अपील की, ताकि रतुआ के साथ मानिकचक, कालियाचक, मुर्शिदाबाद और नदिया के इलाके भी कटाव से बच सकें। 6. समर मुखर्जी और सुवेंदु अधिकारी के परिवार का पुराना नाता क्या है? समर मुखर्जी जिस साल 1982 में पहली बार विधायक बने, उसी साल सुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी भी पहली बार विधायक बने थे। https://trendkia.com/politics/gnga-katava-para-tmc-vidhayaka-ki-anokhi-taripha-suvendu-adhikari-ko-bataya-krishna-ka-avatara-29375 TrendKia — Har trend, sabse pehle.